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Panchkula News: सीबीआई व ईडी अधिकारी बन करोड़ों की ठगी करने वाले 22 आरोपी गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना। सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले 22 आरोपियों को साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार किया है। खन्ना की एसएसपीडॉ. ज्योति यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि खन्ना पुलिस स्टेशन साइबर क्राइम ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 14.34 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही चोरी व गुमशुदा केसों में करीब 100 मोबाइल ढूंढकर वारिसों को सौंपे गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि पहला मामला संजीव पांधी निवासी माछीवाड़ा का था, जिनकी शिकायत थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनको टेलीग्राम एप के जरिए फंसाकर एक फर्जी कंपनी में ऑनलाइन ट्रेडिंग करवाई। शिकायतकर्ता से करीब 3.72 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में आरोपी गुरजोत सिंह और परविंदर सिंह उर्फ टोनी समेत कई लोग गिरफ्तार किए गए। इस मामले में करीब 9.35 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। नीरज सिंघानिया, सरिता सिंघानिया और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
दूसरा मामला 2.65 करोड़ की ठगी का है। जिसमें माछीवाड़ा निवासी महेंद्र प्रताप सिंह गिल ने शिकायत दी थी। अज्ञात कॉलर ने खुद को कानून प्रवर्तन निरीक्षक बताकर फर्जी तरीके से बैंक खातों की जांच के नाम पर उसे धमकाया और 2.65 करोड़ रुपये हड़प लिए। इस जांच में सामने आया कि जालंधर के तारिक कुलजीत सिंह और मोहन सिंह इसमें शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में करीब पांच लाख रुपये बरामद किए हैं। इस विशेष मुहिम के दौरान साइबर क्राइम टीम ने 100 गुमशुदा मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आरोपी गिरोह के सदस्य लोगों को फोन करके खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते थे। वे नकली पहचान पत्र और फर्जी कॉलिंग एप का इस्तेमाल कर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका नाम किसी मनी लॉन्ड्रिंग या गंभीर अपराध में आ चुका है। इसके बाद उन्हें डराकर कहा जाता था कि अगर वे तुरंत पैसे नहीं देंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इस दबाव में आकर लोग लाखों-करोड़ों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर देते थे।
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खन्ना। सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले 22 आरोपियों को साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार किया है। खन्ना की एसएसपीडॉ. ज्योति यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि खन्ना पुलिस स्टेशन साइबर क्राइम ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 14.34 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही चोरी व गुमशुदा केसों में करीब 100 मोबाइल ढूंढकर वारिसों को सौंपे गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि पहला मामला संजीव पांधी निवासी माछीवाड़ा का था, जिनकी शिकायत थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनको टेलीग्राम एप के जरिए फंसाकर एक फर्जी कंपनी में ऑनलाइन ट्रेडिंग करवाई। शिकायतकर्ता से करीब 3.72 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में आरोपी गुरजोत सिंह और परविंदर सिंह उर्फ टोनी समेत कई लोग गिरफ्तार किए गए। इस मामले में करीब 9.35 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। नीरज सिंघानिया, सरिता सिंघानिया और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
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दूसरा मामला 2.65 करोड़ की ठगी का है। जिसमें माछीवाड़ा निवासी महेंद्र प्रताप सिंह गिल ने शिकायत दी थी। अज्ञात कॉलर ने खुद को कानून प्रवर्तन निरीक्षक बताकर फर्जी तरीके से बैंक खातों की जांच के नाम पर उसे धमकाया और 2.65 करोड़ रुपये हड़प लिए। इस जांच में सामने आया कि जालंधर के तारिक कुलजीत सिंह और मोहन सिंह इसमें शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में करीब पांच लाख रुपये बरामद किए हैं। इस विशेष मुहिम के दौरान साइबर क्राइम टीम ने 100 गुमशुदा मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आरोपी गिरोह के सदस्य लोगों को फोन करके खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते थे। वे नकली पहचान पत्र और फर्जी कॉलिंग एप का इस्तेमाल कर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका नाम किसी मनी लॉन्ड्रिंग या गंभीर अपराध में आ चुका है। इसके बाद उन्हें डराकर कहा जाता था कि अगर वे तुरंत पैसे नहीं देंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इस दबाव में आकर लोग लाखों-करोड़ों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर देते थे।
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