{"_id":"601ef9488ebc3ed1ad6fff4d","slug":"291-villages-of-punjab-free-from-contaminated-water-ro-water-reach-panchkula-news-pkl4031384139","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूषित जल से पंजाब के 291 गांव होंगे मुक्त, पहुंचेगा आरओ का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूषित जल से पंजाब के 291 गांव होंगे मुक्त, पहुंचेगा आरओ का पानी
विज्ञापन
चंडीगढ़। आर्सेनिक या हैवी मेटल, फ्लोरायड युक्त दूषित पानी से पंजाब के नौ जिलों के लोगों को जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी। पंजाब सरकार इन जिलों में आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट या आरओ प्लांट स्थापित कर रही है। जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की ओर से लगाए जा रहे इन प्लांटों का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा। तीन जिलों अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में विभाग पहले ही प्लांट स्थापित कर चुका है।
पंजाब में अधिकांश जिलों में आर्सेनिक या हैवी मेटल, फ्लोरायड प्रभावित दूषित पानी है। यहां पर नहरों से भी शुद्ध जल की आपूर्ति संभव नहीं है। लोगों को शुद्ध जल मिल सके इसको लेकर पंजाब सरकार ने शुद्ध जल आपूर्ति मुहिम शुरू की है। मुहिम के तहत ही पंजाब सरकार मार्च 2021 तक अमृतसर, पटियाला, फिरोजपुर, गुरदासपुर, जालंधर, तरनतारन, कपूरथला, लुधियाना और एसबीएस नगर के कुल 291 गांवों के लोगों को शुद्ध पीने लायक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों के 102 गांवों में पहले ही आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और फिरोजपुर के 131 गांव, जहां के पानी में आर्सेनिक तत्व हैं, में 38.62 करोड़ रुपये की लागत से आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट लगाए जा रहे हैं। 102 गांवों में 22.28 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रोजेक्ट पूरा भी कर लिया गया है और इन गांवों की 1 लाख 38 हजार 959 आबादी को अब शुद्ध पानी मुहैया करवाया जा रहा है। बाकी गांवों में मार्च 2021 तक प्रोजेक्ट पूरे कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
54 गांवों में आर्सेनिक की मात्रा अधिक
अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों के जिन 54 गांवों में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा है और नहरी पानी आधारित स्कीमों को पूरा होने में लगभग 2 साल का समय लगने की संभावना है, उन गांवों को तुरंत साफ पानी मुहैया करवाने के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके तहत डिसेंट्रलाइज्ड इंडीव्युअल आर्सेनिक प्यूरीफिकेशन यूनिट हर घर को दिया जाएगा।
आईआईटी मद्रास ने बनाई यूनिट
यह प्यूरीफिकेशन यूनिट आईआईटी मद्रास द्वारा तैयार की गई तकनीक पर आधारित है। सिर्फ इस प्रोजेक्ट की लागत 4.85 करोड़ है। इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले इसका ट्रायल तरनतारन जिले के एक गांव रदालके में किया गया था, जो कामयाब रहा है। यह प्रोजेक्ट भी मार्च 2021 तक पूरा हो जाएगा।
पंजाब के गांवों को शुद्ध पानी मुहैया करवाने के लिए जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग द्वारा बहुत सी स्कीमें शुरू की गई हैं। हर घर पानी हर घर सफाई मिशन के अंतर्गत 255 करोड़ रुपये की लागत से 112 प्रोजेक्टों का उद्घाटन हो चुका है, जबकि 52 करोड़ से भी ज्यादा के 154 प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं। इनके अलावा 845.44 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के अलग-अलग 1822 नींव पत्थर भी रखे हैं।
- रजिया सुल्ताना, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री, पंजाब सरकार।
विज्ञापन
पंजाब में अधिकांश जिलों में आर्सेनिक या हैवी मेटल, फ्लोरायड प्रभावित दूषित पानी है। यहां पर नहरों से भी शुद्ध जल की आपूर्ति संभव नहीं है। लोगों को शुद्ध जल मिल सके इसको लेकर पंजाब सरकार ने शुद्ध जल आपूर्ति मुहिम शुरू की है। मुहिम के तहत ही पंजाब सरकार मार्च 2021 तक अमृतसर, पटियाला, फिरोजपुर, गुरदासपुर, जालंधर, तरनतारन, कपूरथला, लुधियाना और एसबीएस नगर के कुल 291 गांवों के लोगों को शुद्ध पीने लायक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों के 102 गांवों में पहले ही आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और फिरोजपुर के 131 गांव, जहां के पानी में आर्सेनिक तत्व हैं, में 38.62 करोड़ रुपये की लागत से आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट लगाए जा रहे हैं। 102 गांवों में 22.28 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रोजेक्ट पूरा भी कर लिया गया है और इन गांवों की 1 लाख 38 हजार 959 आबादी को अब शुद्ध पानी मुहैया करवाया जा रहा है। बाकी गांवों में मार्च 2021 तक प्रोजेक्ट पूरे कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
54 गांवों में आर्सेनिक की मात्रा अधिक
अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों के जिन 54 गांवों में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा है और नहरी पानी आधारित स्कीमों को पूरा होने में लगभग 2 साल का समय लगने की संभावना है, उन गांवों को तुरंत साफ पानी मुहैया करवाने के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके तहत डिसेंट्रलाइज्ड इंडीव्युअल आर्सेनिक प्यूरीफिकेशन यूनिट हर घर को दिया जाएगा।
आईआईटी मद्रास ने बनाई यूनिट
यह प्यूरीफिकेशन यूनिट आईआईटी मद्रास द्वारा तैयार की गई तकनीक पर आधारित है। सिर्फ इस प्रोजेक्ट की लागत 4.85 करोड़ है। इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले इसका ट्रायल तरनतारन जिले के एक गांव रदालके में किया गया था, जो कामयाब रहा है। यह प्रोजेक्ट भी मार्च 2021 तक पूरा हो जाएगा।
पंजाब के गांवों को शुद्ध पानी मुहैया करवाने के लिए जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग द्वारा बहुत सी स्कीमें शुरू की गई हैं। हर घर पानी हर घर सफाई मिशन के अंतर्गत 255 करोड़ रुपये की लागत से 112 प्रोजेक्टों का उद्घाटन हो चुका है, जबकि 52 करोड़ से भी ज्यादा के 154 प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं। इनके अलावा 845.44 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के अलग-अलग 1822 नींव पत्थर भी रखे हैं।
- रजिया सुल्ताना, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री, पंजाब सरकार।