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रंगाें का त्योहार होली
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रंगों से सजा बाजार, ट्राइसिटी में हर्बल रंगों की अधिक मांग
-होली को लेकर खासा क्रेज, लोगों ने शुरू की रंगों की खरीदारी
-130 रुपये किलो बाजार में हर्बल कलर उपलब्ध
- 70 से लेकर 100 रुपये किलो तक मिल रहा अबीर, गुलाल
- पक्के रंगों को लेने के लिए दुकानाें तक पहुंच रहे लोग
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़। होली के रंग से ट्राइसिटी की दुकानें सज चुकी हैं। इस बार लोगों में हर्बल रंगों की डिमांड सबसे ज्यादा है। इससे खास वजह यह है कि इससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता। इसके विपरीत जहरीले रासायनिक रंगों से त्वचा को संक्रमण और आंखों को नुकसान या अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।
होली को मात्र दिन ही बचे हैं। ऐसे में रंगों की खरीदारी के लिए दुकानों में भीड़ लगनी शुरू हो गई। देश के अलग अलग शहराें से रंग सिटी में पहुंच चुके हैं। दुकानाें पर सूखे, वाटर कलर के साथ साथ हर्बल रंग की जबर्दस्त डिमांड भी है। ऐसे में दुकानदार अधिक से अधिक हर्बल रंग मंगवा रहे हैं, ताकि ट्राइसिटी के लोगाें को इस होली पर रंगाें की कमी नही खले। इस बार छत्तीसगढ़ और यूपी से खास रंगाें को मंगाया गया है, ताकि ट्राइसिटी रंगों से सराबोर हो जाए। थोक की बात की जाए तो इस बार बाजार में 70 रुपये से लेकर 100 रुपये तक किलो का गुलाल बिक रहा है। वहीं हर्बल रंग 130 रुपय किलो के दाम पर उपलब्ध है। लोगाें का मानना है कि हर्र्बल रंगाें से होली खेलने से त्वचा को अधिक नुक्सान नहीं होगा। इसलिए लोगों की फर्स्ट च्वाइस हर्बल रंग है।
बाजार में रंगों की बहार
होली को रंगों से सराबोर करने केलिए दुकानदार हर तरह केरंग को लेकर अपनी दुकानें सजाए हुए हैं। इनमें लाल, हरा, पीला, पिंक, बैंगनी, नारंगी, संतरी, नीला, स्काई क्लर, वाइन क्लर, पैरेट क्लर मौजूद हैं। यह कलर 70 से लेकर 100 रुपये तक किलो में उपलब्ध हैं। वहीं हर्बल क्लर भी हर तरह के रंग में उपलब्ध है। इनकेपैकेट के उपर हर्बल क्लर लिखा हुआ है जोकि विभिन्न ब्रांड में उपलब्ध है। बाजार में हर्बल कलर 130 रुपये किलो के करीब मिल रहा है।
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पक्के रंगों से रहें थोड़ा संभलकर
बाजार में पक्का रंग डिब्बी में मिल रहे हैं। यह सूखा ही हाथाें में लगाया जाता है। पानी डालते ही यह लाल या काला आदि रंग देता है और एक-दूसरे को लगाकर होली सेलिब्रेट कर सकते हैं। पर ध्यान रहे कि यह कलर आपकी स्कीन को नुकसान पहुंचा सकता है और यह कलर धोने के बाद भी समय काफी देर से उतरता है।
रंग लगाते समय बरतें यह सावधानी
रंगों और गुलाल के साथ होली खेलते समय सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक रंग खेलते समय अपने पूरे शरीर पर तेल लगायें ताकि रंग छुड़ाने में कोई तकलीफ ना हो।
कड़े और जहरीले रासायनिक रंगों से बचें। क्योंकि इससे त्वचा को संक्रमण, आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से जलन, त्वचा की लालिमा और कुछ मामलों में फफोले पड़ने जैसी समस्या हो सकती है।
हर्बल रंगों का प्रयोग ज्यादा करें ताकि आपकी त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे
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-होली को लेकर खासा क्रेज, लोगों ने शुरू की रंगों की खरीदारी
-130 रुपये किलो बाजार में हर्बल कलर उपलब्ध
- 70 से लेकर 100 रुपये किलो तक मिल रहा अबीर, गुलाल
- पक्के रंगों को लेने के लिए दुकानाें तक पहुंच रहे लोग
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़। होली के रंग से ट्राइसिटी की दुकानें सज चुकी हैं। इस बार लोगों में हर्बल रंगों की डिमांड सबसे ज्यादा है। इससे खास वजह यह है कि इससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता। इसके विपरीत जहरीले रासायनिक रंगों से त्वचा को संक्रमण और आंखों को नुकसान या अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।
होली को मात्र दिन ही बचे हैं। ऐसे में रंगों की खरीदारी के लिए दुकानों में भीड़ लगनी शुरू हो गई। देश के अलग अलग शहराें से रंग सिटी में पहुंच चुके हैं। दुकानाें पर सूखे, वाटर कलर के साथ साथ हर्बल रंग की जबर्दस्त डिमांड भी है। ऐसे में दुकानदार अधिक से अधिक हर्बल रंग मंगवा रहे हैं, ताकि ट्राइसिटी के लोगाें को इस होली पर रंगाें की कमी नही खले। इस बार छत्तीसगढ़ और यूपी से खास रंगाें को मंगाया गया है, ताकि ट्राइसिटी रंगों से सराबोर हो जाए। थोक की बात की जाए तो इस बार बाजार में 70 रुपये से लेकर 100 रुपये तक किलो का गुलाल बिक रहा है। वहीं हर्बल रंग 130 रुपय किलो के दाम पर उपलब्ध है। लोगाें का मानना है कि हर्र्बल रंगाें से होली खेलने से त्वचा को अधिक नुक्सान नहीं होगा। इसलिए लोगों की फर्स्ट च्वाइस हर्बल रंग है।
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बाजार में रंगों की बहार
होली को रंगों से सराबोर करने केलिए दुकानदार हर तरह केरंग को लेकर अपनी दुकानें सजाए हुए हैं। इनमें लाल, हरा, पीला, पिंक, बैंगनी, नारंगी, संतरी, नीला, स्काई क्लर, वाइन क्लर, पैरेट क्लर मौजूद हैं। यह कलर 70 से लेकर 100 रुपये तक किलो में उपलब्ध हैं। वहीं हर्बल क्लर भी हर तरह के रंग में उपलब्ध है। इनकेपैकेट के उपर हर्बल क्लर लिखा हुआ है जोकि विभिन्न ब्रांड में उपलब्ध है। बाजार में हर्बल कलर 130 रुपये किलो के करीब मिल रहा है।
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पक्के रंगों से रहें थोड़ा संभलकर
बाजार में पक्का रंग डिब्बी में मिल रहे हैं। यह सूखा ही हाथाें में लगाया जाता है। पानी डालते ही यह लाल या काला आदि रंग देता है और एक-दूसरे को लगाकर होली सेलिब्रेट कर सकते हैं। पर ध्यान रहे कि यह कलर आपकी स्कीन को नुकसान पहुंचा सकता है और यह कलर धोने के बाद भी समय काफी देर से उतरता है।
रंग लगाते समय बरतें यह सावधानी
रंगों और गुलाल के साथ होली खेलते समय सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक रंग खेलते समय अपने पूरे शरीर पर तेल लगायें ताकि रंग छुड़ाने में कोई तकलीफ ना हो।
कड़े और जहरीले रासायनिक रंगों से बचें। क्योंकि इससे त्वचा को संक्रमण, आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से जलन, त्वचा की लालिमा और कुछ मामलों में फफोले पड़ने जैसी समस्या हो सकती है।
हर्बल रंगों का प्रयोग ज्यादा करें ताकि आपकी त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे