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एसडीएम ईस्ट शिल्पी 50 हजार घूस लेते गिरफ्तार
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:24 AM IST
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एसडीएम ईस्ट शिल्पी 50 हजार घूस लेते गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रशासन के घूसखोर अफसरों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। शनिवार देर रात सीबीआई ने नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व एसडीएम ईस्ट शिल्पी पातर को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। देर रात सेक्टर 27 स्थित उनके घर हाउस नंबर 2525 पर सीबीआई के अधिकारियों की सर्च जारी थी। 18 दिनों के भीतर चंडीगढ़ प्रशासन के दूसरे अधिकारी हैं, जिसे सीबीआई ने घूस लेते गिरफ्तार किया हो। 18 जुलाई को सीबीआई ने पर्यावरण अधिकारी व आईएफएस वीरेंद्र चौधरी को एक लाख की घूस लेते गिरफ्तार किया था।
सीबीआई अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता तरसेम ने उन्हें शिकायत दी थी कि नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर आफिसर शिल्पी पातर उसका शोरूम खोलने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग कर रही है। तरसेम का सेक्टर- 26 स्थित एसीओ नंबर 189 में एक डिपार्टमेंटल शोरूम है, जिसे वीरवार को सील कर दिया गया था। सूत्रों का दावा है कि तरसेम का अपने भाइयों के साथ प्रापर्टी का विवाद था। इसी विवाद में शिल्पी ने उसके कब्जा वाले तीन कमरों के शोरूम को सील कर दिया था। इसके एवज में तरसेम को कोई कागजात भी नहीं दिए। तरसेम के दोस्त ने शिल्पी से बात करने में मध्यस्थता निभाई और सौदा तय किया।
तरसेम के शोरूम में बिल्डिंग वायलेशन थी। इस मामले को रफा-दफा करने और शोरूम को दोबारा से खोलने के लिए शिल्पी पातर ने पांच लाख रुपये की डिमांड की। मामला दो लाख रुपये में तय हुआ। सौदे कराने में तरसेम के दोस्त जीएस बराड़ ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। शनिवार को तरसेम अपने दोस्त बराड़ के साथ एक लाख रुपये की पहली किस्त लेकर पहुंचा।
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उस समय घर पर शिल्पी के पति भी मौजूद थे। जीएस बराड़ ने 50 हजार रुपये शिल्पी को थमा दिए और 25 हजार रुपये उसने खुद रख लिए। और कहा कि बाकी रकम काम पूरा होने के बाद दिए जाएंगे। इतने में ही सीबीआई की टीम घर में घुस आई। यह देखकर शिल्पी व उसके पति हक्का-बक्का रह गए। उसके पति ने तुरंत 50 हजार की राशि छिपाने की कोशिश की, लेकिन सीबीआई ने रकम भी बरामद कर ली। खबर लिखे जाने तक शिल्पी के घर पर सीबीआई की सर्च जारी थी।
शिल्पी को करीब एक साल पहले सीएचबी का सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था। शिल्पी के पास नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर कमिश्नर का चार्ज भी है। तपस्या राघव के जाने के बाद एसडीएम ईस्ट और भूमि अधिग्रहण का चार्ज भी शिल्पी को सौंप दिया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रशासन के घूसखोर अफसरों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। शनिवार देर रात सीबीआई ने नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व एसडीएम ईस्ट शिल्पी पातर को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। देर रात सेक्टर 27 स्थित उनके घर हाउस नंबर 2525 पर सीबीआई के अधिकारियों की सर्च जारी थी। 18 दिनों के भीतर चंडीगढ़ प्रशासन के दूसरे अधिकारी हैं, जिसे सीबीआई ने घूस लेते गिरफ्तार किया हो। 18 जुलाई को सीबीआई ने पर्यावरण अधिकारी व आईएफएस वीरेंद्र चौधरी को एक लाख की घूस लेते गिरफ्तार किया था।
सीबीआई अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता तरसेम ने उन्हें शिकायत दी थी कि नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर आफिसर शिल्पी पातर उसका शोरूम खोलने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग कर रही है। तरसेम का सेक्टर- 26 स्थित एसीओ नंबर 189 में एक डिपार्टमेंटल शोरूम है, जिसे वीरवार को सील कर दिया गया था। सूत्रों का दावा है कि तरसेम का अपने भाइयों के साथ प्रापर्टी का विवाद था। इसी विवाद में शिल्पी ने उसके कब्जा वाले तीन कमरों के शोरूम को सील कर दिया था। इसके एवज में तरसेम को कोई कागजात भी नहीं दिए। तरसेम के दोस्त ने शिल्पी से बात करने में मध्यस्थता निभाई और सौदा तय किया।
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तरसेम के शोरूम में बिल्डिंग वायलेशन थी। इस मामले को रफा-दफा करने और शोरूम को दोबारा से खोलने के लिए शिल्पी पातर ने पांच लाख रुपये की डिमांड की। मामला दो लाख रुपये में तय हुआ। सौदे कराने में तरसेम के दोस्त जीएस बराड़ ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। शनिवार को तरसेम अपने दोस्त बराड़ के साथ एक लाख रुपये की पहली किस्त लेकर पहुंचा।
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उस समय घर पर शिल्पी के पति भी मौजूद थे। जीएस बराड़ ने 50 हजार रुपये शिल्पी को थमा दिए और 25 हजार रुपये उसने खुद रख लिए। और कहा कि बाकी रकम काम पूरा होने के बाद दिए जाएंगे। इतने में ही सीबीआई की टीम घर में घुस आई। यह देखकर शिल्पी व उसके पति हक्का-बक्का रह गए। उसके पति ने तुरंत 50 हजार की राशि छिपाने की कोशिश की, लेकिन सीबीआई ने रकम भी बरामद कर ली। खबर लिखे जाने तक शिल्पी के घर पर सीबीआई की सर्च जारी थी।
शिल्पी को करीब एक साल पहले सीएचबी का सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था। शिल्पी के पास नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर कमिश्नर का चार्ज भी है। तपस्या राघव के जाने के बाद एसडीएम ईस्ट और भूमि अधिग्रहण का चार्ज भी शिल्पी को सौंप दिया गया था।