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20 साल की युवती 12 साल तक रहेगी सलाखों के पीछे, जानिए.. क्या है माजरा
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चंडीगढ़। तीन साल पहले एनडीपीएस मामले में पकड़ी गई 20 वर्षीय युवती अर्शदीप कौर को जिला अदालत की स्पेशल कोर्ट के जज राजीव के बेरी ने मंगलवार को 12 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी पर 1 लाख 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न कर पाने की स्थिति में दोषी युवती की सजा बढ़ जाएगी। जब पुलिस ने आरोपी युवती को नशे के 50 इंजेक्शन के साथ पकड़ा था, उस समय वह 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी और उसकी उम्र 18 साल थी। दोषी युवती ने कोर्ट में दलील दी कि वह अकेली ही परिवार का पोषण करने वाली है और 2019 से वह इस मुकदमे का सामना कर रही है। उसने प्रार्थना की कि इन बातों को देखते हुए उसकी सजा को कम किया जाए। हालांकि युवती की इस दलील को जज ने खारिज करते हुए उसे 12 साल की सजा सुनाई।
युवती ने यह भी दलील दी कि जिस दिन पुलिस ने उसके पास से इंजेक्शन की रिकवरी दिखाई, उस दिन वह अपने घर में सो रही थी। सुबह करीब तीन पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मी साधारण कपड़ों में उसके घर आए और बताया कि वे क्राइम ब्रांच से हैं और पुलिसकर्मी उसे उठा कर सेक्टर-11 क्राइम ब्रांच ऑफिस ले गए, जहां वह रात के साढे़ आठ बजे तक रही। इसके बाद पुलिस उसे मॉडल जेल ले गई। उसने कहा कि जिन इंजेक्शन के बारे में पुलिस कह रही है उसके बारे में तो वह जानती भी नहीं और उसके पास से कुछ भी रिकवर नहीं हुआ है।
क्या था मामला
केस के मुताबिक 10 जुलाई 2019 को क्राइम ब्रांच की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। दोपहर करीब 2 बजे सेक्टर-39 के पास पुलिस टीम को एक लड़की आती दिखी, जिसके हाथ में एक कैरीबैग था। पुलिस को देखते ही वह घबरा गई और उसने अपना रास्ता बदल लिया और अपने हाथ में पकड़े बैग को छिपाने की कोशिश की। पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने पीछा कर उसे रोक लिया। उसने बैग फेंकने की कोशिश की, लेकिन लेडी कांस्टेबल ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 50 इंजेक्शन बरामद हुए। वह पुलिस को कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सकी। पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था।
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युवती ने यह भी दलील दी कि जिस दिन पुलिस ने उसके पास से इंजेक्शन की रिकवरी दिखाई, उस दिन वह अपने घर में सो रही थी। सुबह करीब तीन पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मी साधारण कपड़ों में उसके घर आए और बताया कि वे क्राइम ब्रांच से हैं और पुलिसकर्मी उसे उठा कर सेक्टर-11 क्राइम ब्रांच ऑफिस ले गए, जहां वह रात के साढे़ आठ बजे तक रही। इसके बाद पुलिस उसे मॉडल जेल ले गई। उसने कहा कि जिन इंजेक्शन के बारे में पुलिस कह रही है उसके बारे में तो वह जानती भी नहीं और उसके पास से कुछ भी रिकवर नहीं हुआ है।
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क्या था मामला
केस के मुताबिक 10 जुलाई 2019 को क्राइम ब्रांच की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। दोपहर करीब 2 बजे सेक्टर-39 के पास पुलिस टीम को एक लड़की आती दिखी, जिसके हाथ में एक कैरीबैग था। पुलिस को देखते ही वह घबरा गई और उसने अपना रास्ता बदल लिया और अपने हाथ में पकड़े बैग को छिपाने की कोशिश की। पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने पीछा कर उसे रोक लिया। उसने बैग फेंकने की कोशिश की, लेकिन लेडी कांस्टेबल ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 50 इंजेक्शन बरामद हुए। वह पुलिस को कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सकी। पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था।
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