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हरियाणा अटल भूजल योजना में 1669 पंचायतें शामिल
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चंडीगढ़। हरियाणा में अटल भूजल योजना के तहत कुल 14 जिलों को कवर किया जाएगा। इनमें 36 ब्लॉक की 1669 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। योजना के तहत जल विशेषज्ञों की टीम 8 से 11 जुलाई तक पानीपत जिला के विभिन्न गांवों का दौरा करेगी। 10 जुलाई को पानीपत के बिहोली गांव में पहली जल पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें लोगों को गांव में जल सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने यह जानकारी वीरवार को यहां अटल भूजल योजना के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद दी। उन्होंने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से में भूजल संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने अटल भूजल योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से देश में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। हरियाणा में योजना के तहत भूजल संसाधनों का हाइड्रोजियोलॉजिकल डाटा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। यह राज्य में भूजल संसाधनों के प्रबंधन के लिए सामुदायिक संस्थानों के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि योजना में जिला क्रियान्वयन भागीदार (डीआईपी) एनजीओ के रूप में स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (एसपीएमयू) के साथ मिलकर योजना के विभिन्न पहलुओं पर ग्राम पंचायत की मदद करेंगे। इसमें जल बजट और जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) के विकास सहित सामुदायिक लामबंदी, जल उपयोगकर्ता एसोसिएशन का गठन (डब्ल्यूयूए), आंकड़ा संग्रहण, सूचना, शिक्षा और संचार आदि गतिविधियां शामिल हैं।
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सिंचाई विभाग के परियोजना निदेशक डॉ. सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि हरियाणा में अटल भूजल योजना अपने प्रारंभिक चरण में है। इसके कई सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। इसमें स्थायी भूजल प्रबंधन, लक्षित क्षेत्रों में सिंचाई एवं भूजल संसाधनों के संवर्धन के लिए भूजल उपयोग को कम करना, भूजल संसाधनों का स्वामित्व और भविष्य की कार्य योजना तय करना शामिल है।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने यह जानकारी वीरवार को यहां अटल भूजल योजना के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद दी। उन्होंने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से में भूजल संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने अटल भूजल योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से देश में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। हरियाणा में योजना के तहत भूजल संसाधनों का हाइड्रोजियोलॉजिकल डाटा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। यह राज्य में भूजल संसाधनों के प्रबंधन के लिए सामुदायिक संस्थानों के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
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उन्होंने कहा कि योजना में जिला क्रियान्वयन भागीदार (डीआईपी) एनजीओ के रूप में स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (एसपीएमयू) के साथ मिलकर योजना के विभिन्न पहलुओं पर ग्राम पंचायत की मदद करेंगे। इसमें जल बजट और जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) के विकास सहित सामुदायिक लामबंदी, जल उपयोगकर्ता एसोसिएशन का गठन (डब्ल्यूयूए), आंकड़ा संग्रहण, सूचना, शिक्षा और संचार आदि गतिविधियां शामिल हैं।
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सिंचाई विभाग के परियोजना निदेशक डॉ. सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि हरियाणा में अटल भूजल योजना अपने प्रारंभिक चरण में है। इसके कई सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। इसमें स्थायी भूजल प्रबंधन, लक्षित क्षेत्रों में सिंचाई एवं भूजल संसाधनों के संवर्धन के लिए भूजल उपयोग को कम करना, भूजल संसाधनों का स्वामित्व और भविष्य की कार्य योजना तय करना शामिल है।