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पेड़ां
Updated Fri, 10 Nov 2017 08:58 PM IST
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दीमक लगे पेड़ों का इलाज आज से शुरू
मेयर सेक्टर सेक्टर-27/19 के चौक पर पेड़ों में डालेंगी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर में जिन पेड़ों को दीमक खा रही है, उनका इलाज करने का अभियान शनिवार से शुरू हो रहा है। मेयर आशा जसवाल सेक्टर-27/19 के चौक पर इसकी शुरुआत कर पेड़ों में दवा डालेंगी। मेयर ने इसके लिए शहरवासियों से भी सहयोग मांगा है। शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे लगे हरे-भरे सैकड़ों पेड़ों को दीमक और दूसरी कई बीमारियां लगी हैं, लेकिन इनके ट्रीटमेंट पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि मामूली दवा डालकर इनको बचाया जा सकता है। कई बार पेड़ पार्क वाहनों और लोगों पर भी गिर चुके हैं। पेड़ों की जड़े कमजोर हो रही हैं। इसकी कारण हर बारिश और तेज हवा में शहर में कोई न कोई पेड़ गिर जाता है। सूखे से ज्यादा हरे भरे पेड़ गिरते हैं।
मेयर आशा जसवाल ने पिछले माह बागवानी विभाग के अधिकारियों को ऐसे दीमक लगे पेड़ों की पहचान कर उन्हें ठीक करने के लिए कहा था। नगर निगम यह अभियान शनिवार से द फर्स्ट संस्था और कुछ युवाओं के साथ मिलकर शुरू कर रहा है।
बॉक्स
पेड़ तैयार होने में लग जाते हैं कई साल
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार एक पेड़ को पूरा तैयार होकर बड़े होने में कई साल लगते हैं, जबकि पुराने लगे हुए पेड़ जिनको दीमक या बीमारी लग गई है उन्हें ट्रीट करके बचाया जा सकता है। अगर ट्रीटमेंट नहीं होता तो वे पेड़ गिर जाते हैं। एक पौध को पेड़ बनने में 15 से 20 साल लगते हैं, लेकिन चकरासिया एक ऐसी पौध है जो 4 से 5 साल में पेड़ बन जाता है।
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मेयर सेक्टर सेक्टर-27/19 के चौक पर पेड़ों में डालेंगी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर में जिन पेड़ों को दीमक खा रही है, उनका इलाज करने का अभियान शनिवार से शुरू हो रहा है। मेयर आशा जसवाल सेक्टर-27/19 के चौक पर इसकी शुरुआत कर पेड़ों में दवा डालेंगी। मेयर ने इसके लिए शहरवासियों से भी सहयोग मांगा है। शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे लगे हरे-भरे सैकड़ों पेड़ों को दीमक और दूसरी कई बीमारियां लगी हैं, लेकिन इनके ट्रीटमेंट पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि मामूली दवा डालकर इनको बचाया जा सकता है। कई बार पेड़ पार्क वाहनों और लोगों पर भी गिर चुके हैं। पेड़ों की जड़े कमजोर हो रही हैं। इसकी कारण हर बारिश और तेज हवा में शहर में कोई न कोई पेड़ गिर जाता है। सूखे से ज्यादा हरे भरे पेड़ गिरते हैं।
मेयर आशा जसवाल ने पिछले माह बागवानी विभाग के अधिकारियों को ऐसे दीमक लगे पेड़ों की पहचान कर उन्हें ठीक करने के लिए कहा था। नगर निगम यह अभियान शनिवार से द फर्स्ट संस्था और कुछ युवाओं के साथ मिलकर शुरू कर रहा है।
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पेड़ तैयार होने में लग जाते हैं कई साल
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार एक पेड़ को पूरा तैयार होकर बड़े होने में कई साल लगते हैं, जबकि पुराने लगे हुए पेड़ जिनको दीमक या बीमारी लग गई है उन्हें ट्रीट करके बचाया जा सकता है। अगर ट्रीटमेंट नहीं होता तो वे पेड़ गिर जाते हैं। एक पौध को पेड़ बनने में 15 से 20 साल लगते हैं, लेकिन चकरासिया एक ऐसी पौध है जो 4 से 5 साल में पेड़ बन जाता है।
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