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इनकम टैक्स इंस्पेक्टरों की याचिका खारिज
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:44 AM IST
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इनकम टैक्स इंस्पेक्टरों की प्रमोशन संबंधी याचिका खारिज
इनकम टैक्स आफिसर पद पर मांगी थी प्रमोशन
कैट ने सुनवाई के बाद याचिका की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने 10 इनकम टैक्स इंस्पेक्टरों की प्रमोशन और सीनियोरिटी संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। इनकम टैक्स विभाग के दस इंस्पेक्टरों ने विभाग के मई 2017 के सीनियोरिटी लिस्ट और प्रमोशन संबंधी आदेश को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी।
सितंबर 2017 में दायर याचिका में इनकम टैक्स के 10 इंस्पेक्टरों ने विभाग के 26 मई 2017 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने सीनियोरिटी और प्रमोशन का दावा किया था। इंस्पेक्टरों ने 21 अगस्त 2015 को जारी सीनियोरिटी लिस्ट को निरस्त कर उन्हें पूर्व में अन्य कमिश्नरेट में दी गई सेवाओं का लाभ देने की अपील की थी। उन्होंने प्रतिवादी पक्ष को एक ही वर्ष में भर्ती हुए एसएससी सीजीएल बैच के अपने अन्य साथियों के समान आवेदकों को समान लाभ देने की मांग की थी।
याचिकाकर्ता कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल पेपर पास कर 2011 से 2013 के बीच अलग-अलग रीजन में सीधा इंस्पेक्टर पद पर भर्ती हुए थे। बाद में उन्होंने विभिन्न तिथियों पर इनकम टैक्स विभाग के नार्थ वेस्ट रीजन में अलग-अलग जगह ट्रांसफर के लिए आवेदन किया।
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इसके बाद उन्हें पूर्वी रीजन में प्रदान की गई अपनी पिछली सेवा का लाभ न देकर सीनियोरिटी नहीं दी गई। वहीं सीबीडीटी के 14 मई 1990 को जारी सर्कुलर के आधार पर उनके जूनियर्स को प्रमोशन देते हुए उन्हें नार्थ वेस्ट रीजन आवंटित किया गया।
याचिका में उनका दावा था कि तीन साल लगातार सेवा के बाद वह इनकम टैक्स आफिसर ग्रुप बी पोस्ट रिक्रूटमेंट रूल्स 2005 के तहत वह इनकम टैक्स आफिसर (आईटीओ) की पोस्ट के लिए योग्य है। लेकिन, उन्हें पूर्व में दी गई सेवाओं को सीबीडीटी के मई 1990 को जारी सर्कुलर के आधार पर मान्य नहीं करार दिया जा रहा है, जबकि वर्ष 2010 में नया सकुर्लर आ चुका है।
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इनकम टैक्स आफिसर पद पर मांगी थी प्रमोशन
कैट ने सुनवाई के बाद याचिका की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने 10 इनकम टैक्स इंस्पेक्टरों की प्रमोशन और सीनियोरिटी संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। इनकम टैक्स विभाग के दस इंस्पेक्टरों ने विभाग के मई 2017 के सीनियोरिटी लिस्ट और प्रमोशन संबंधी आदेश को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी।
सितंबर 2017 में दायर याचिका में इनकम टैक्स के 10 इंस्पेक्टरों ने विभाग के 26 मई 2017 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने सीनियोरिटी और प्रमोशन का दावा किया था। इंस्पेक्टरों ने 21 अगस्त 2015 को जारी सीनियोरिटी लिस्ट को निरस्त कर उन्हें पूर्व में अन्य कमिश्नरेट में दी गई सेवाओं का लाभ देने की अपील की थी। उन्होंने प्रतिवादी पक्ष को एक ही वर्ष में भर्ती हुए एसएससी सीजीएल बैच के अपने अन्य साथियों के समान आवेदकों को समान लाभ देने की मांग की थी।
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याचिकाकर्ता कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल पेपर पास कर 2011 से 2013 के बीच अलग-अलग रीजन में सीधा इंस्पेक्टर पद पर भर्ती हुए थे। बाद में उन्होंने विभिन्न तिथियों पर इनकम टैक्स विभाग के नार्थ वेस्ट रीजन में अलग-अलग जगह ट्रांसफर के लिए आवेदन किया।
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इसके बाद उन्हें पूर्वी रीजन में प्रदान की गई अपनी पिछली सेवा का लाभ न देकर सीनियोरिटी नहीं दी गई। वहीं सीबीडीटी के 14 मई 1990 को जारी सर्कुलर के आधार पर उनके जूनियर्स को प्रमोशन देते हुए उन्हें नार्थ वेस्ट रीजन आवंटित किया गया।
याचिका में उनका दावा था कि तीन साल लगातार सेवा के बाद वह इनकम टैक्स आफिसर ग्रुप बी पोस्ट रिक्रूटमेंट रूल्स 2005 के तहत वह इनकम टैक्स आफिसर (आईटीओ) की पोस्ट के लिए योग्य है। लेकिन, उन्हें पूर्व में दी गई सेवाओं को सीबीडीटी के मई 1990 को जारी सर्कुलर के आधार पर मान्य नहीं करार दिया जा रहा है, जबकि वर्ष 2010 में नया सकुर्लर आ चुका है।