बरवाला। भरैली-बेहड़ा मार्ग, डेराबस्सी मार्ग पर स्थित एकेआर पैलेस के पीछे व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लड़के के साथ लगते कई किसानों के खेतों में अचानक आग लग गई। इससे कई किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल, भूसे के लिए खड़ फाने व गन्ने की फसल तथा सफेदे के पेड़ जल गए। बरवाला के किसान राजमोहन पुत्र महीपाल ने बताया कि बरवाला-डेराबस्सी मार्ग के नजदीक उनके खेतों में जैसे ही आग लगने की उन्हें सूचना मिली तो वे अपने खेतों की ओर भागे, उन्होंने देखा कि उनके खेतों में खड़ी गेहूं व गन्ने की फसल तथा सफेदे के पेड़ों में आग की लपटें चढ़ रही थी। इस घटना की सूचना उन्होंने बरवाला पुलिस चौंकी व अलीपुर स्थित फायर ब्रिगेड कार्यालय में दी। देखते ही देखते यह आग भरैली-बेहड़ा मार्ग तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के साथ लगते किसानों के खेतों में भी पहुंच गई। आग लगने की सूचना मिलते ही कस्बा बरवाला व भरैली के काफी संख्या में किसान व लोग आग पर काबू पाने में जुट गए। कई किसानों ने बड़ी सूझबूझ से ट्रैक्टरों से गेहूं के खेतों की बुहाई कर आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी भड़क चुकी थी कि आग पर काबू पाना बड़ा मुश्किल था। सूचना पाते ही बरवाला पुलिस व अलीपुर तथा पंचकूला से दमकल विभाग के कर्मचारी पांच गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने में जुट गए और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं क्षेत्र के किसानों ने बताया कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो यह आग पूरे बरवाला कस्बे को अपनी चपेट में ले लेती। इस आगजनी की घटना में राजमोहन की गेहूं की चार एकड़ फसल व सफेदे के पेड़, अमी सिंह के आधे एकड़ में खड़ी गन्ने की फसल। वहीं जौनी, जयदेव, नरेश, रामसिंह, राजपाल, तरसेम आदि किसानों के खेतों में भूसा बनाने के लिए गेहूं के फाने जलकर राख हो गए लेकिन आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं लगा कि आग कैसे लगी जबकि बिजली विभाग के द्वारा खेतों वाले बिजली के फीडरों पर फसल कटाई के समय में बिजली सप्लाई बंद की हुई है। वहीं, बरवाला पुलिस चौंकी इंचार्ज ऋषि पाल ने बताया कि आग लगने की घटना की पुलिस की ओर से गहनता से जांच की जा रही है।