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Panchkula News: पंचूकला में 233 लोग बने निक्षय मित्र, 90 फीसदी टीबी मरीज हो रहे ठीक
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पंचकूला। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए टीबी से ग्रस्त मरीजों को संस्था और जनप्रतिनिधि गोद ले रहे हैं। अब तक 233 ‘निक्षय मित्र’ टीबी के 700 मरीजों को गोद ले चुके हैं। इससे टीबी के 90 फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं। अब टीबी के मरीजों को जल्द ही अन्य संस्थाएं भी गोद लेंगी। अब तक पंचकूला जिले में टीबी के मरीज 3904 मरीज हैं। इसमें वर्ष 2025 में अब जनवरी से सितंबर तक 1564 मरीज सामने आए हैं।
पंचकूला टीबी जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि टीबी ग्रस्त मरीजों को अब सरपंच, मेयर, विधायक, अधिकारी और सामाजिक संस्था की ओर से गोद लिया जा सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है। इसमेंं टीबी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए गोद लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग जागरूक कर रहा है। गोद लेने वाले मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार किट निक्षय मित्र हर महीने उपलब्ध कराएंगे। इससे मरीजों को अच्छी डाइट मिल सकेगी और वह टीबी से मुक्त हो सकेंगे।
गोद लिए मरीजों को दी जाती है प्रोटीन युक्त डाइट
डाॅ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि टीबी मरीज को गोद लेने वाला व्यक्ति प्रत्येक महीने प्रोटीन युक्त डाइट देता है। इसमें मुख्य रूप से दाल, सोयाबीन, पाउडर या कोई भी प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ हो सकता है। टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त डाइट मिलने से उनके ऊपर आर्थिक बोझ कम हो जाता है और दवाओं का असर भी जल्दी होता है। इससे नियमित रूप से दवा लेने पर व्यक्ति फिर से स्वस्थ हो जाता है।
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सैंपलिंग जरूर करवाएं
डॉ. छाबड़ा ने कहा कि अगर किसी मरीज की इम्युनिटी कम है। मरीज अगर शुगर, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसे जांच जरूर करवाना चाहिए। जांच के माध्यम से बीमारी का पता चल जाता है और इलाज जल्दी शुरू होने पर समय पर इलाज हो पाता है। इससे लोगों को टीबी मुक्त किया जा सकेगा।
टीबी से जिले को मुक्त करने के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। इससे हमारी संस्थाओं से बात चल रही है। जल्द ही हम एक हजार मरीजोंं को डाइट उपलब्ध करवाएंगे जिससे कि वह टीबी मुक्त हो सकें। -डॉ. संजय छाबड़ा, जिला टीबी नोडल अधिकारी, पंचकूला
पंचकूला टीबी जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि टीबी ग्रस्त मरीजों को अब सरपंच, मेयर, विधायक, अधिकारी और सामाजिक संस्था की ओर से गोद लिया जा सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है। इसमेंं टीबी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए गोद लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग जागरूक कर रहा है। गोद लेने वाले मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार किट निक्षय मित्र हर महीने उपलब्ध कराएंगे। इससे मरीजों को अच्छी डाइट मिल सकेगी और वह टीबी से मुक्त हो सकेंगे।
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गोद लिए मरीजों को दी जाती है प्रोटीन युक्त डाइट
डाॅ. संदीप छाबड़ा ने बताया कि टीबी मरीज को गोद लेने वाला व्यक्ति प्रत्येक महीने प्रोटीन युक्त डाइट देता है। इसमें मुख्य रूप से दाल, सोयाबीन, पाउडर या कोई भी प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ हो सकता है। टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त डाइट मिलने से उनके ऊपर आर्थिक बोझ कम हो जाता है और दवाओं का असर भी जल्दी होता है। इससे नियमित रूप से दवा लेने पर व्यक्ति फिर से स्वस्थ हो जाता है।
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सैंपलिंग जरूर करवाएं
डॉ. छाबड़ा ने कहा कि अगर किसी मरीज की इम्युनिटी कम है। मरीज अगर शुगर, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसे जांच जरूर करवाना चाहिए। जांच के माध्यम से बीमारी का पता चल जाता है और इलाज जल्दी शुरू होने पर समय पर इलाज हो पाता है। इससे लोगों को टीबी मुक्त किया जा सकेगा।
टीबी से जिले को मुक्त करने के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। इससे हमारी संस्थाओं से बात चल रही है। जल्द ही हम एक हजार मरीजोंं को डाइट उपलब्ध करवाएंगे जिससे कि वह टीबी मुक्त हो सकें। -डॉ. संजय छाबड़ा, जिला टीबी नोडल अधिकारी, पंचकूला