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कंवीटेड अफसर पर कार्रवाई करने से कतरा रहा सीएचबी प्रशासन

Tue, 29 Jan 2019 02:02 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 29 Jan 2019 02:02 AM IST
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कंवीटेड अफसर पर कार्रवाई करने से कतरा रहा सीएचबी प्रशासन
दोषी अफसर पर सीएचबी नहीं कर रहा कार्रवाई
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बीते साल सितंबर में कोर्ट ने ठहराया था दोषी, अब तक चल रही विभागीय जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के अधिकारियों ने पब्लिक हेल्थ डिवीजन के सब डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) कैलाश गर्ग के रिटायरमेंट से दो दिन पहले बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं क्योंकि उन्हें ट्रेजिंग केस में कोर्ट ने दोषी ठहराया है। गर्ग को इस साल 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होना है। हालांकि, गर्ग को पिछले साल सितंबर में दोषी ठहराया गया था। नियमों के अनुसार, सीएचबी को अब तक कार्रवाई कर देनी चाहिए थी लेकिन सीएचबी ने ऐसा नहीं किया और अब तक वह कार्यरत हैं और वेतन ले रहे हैं।
पिछले हफ्ते सीएचबी ने गर्ग को बर्खास्त करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था लेकिन उनका दावा है कि उन्हें नोटिस नहीं मिला। इसके बाद विभिन्न समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उन्हें 28 जनवरी तक बोर्ड अध्यक्ष के समक्ष अपने पक्ष में साक्ष्य पेश करने को कहा गया। जानकारी ने अनुसार, बोर्ड अध्यक्ष अजोय कुमार सिन्हा ने सोमवार को सुनवाई के दौरान गर्ग से कहा कि यदि कल तक कोई भी व्यक्ति या गवाह उनके पक्ष में है तो वह उन्हें मंगलवार तक पेश करें अन्यथा उनके पक्ष को खारिज कर दिया जाएगा। हालांकि गर्ग ने अपने बचाव में सोमवार को नियमों का हवाला देते हुए कुछ दस्तावेज जमा किए हैं, जिन्हें हमने सत्यापन के लिए सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा है।
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ये था पूरा मामला
पिछले साल सितंबर में स्थानीय अदालत ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के दो कर्मचारियों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। दोषी दोनों कर्मचारी कैलाश गर्ग और कृपाल सिंह पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। कृपाल सिंह पिछले साल अगस्त में सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। मामले में शिकायतकर्ता एक मनीमाजरा निवासी विनोद कुमार हैं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि 2012 में दोनों कर्मचारी बिना किसी सूचना या शिकायत के उनके घर में घुस गए थे। आईपीसी की धारा 448 के तहत दोनों को दोषी ठहराया गया था।
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