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दो पर आरोप तय
Updated Tue, 11 Jul 2017 08:59 PM IST
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जालंधर बेस कंपनी के मालिकों पर आरोप तय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने जालंधर बेस ट्रेवल कंपनी के दो प्रोपराइटरों पर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। दोनों प्रोपराइटरों सुरेंद्र पाल सिंह और विवेक वधावान के खिलाफ 25 सितंबर से आईपीसी 420, 467, 468, 471, 120बी के अलावा इमिग्रेशन एक्ट 1983 सेक्शन 24 के तहत केस का ट्रायल शुरू होगा। दोनों आरोपी जालंधर में बिपाशा इंटरनेशनल ट्रैवल्स के नाम से कंपनी चलाते हैं। सीबीआई ने इनके खिलाफ केस दर्ज किया था।
मामला 2013-14 का है। दोनों पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर 14 लोगों को देश से बाहर भेजने के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस देने का आरोप लगा था। इसके लिए दोनों ने फर्जी डिमांड लेटर, पॉवर ऑफ अटार्नी वर्क कांट्रैक्ट पर सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए थे। इससे सरकारी फीस नहीं देनी पड़ी थी। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी ट्रैवल कंपनी की आड़ में इमिग्रेशन का काम कर रहे थे। इसके अलावा दोनों ने 20 अन्य अकुशल लोगों को कुशल वर्ग में दिखाकर उनके नाम से फर्जी ट्रांसलेशन संबंधी दस्तावेज चंडीगढ़ स्थित इमिग्रशन कार्यालय में भेजे थे।
- सीबीआई ने दर्ज किया था केस, 29 सितंबर से शुरू होगा ट्रायल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने जालंधर बेस ट्रेवल कंपनी के दो प्रोपराइटरों पर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। दोनों प्रोपराइटरों सुरेंद्र पाल सिंह और विवेक वधावान के खिलाफ 25 सितंबर से आईपीसी 420, 467, 468, 471, 120बी के अलावा इमिग्रेशन एक्ट 1983 सेक्शन 24 के तहत केस का ट्रायल शुरू होगा। दोनों आरोपी जालंधर में बिपाशा इंटरनेशनल ट्रैवल्स के नाम से कंपनी चलाते हैं। सीबीआई ने इनके खिलाफ केस दर्ज किया था।
मामला 2013-14 का है। दोनों पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर 14 लोगों को देश से बाहर भेजने के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस देने का आरोप लगा था। इसके लिए दोनों ने फर्जी डिमांड लेटर, पॉवर ऑफ अटार्नी वर्क कांट्रैक्ट पर सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए थे। इससे सरकारी फीस नहीं देनी पड़ी थी। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी ट्रैवल कंपनी की आड़ में इमिग्रेशन का काम कर रहे थे। इसके अलावा दोनों ने 20 अन्य अकुशल लोगों को कुशल वर्ग में दिखाकर उनके नाम से फर्जी ट्रांसलेशन संबंधी दस्तावेज चंडीगढ़ स्थित इमिग्रशन कार्यालय में भेजे थे।
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- सीबीआई ने दर्ज किया था केस, 29 सितंबर से शुरू होगा ट्रायल