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छात्र ने पुलिस कांस्टेबल पर पिटाई का आरोप लगाया
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:32 AM IST
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छात्र का आरोप, क्लास टीचर ने पुलिस से पिटवाया
अभिभावक पहुंचे स्कूल, टीचर्स और स्टूडेंट्स के बीच समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गवर्नमेंट हाईस्कूल दड़वा में दसवीं के छात्र को पीटे जाने के मामले को लेकर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, बाद में सरपंच, हेडमास्टर और लड़के के परिजनों के बीच समझौता हो गया। दसवीं में पढ़ने वाले छात्र ने आरोप लगाया कि उसे बीते शुक्रवार को पुलिस कांस्टेबल ने पीटा था और उसकी पिटाई क्लास टीचर विकास ने करवाई थी। सोमवार को स्टूडेंट्स के अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार छात्र स्कूल में लोहे का कड़ा पहनकर आता था। छात्र को कड़ा पहनकर आने से क्लास टीचर विकास ने रोका। इस पर छात्र ने कड़ा उतारकर हाथ में ले लिया। इसके बाद शिक्षक विकास छात्र को हेडमास्टर के पास ले गए। क्लास टीचर ने हेडमास्टर को दी शिकायत में कहा कि छात्र का व्यवहार ठीक नहीं है। इस कारण वह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। जब स्कूल के हेडमास्टर ने बच्चे को समझाने की कोशिश की तो छात्र ने प्रिंसिपल से भी ठीक व्यवहार नहीं किया। छात्र का व्यवहार ठीक नहीं होने के कारण स्कूल में पुलिस को बुलाना पड़ा। बच्चे के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चे की पिटाई पुलिस की ओर से की गई। इस कारण बच्चा घर जाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। हालांकि, स्कूल के क्लास टीचर विकास ने बताया कि बच्चे का नाम पहले ही डिफाल्टर रजिस्टर में है।
कोट --
बच्चा थोड़ा शरारती है। इसको समझाने के लिए बुलाया था। परिजनों का फोन नहीं लगा। इस कारण उन्हें सूचित नहीं कर पाए। मारपीट का आरोप बेबुनियाद है।
-रवि, कांस्टेबल
कोट्
छात्र का व्यवहार ठीक नहीं था। मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता क्योंकि इस मामले को लेकर समझौता हो गया है।
-विमल चड्ढा, हेडमास्टर, जीएचएस दड़वा
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अभिभावक पहुंचे स्कूल, टीचर्स और स्टूडेंट्स के बीच समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गवर्नमेंट हाईस्कूल दड़वा में दसवीं के छात्र को पीटे जाने के मामले को लेकर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, बाद में सरपंच, हेडमास्टर और लड़के के परिजनों के बीच समझौता हो गया। दसवीं में पढ़ने वाले छात्र ने आरोप लगाया कि उसे बीते शुक्रवार को पुलिस कांस्टेबल ने पीटा था और उसकी पिटाई क्लास टीचर विकास ने करवाई थी। सोमवार को स्टूडेंट्स के अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार छात्र स्कूल में लोहे का कड़ा पहनकर आता था। छात्र को कड़ा पहनकर आने से क्लास टीचर विकास ने रोका। इस पर छात्र ने कड़ा उतारकर हाथ में ले लिया। इसके बाद शिक्षक विकास छात्र को हेडमास्टर के पास ले गए। क्लास टीचर ने हेडमास्टर को दी शिकायत में कहा कि छात्र का व्यवहार ठीक नहीं है। इस कारण वह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। जब स्कूल के हेडमास्टर ने बच्चे को समझाने की कोशिश की तो छात्र ने प्रिंसिपल से भी ठीक व्यवहार नहीं किया। छात्र का व्यवहार ठीक नहीं होने के कारण स्कूल में पुलिस को बुलाना पड़ा। बच्चे के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चे की पिटाई पुलिस की ओर से की गई। इस कारण बच्चा घर जाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। हालांकि, स्कूल के क्लास टीचर विकास ने बताया कि बच्चे का नाम पहले ही डिफाल्टर रजिस्टर में है।
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कोट --
बच्चा थोड़ा शरारती है। इसको समझाने के लिए बुलाया था। परिजनों का फोन नहीं लगा। इस कारण उन्हें सूचित नहीं कर पाए। मारपीट का आरोप बेबुनियाद है।
-रवि, कांस्टेबल
कोट्
छात्र का व्यवहार ठीक नहीं था। मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता क्योंकि इस मामले को लेकर समझौता हो गया है।
-विमल चड्ढा, हेडमास्टर, जीएचएस दड़वा