1984 दंगों की याद दिलाता है सिंघु सीमा पर हुआ किसानों पर हमला : बिक्रम सिंह मजीठिया
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने सिंघु सीमा पर बने किसान शिविरों पर हुए हमले की निंदा की है। शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि किसान शिविर पर हमले ने 1984 की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि किसानों पर हुए हमले के लिए दिल्ली पुलिस और कथित भाजपा नेता जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि दिल्ली पुलिस और भाजपा के गुंडों ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है, इसलिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी उनके खिलाफ उचित मामले दर्ज करने चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिअद इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत मुख्यमंत्री को सौंपेगी और अगर बाद में भी मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह भाजपा के साथ हाथ मिला रही है।
मजीठिया ने कहा कि पीड़ित किसानों की मदद के लिए वकीलों की तीन सदस्यीय समिति पार्टी ने बनाई है। जिसमें एएस धर्नी, डीएस सोबती और हैरी बाजवा किसानों की सहायता करेंगे। मदद के लिए तीन मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं, 9815000026, 9914591011 और 78144 00060 पर फोन कर किसान निशुल्क सहायता प्राप्त कर सकेंगे। किसान आंदोलन शिविर पर हमले पर बात करते हुए मजीठिया ने कहा कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है।
1984 में दिल्ली पुलिस के सक्रिय सहयोग से पहले कांग्रेस के गुंडों द्वारा सिखों पर हमला किया गया था। अब 36 साल बाद दिल्ली पुलिस द्वारा भाजपा के गुंडों को राष्ट्रीय राजधानी में सिखों पर हमला करने के अलावा सांप्रदायिक झड़पों की कोशिश की जा रही है।