फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   एक शाम हरियाणा के नाम

एक शाम हरियाणा के नाम

Wed, 12 Dec 2018 01:43 AM IST
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
एक शाम हरियाणा के नाम
मेरा दामण सिमादे ओ ओ नन्दी के वीरा..
विज्ञापन


टैगोर थियेटर में आयोजित एक शाम हरियाणा के नाम कायक़्रम में हरियाणवी डांस ने जीता ऑडियंस का दिल

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मेरा दामण सिमादे ओ ओ नन्दी के वीरा...गीत जैसे ही हरियाणवी कलाकारों ने टैगोर थियेटर में पेश किया ऑडियंस ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम था एक शाम हरियाणा के नाम। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा कला परिषद और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा किया गया। इस अवसर पर हरियाणवी संस्कृति से जुड़े लोकनृत्यों और हरियाणवी रागनियों को पेश किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित करके किया गया। कौशिक नाट्य नृत्य अकादमी भिवानी द्वारा म्यूजिकल धुन गूंगा धमोड़ा पर छह युवाओं ने बेहतरीन नृत्य पेश किया। इसके बाद हरियाणा का घूमर डांस पेश किया गया। इसमें दस लड़कियों ने परफार्म कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस नृत्य के माध्यम से पति और पत्नी के बीच की नोंक झोंक दिखाई गई। इसके बाद कन्या पर आधारित एक रागिनी कमल ने पेश की। इस रागिनी के बोल थे बिना खोट मत मरवावे सुण ले मेरी माईं। यह रागिनी वास्तव में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का संदेश देने के लिए तैयार की गई थी। इसके बाद अभिषेक द्वारा एकल नृत्य किसानों पर आधारित पेश किया गया। किसानों पर आधारित इस गीत के बोल थे माटी गैल्या माटी सब सीली सारी ताती। इसके बाद देवर भाभी के प्यार को दर्शाता नृत्य मेरे पाछे पाछे आवन का कौण सा मतलब तेरा सै गीत पेश किया गया। इसके साथ ही एक रागिनी पेश की गई जिसे करण सैणी ने पेश किया। इसके बोल थे पाणी आली पानी प्या दे। इस मौके पर कोरियोग्राफ र पवन कौशिक ने कोरियोग्राफी की। इस मौके पर मंच संचालन राम निवास शर्मा ने किया।
विज्ञापन


हरियाणवी डांस को अंतरराष्ट्रीय लेवल पर ले जाऊंगी : रेनू
चरखीदादरी की रहने वाली रेनू ने बताया कि वह सात साल से हरियाणवी फोक कर रही हैं। इसके अलावा वह अन्य को भी इसे सीखा रही हैं। उन्होंने बताया कि गुवहाटी, शिमला, गोवा, चेन्नई और मिजोरम में वह परफारमेंस दे चुकी हैं। उनका प्रयास है कि वह इंटरनेशनल स्तर पर हरियाणवी डांस लेकर जाएं। गोहाना हरियाणा की रहने वाली प्रियंका ने बताया कि वह सात साल से हरियाणवी फोक नृत्य सीख रही हैं। उन्होंने गुजरात, गोवा, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश जैसी स्टेट्स में परफार्म किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के बाद डांस परफार्म करना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणवी कल्चर को प्रमोट करना लक्ष्य : कौशिक
हरियाणवी कल्चर को प्रमोट करने में सुनील कौशिक का जवाब नहीं। वह एक कोरियोग्राफर हैं और बचपन से ही उनको डांस का शौक था। उन्होंने अब तक 12 बार विदेशों में परफारमेंस दे चुके हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, दुबई, करात, सिडनी के साथ जकार्ता में प्रोग्राम किए हैं। सुनील कौशिक का चयन डांस इंडिया डांस में हुआ था और वहां भी उन्होंने हरियाणवी डांस की किया। सुनील कौशिक ने कहा कि हरियाणा का लोक नृत्य काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि घूमर, धमाल, भाभी देवर का डांस जैसे नृत्य काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed