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पीयू में अगले शिक्षा सत्र से सीबीसीएस की तैयारी
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:29 AM IST
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पीयू में अगले शिक्षा सत्र से सीबीसीएस की तैयारी
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के लिए यूजीसी ने की थी सिफारिश
इस सिस्टम को लागू करने के लिए पीयू प्रबंधन कर रहा तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी में अगले शिक्षा सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को लागू करने की तैयारियां की जा रही हैं। नए सेशन से इस सिस्टम को प्रभाव में लाया जाना है। यूनिवर्सिटी पहले ही यूजीसी की तरफ से दिया गया समय पूरा कर चुकी है। ऐसे में कालेजों के अलावा यूनिवर्सिटी भी डेडलाइन को ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहती क्योंकि कई यूनिवर्सिटी में यह सिस्टम लागू हो चुका है।
कालेजों में इस सिस्टम को मौजूदा सत्र से ही लागू करने का प्रस्ताव था, लेकिन कुछ कालेज इसके हक में नहीं थे। हालांकि नए सेशन से इसे सुचारु किया जाएगा। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी में करीब 80 विभाग हैं, जिसमें से कुछ में ही यह लागू किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी में शिक्षक और अन्य सुविधाओं की कमी के चलते सीबीसीएस को पिछले शिक्षा सत्र से लागू करने में दिक्कत आ सकती थी।
यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी में सीबीसीएस लागू करने की सिफारिश की थी और ज्यादातर यूनिवर्सिटी इसे लागू भी कर चुकी हैं। पीयू में तीन सेशन गुजर जाने के बाद भी यह सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हो पाया। इसमें स्टाफ और सुविधाओं की कमी के अलावा सबसे बड़ी दिक्कत सिलेबस की है, क्योंकि पीयू का सिलेबस काफी पुराना है।
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च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत एक रेगुलर कोर्स के साथ दूसरे कोर्स के विषय को भी पढ़ाई के लिए चुना जा सकता है। यह कोर्स इलेक्टिव या वोकेशनल हो सकता है और इसमें ग्रेडिंग सिस्टम होता है। जैसे कोई साइंस का स्टूडेंट आर्ट्स का कोई विषय भी साथ पढ़ना चाहे तो इस सिस्टम के तहत पढ़ सकता है।
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च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के लिए यूजीसी ने की थी सिफारिश
इस सिस्टम को लागू करने के लिए पीयू प्रबंधन कर रहा तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी में अगले शिक्षा सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को लागू करने की तैयारियां की जा रही हैं। नए सेशन से इस सिस्टम को प्रभाव में लाया जाना है। यूनिवर्सिटी पहले ही यूजीसी की तरफ से दिया गया समय पूरा कर चुकी है। ऐसे में कालेजों के अलावा यूनिवर्सिटी भी डेडलाइन को ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहती क्योंकि कई यूनिवर्सिटी में यह सिस्टम लागू हो चुका है।
कालेजों में इस सिस्टम को मौजूदा सत्र से ही लागू करने का प्रस्ताव था, लेकिन कुछ कालेज इसके हक में नहीं थे। हालांकि नए सेशन से इसे सुचारु किया जाएगा। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी में करीब 80 विभाग हैं, जिसमें से कुछ में ही यह लागू किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी में शिक्षक और अन्य सुविधाओं की कमी के चलते सीबीसीएस को पिछले शिक्षा सत्र से लागू करने में दिक्कत आ सकती थी।
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यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी में सीबीसीएस लागू करने की सिफारिश की थी और ज्यादातर यूनिवर्सिटी इसे लागू भी कर चुकी हैं। पीयू में तीन सेशन गुजर जाने के बाद भी यह सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हो पाया। इसमें स्टाफ और सुविधाओं की कमी के अलावा सबसे बड़ी दिक्कत सिलेबस की है, क्योंकि पीयू का सिलेबस काफी पुराना है।
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च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत एक रेगुलर कोर्स के साथ दूसरे कोर्स के विषय को भी पढ़ाई के लिए चुना जा सकता है। यह कोर्स इलेक्टिव या वोकेशनल हो सकता है और इसमें ग्रेडिंग सिस्टम होता है। जैसे कोई साइंस का स्टूडेंट आर्ट्स का कोई विषय भी साथ पढ़ना चाहे तो इस सिस्टम के तहत पढ़ सकता है।