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Panchkula News: दो साल में तीन करोड़ खर्चे फिर भी शौचालय जाम, बदबू और सीलन से बेहाल मरीज-तीमारदार

Mon, 02 Dec 2024 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2024 01:47 AM IST
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3 crores spent in two years, yet patients and attendants are suffering from toilet jam, bad smell and dampness
सिविल अस्पताल के शौचालय में लगा ताला। संवाद 
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की लीकेज ठीक करने में तीन करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। विभिन्न वार्डों में अंडर रिपेयर का बोर्ड लगाकर जाम शौचालयों को बंद कर दिया गया है। इस कारण यहां से आने वाली बदबू से वार्डों में मौजूद मरीज और तीमारदार परेशान हैं। नई पाइप लाइन नहीं डालने के कारण अभी तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने दो साल में तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं।
उधर पीडब्ल्यूडी का कहना है कि कुछ जगह लीकेज की समस्या है उसको जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। वर्तमान में सभी वार्डों को मिलाकर सेक्टर-6 का सिविल अस्पताल 500 बेड का हो गया है। मरम्मत होने के दो साल बाद भी दीवारों से पानी की लीकेज हो रही है। जनरल वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड, महिला वार्ड सहित अन्य जगह के शौचालय जाम के हालात हैं। पीडियाट्रिक की ओपीडी के पास वाला शौचालय भी खराब है। इमरजेंसी के शौचालय में गंदगी का आलम है।
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पीएम के दौरे के दौरान आनन-फानन में किया था ठीक
नवंबर में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान आनन-फानन में सिविल अस्पताल की व्यवस्था ठीक की गई थी। इसके बाद हालात फिर से जस के तस हो गए हैं। अभी तक इन्हें ठीक नहीं कराया जा सका है। लीकेज को रोकने के लिए सभी जगह पाइप लाइन डाली जानी थी, लेकिन इसे ठीक करने के कुछ दिन बाद फिर से हालात जस के तस बनते जा रहे हैं। मरीज और तीमारदारों का कहना है कि सिविल अस्पताल की व्यवस्था बहुत खराब है। लोग अपनी बीमारी का इलाज कराने यहां आते हैं, लेकिन यहां के हालात इस कदर खराब हैं कि स्वस्थ व्यक्ति यहां आकर बीमार हो जाए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार हर बार काम का एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। अभी तक समस्या का समाधान पूरी तरह नहीं हो पाया है।
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टॉयलेट साफ नहीं होने से रहती है बदबू
अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों ने बताया कि टॉयलेट साफ नहीं होने के कारण बदबू बनी रहती है। इमरजेंसी में इलाज कराने आए राजेश सिंह ने बताया कि टॉयलेट साफ नहीं होने के कारण परेशानी होती है। पिंजौर के हरविंद्र सिंह ने बताया कि उनका तीन साल का बेटा वार्ड में भर्ती है। शौचालय जाम होने की वजह से चारों तरफ बदबू का आलम है।

अस्पताल में गंदगी का आलम है। टॉयलेट को ठीक कराने और पाइप की लीकेज को ठीक करने के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से दो साल में तीन करोड़ का एस्टीमेट बनाकर काम किया गया है। इसके बाद भी इसे ठीक नहीं किया जा सका है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - डॉ. जितेंदर सिंह, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6


सिविल अस्पताल का काम पूरा कर दिया गया है। कुछ एरिया में लीकेज है उसका भी काम जल्द करेंगे। इसके लिए प्रपोजल बना दिया गया है। - आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, पंचकूला
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