फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   रिकार्ड तलब किया

रिकार्ड तलब किया

Mon, 19 Jun 2017 10:51 PM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
रिकार्ड तलब किया
हरियाणा एडवोकेट जनरल से जुड़ा रिकार्ड तलब
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने पंचकूला निवासी की हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत पर यूटी पुलिस से केस से जुड़ा सारा रिकार्ड और स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। आपराधिक शिकायत में याचिकाकर्ता ने एडवोकेट जनरल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की है। आरोप के अनुसार एडवोकेट जनरल ने सरकार से मांगे बिना इस मामले में कानूनी राय दी थी, जबकि मामला, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
एडवोकेट जनरल ने मानेसर स्थित जमीन से जुड़े एक मामले को धोखाधड़ी, जालसाजी के आधार पर बिना राय मांगे सीबीआई को ट्रांसफर करने को कहा था।
पहले भी रिकार्ड पेश करने में नाकाम रही पुलिस
अदालत इससे पहले भी मामले में यूटी पुलिस को सारा रिकार्ड तलब करने के आदेश दे चुकी है, लेकिन पुलिस रिकार्ड अदालत के समक्ष पेश करने में नाकाम रही है। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
विज्ञापन

पंचकूला निवासी रविंदर कुमार मामले में शिकायतकर्ता हैं। उनका आरोप है कि एडवोकेट जनरल और एडिशनल एडवोकेट जनरल ने मामले का खुद संज्ञान लेते हुए (सुओ मोटो) राज्य सरकार को केस की जांच सीबीआई को सौंपने को कहा था। मामले में डीजीपी और गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए नोट में पाया गया कि इस मामले में उनकी एडवोकेट जनरल से कोई बातचीत नहीं हुई थी। साथ ही उनका कहना था कि एडवोकेट जनरल ने बिना मांगे लीगल राय दी है, जो प्रोफेशनल मिसकंडक्ट है। उनका कहना था कि एडवोकेट जनरल ने बिना कहे लीगल राय दी जो कि षड्यंत्र का हिस्सा बनने के लिए दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानेसर में जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है मामला
मामला मानेसर में जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा है। वर्ष 2011 में मानेसर निवासी ओम प्रकाश ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से दायर याचिका में जमीन अधिग्रहण से जुड़े अधिकारियों और राज्य सरकार के ब्यूरोक्रेट्स के खिलाफ आपराधिक जांच करवाने की मांग की थी। उनका कहना था कि उन्हें और उनकी तरह अन्य लोगों को उनकी जमीन कम दाम पर बेचने के लिए दबाव बनाया गया था। हालांकि बाद में अधिग्रहण रोक दिया गया था। 2014 में हाईकोर्ट ने याचिका को भी खारिज कर दिया था। इसके बाद अगस्त 2015 में सुप्रीम कोर्ट में यहीं याचिका दायर की गई थी, जो फिलहाल विचाराधीन है। वहीं अगस्त 2015 में ही राज्य गृह मंत्रालय ने केंद्र सरकार से मामले को सीबीआई को सौंपने को लिखा था।

बिना मांगे लीगल राय देने पर जिला अदालत में दायर की थी आपराधिक शिकायत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed