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Panchkula News: डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग महिला से 2.98 करोड़ हड़पे
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टेलीकॉम कर्मचारी और सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने बुजुर्ग महिला को डराया
फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों की रकम हड़पी
मोबाइल सेवा बंद और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाए
महिला ने एफडी और म्यूचुअल फंड बेचकर कुल 2.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे डिजिटल हाउस अरेस्ट गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी, सीबीआई अधिकारी और कोर्ट का जज बताकर पंचकूला निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मानसिक रूप से डराया और उनकी जीवनभर की कमाई करीब 2.98 करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़िता ने साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई। इस आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 4 दिसंबर को महिला के मोबाइल फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके नंबर पर शिकायत है इसलिए सेवा तुरंत बंद की जा रही है। इसके बाद कॉल को एक सीबीआई अधिकारी से जोड़ दिया गया। आरोपी ने महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि उनके नाम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।
ठगों ने महिला को भरोसा दिलाने और डराने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज, एफआईआर, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड की डिटेल, पुलिस की तस्वीरें और एक कोर्ट रूम का वीडियो भेजा। इन दस्तावेजों में महिला का नाम और निजी जानकारियां होने के कारण वह घबरा गई।
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आरोपियों ने उनकी उम्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें हाउस अरेस्ट किया जा रहा है और जांच पूरी होने तक किसी से संपर्क नहीं करना है। धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो महिला और उनके बच्चों की जान को खतरा होगा। वीडियो कॉल में फर्जी कोर्ट की कार्यवाही दिखाई गई और जज के आदेश का हवाला देकर महिला से कहा गया कि उनकी सारी संपत्ति की जांच की जाएगी। डर के कारण महिला ने पहले अपनी एफडी तुड़वाकर 59 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद 5 से 12 दिसंबर के बीच अपने सभी म्यूचुअल फंड रिडीम कराकर लगभग 2.39 करोड़ रुपये अन्य खाते में जमा कर दिए। ठग लगातार वीडियो और ऑडियो कॉल के जरिए महिला को भरोसा दिलाते रहे कि जांच पूरी होने के बाद रकम ब्याज सहित लौटाई जाएगी।जब उनसे और पैसों की मांग की गई तब महिला को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई।
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फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों की रकम हड़पी
मोबाइल सेवा बंद और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाए
महिला ने एफडी और म्यूचुअल फंड बेचकर कुल 2.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे डिजिटल हाउस अरेस्ट गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी, सीबीआई अधिकारी और कोर्ट का जज बताकर पंचकूला निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मानसिक रूप से डराया और उनकी जीवनभर की कमाई करीब 2.98 करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़िता ने साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई। इस आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 4 दिसंबर को महिला के मोबाइल फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके नंबर पर शिकायत है इसलिए सेवा तुरंत बंद की जा रही है। इसके बाद कॉल को एक सीबीआई अधिकारी से जोड़ दिया गया। आरोपी ने महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि उनके नाम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।
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ठगों ने महिला को भरोसा दिलाने और डराने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज, एफआईआर, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड की डिटेल, पुलिस की तस्वीरें और एक कोर्ट रूम का वीडियो भेजा। इन दस्तावेजों में महिला का नाम और निजी जानकारियां होने के कारण वह घबरा गई।
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आरोपियों ने उनकी उम्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें हाउस अरेस्ट किया जा रहा है और जांच पूरी होने तक किसी से संपर्क नहीं करना है। धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो महिला और उनके बच्चों की जान को खतरा होगा। वीडियो कॉल में फर्जी कोर्ट की कार्यवाही दिखाई गई और जज के आदेश का हवाला देकर महिला से कहा गया कि उनकी सारी संपत्ति की जांच की जाएगी। डर के कारण महिला ने पहले अपनी एफडी तुड़वाकर 59 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद 5 से 12 दिसंबर के बीच अपने सभी म्यूचुअल फंड रिडीम कराकर लगभग 2.39 करोड़ रुपये अन्य खाते में जमा कर दिए। ठग लगातार वीडियो और ऑडियो कॉल के जरिए महिला को भरोसा दिलाते रहे कि जांच पूरी होने के बाद रकम ब्याज सहित लौटाई जाएगी।जब उनसे और पैसों की मांग की गई तब महिला को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई।