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डॉ. की गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:16 AM IST
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यूएस निवासी से धोखाधड़ी में गिरफ्तारी पर रोक से इनकार
- यूएस निवासी महिला ने सेक्टर-21 निवासी डॉक्टर लगाया था आरोप
- डॉक्टर ने किया था जबड़े का ऑपरेशन, कुछ दिनों में ही जबड़ा खराब
- डॉक्टर पर बाद में मदद भी नहीं करने का था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने यूएस निवासी से धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में सेक्टर-21 निवासी डॉक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। सेक्टर-21 में एडवांस डेंटल केयर के संचालक डॉ. मोहन धवन (33) ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। धवन के खिलाफ सेक्टर-19 थाना पुलिस ने 19 मार्च 2018 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया था।
इससे पहले थाना पुलिस ने यूएस निवासी जी डिसूजा की शिकायत पर संबंधित मामला दर्ज किया था। पुलिस में दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि उन्होंने डॉ. धवन से अपने जबड़े का इलाज कराया था, जो कि इलाज के बाद गिर गए थे। उन्होंने 10500 यूएस डॉलर का डेंटल टूरिज्म पैकेज लिया था। इसमें दांतों का इलाज, फाइव स्टार होटल में स्टे, आने-जाने का किराया, आगरा, शिमला घूमना भी शामिल था।
वहीं उन्होंने डॉ. धवन को इलाज के लिए 7,13,437 रुपये का भुगतान चेक से किया था। इसकी एवज में अस्पातल के मैनेजर ने उन्हें आगे भी सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया था। साथ ही अगर वह इलाज से संतुष्ट न हुई तो उन्हें उसकी पूरी राशि का भुगतान वापस कर दिया जाएगा। 24 अगस्त 2017 को यूएसए पहुंचने के दो दिन बाद ही उनके जबड़े के ऊपरी हिस्से का क्राउन निकल गया और उनके दांत भी गिर गए। इस पर उन्होंने डॉ. धवन से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने उन्हें कोई सहयोग नहीं किया। इसके बाद उन्होंने संपर्क भी नहीं किया और यहां तक कि उनके फोन तक रिसीव करने बंद कर दिए। डिसूजा के अनुसार उन्होंने 1500 यूएस डॉलर इलाज यूएसस में जाकर और खर्च किए।
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इस पर डॉ. धवन ने अदालत में दायर याचिका में कहा था कि केस में उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। वह पुलिस जांच ज्वाइन करने को तैयार हैं, लेकिन अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद डॉ. धवन की याचिका खारिज कर दी।
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- यूएस निवासी महिला ने सेक्टर-21 निवासी डॉक्टर लगाया था आरोप
- डॉक्टर ने किया था जबड़े का ऑपरेशन, कुछ दिनों में ही जबड़ा खराब
- डॉक्टर पर बाद में मदद भी नहीं करने का था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने यूएस निवासी से धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में सेक्टर-21 निवासी डॉक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। सेक्टर-21 में एडवांस डेंटल केयर के संचालक डॉ. मोहन धवन (33) ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। धवन के खिलाफ सेक्टर-19 थाना पुलिस ने 19 मार्च 2018 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया था।
इससे पहले थाना पुलिस ने यूएस निवासी जी डिसूजा की शिकायत पर संबंधित मामला दर्ज किया था। पुलिस में दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि उन्होंने डॉ. धवन से अपने जबड़े का इलाज कराया था, जो कि इलाज के बाद गिर गए थे। उन्होंने 10500 यूएस डॉलर का डेंटल टूरिज्म पैकेज लिया था। इसमें दांतों का इलाज, फाइव स्टार होटल में स्टे, आने-जाने का किराया, आगरा, शिमला घूमना भी शामिल था।
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वहीं उन्होंने डॉ. धवन को इलाज के लिए 7,13,437 रुपये का भुगतान चेक से किया था। इसकी एवज में अस्पातल के मैनेजर ने उन्हें आगे भी सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया था। साथ ही अगर वह इलाज से संतुष्ट न हुई तो उन्हें उसकी पूरी राशि का भुगतान वापस कर दिया जाएगा। 24 अगस्त 2017 को यूएसए पहुंचने के दो दिन बाद ही उनके जबड़े के ऊपरी हिस्से का क्राउन निकल गया और उनके दांत भी गिर गए। इस पर उन्होंने डॉ. धवन से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने उन्हें कोई सहयोग नहीं किया। इसके बाद उन्होंने संपर्क भी नहीं किया और यहां तक कि उनके फोन तक रिसीव करने बंद कर दिए। डिसूजा के अनुसार उन्होंने 1500 यूएस डॉलर इलाज यूएसस में जाकर और खर्च किए।
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इस पर डॉ. धवन ने अदालत में दायर याचिका में कहा था कि केस में उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। वह पुलिस जांच ज्वाइन करने को तैयार हैं, लेकिन अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद डॉ. धवन की याचिका खारिज कर दी।