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पीजीआई रोहतक के ऑर्थो विभाग प्रमुख प्रो. आरसी सिवाच को राहत से हाईकोर्ट का इनकार-Cordination

Tue, 18 Dec 2018 02:31 AM IST
Updated Tue, 18 Dec 2018 02:31 AM IST
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पीजीआई रोहतक के ऑर्थो विभाग प्रमुख प्रो. आरसी सिवाच को राहत से हाईकोर्ट का इनकार-Cordination
पीजीआई रोहतक के ऑर्थो विभाग प्रमुख प्रो. आरसी सिवाच को राहत से हाईकोर्ट का इनकार
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निलंबन के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की थी हाईकोर्ट में याचिका
नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन की टीम ने रिपोर्ट में की थी सिवाच के खिलाफ टिप्पणी
इसे आधार बना वीसी ने जारी किया था निलंबन का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/रोहतक। पीजीआई, रोहतक के ऑर्थो विभाग के प्रमुख आरसी सिवाच की निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने पीजीआई, रोहतक को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

याचिका दाखिल करते हुए सिवाच ने कहा कि नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन की टीम ने दौरे के बाद रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें याची के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की गई थी। ऐसे में उनके खिलाफ टिप्पणियां र्हुइं। इन्हीं के आधार पर वीसी ने उन्हें निलंबित कर दिया। याची ने कहा कि उन्हें नियुक्त करने वाली अथॉरिटी एग्जीक्यूटिव काउंसिल होती है और ऐसे में निलंबन के आदेश भी ईसी ही जारी कर सकती है। वीसी को इस प्रकार के आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही जांच के लिए जो चीफ विजिलेंस ऑफिसर बनाया गया था उससे उनका वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा है। इस पर यूनिवर्सिटी की ओर से कैविएट दाखिल करने वाले एडवोकेट तीव्र शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि याची द्वारा दी गई दलीलें सही नहीं है क्योकि सरकार के कहने पर ही जांच के आदेश दिए गए थे और जांच अधिकारी की नियुक्ति भी सरकार के आदेश पर ही हुई है। हाईकोर्ट से याची ने निलंबन आदेश खारिज करने की मांग की तो शर्मा ने कहा कि निलंबन आदेश कोई सजा नहीं है बल्कि एक प्रक्त्रिस्या है और याची इसमें सहयोग करे ताकि जांच पूरी हो सके। यदि वह दोषी नहीं होंगे तो उनके खिलाफ कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने पीजीआई को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हॅै।
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