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पंजाब में किसानों को अब तक 2600 करोड़ की सीधी अदायगी : आशु
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चंडीगढ़। पंजाब के किसानों को गेहूं की खरीद संबंधी मंगलवार तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम के अंतर्गत 2600 करोड़ रुपये की सीधी अदायगी की जा चुकी है। यह जानकारी पंजाब के खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशु ने दी। उन्होंने बताया कि गत दिवस तक 1141 करोड़ रुपये की अदायगी कर दी गई थी। 1500 करोड़ रुपये मंगलवार तक क्लियर हो गए हैं और कल तक कुल 4200 करोड़ रुपये की अदायगियों को भी क्लियर कर दिया जाएगा। उन्होंने राज्य के किसानों को विश्वास दिलाया कि उनकी फसल गेहूं का एक-एक दाना पंजाब सरकार द्वारा हर हाल में खरीदा जाएगा।
आशु ने जारी प्रेस बयान में कहा कि राज्य की मंडियों में 54 लाख टन गेहूं की आमद हुई है। इसमें से पहले ही 50 लाख टन की खरीद की जा चुकी है और 20 लाख टन गेहूं पहले ही अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा ढुलाई की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में खरीद और ढुलाई में और तेजी लाई जाएगी। बारदाना (खाली बोरियों) के मुद्दे पर आशु ने कहा कि कोरोना महामारी और पश्चिमी बंगाल में मतदान के कारण बहुत सी जुट मिलें बंद हैं, जिससे देश भर में बारदाने की भारी किल्लत आई है। उन्होंने यह मुद्दा भारत के जूट कमिश्नर के समक्ष भी उठाया था, लेकिन वह पंजाब की मदद करने में असफल रहे। शुरू में बारदाने की कुछ कमी थी, लेकिन अब मामला सुलझ गया है। 12 अप्रैल को भारत सरकार ने आढ़तियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बरदाने का प्रयोग के लिए राज्य सरकार को इजाजत दे दी थी, जिसके लिए 41.90 रुपये प्रति बोरी मूल्य निर्धारित किया गया है।
डीबीटी के मुद्दे पर आशु ने कहा कि पंजाब सरकार पिछले 18 महीनों से किसानों को सीधी अदायगी कर रही है और भरोसा दिलाया है कि हर किसान को अदायगी निर्धारित समय के अंदर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसान और आढ़तिये (कमीशन एजेंट) दोनों ही चल रही गेहूं की खरीद से खुश हैं।
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आशु ने जारी प्रेस बयान में कहा कि राज्य की मंडियों में 54 लाख टन गेहूं की आमद हुई है। इसमें से पहले ही 50 लाख टन की खरीद की जा चुकी है और 20 लाख टन गेहूं पहले ही अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा ढुलाई की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में खरीद और ढुलाई में और तेजी लाई जाएगी। बारदाना (खाली बोरियों) के मुद्दे पर आशु ने कहा कि कोरोना महामारी और पश्चिमी बंगाल में मतदान के कारण बहुत सी जुट मिलें बंद हैं, जिससे देश भर में बारदाने की भारी किल्लत आई है। उन्होंने यह मुद्दा भारत के जूट कमिश्नर के समक्ष भी उठाया था, लेकिन वह पंजाब की मदद करने में असफल रहे। शुरू में बारदाने की कुछ कमी थी, लेकिन अब मामला सुलझ गया है। 12 अप्रैल को भारत सरकार ने आढ़तियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बरदाने का प्रयोग के लिए राज्य सरकार को इजाजत दे दी थी, जिसके लिए 41.90 रुपये प्रति बोरी मूल्य निर्धारित किया गया है।
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डीबीटी के मुद्दे पर आशु ने कहा कि पंजाब सरकार पिछले 18 महीनों से किसानों को सीधी अदायगी कर रही है और भरोसा दिलाया है कि हर किसान को अदायगी निर्धारित समय के अंदर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसान और आढ़तिये (कमीशन एजेंट) दोनों ही चल रही गेहूं की खरीद से खुश हैं।
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