{"_id":"5acd20db4f1c1bd83d8b46ed","slug":"161523392731-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएफएस, पीएसयू ने वीसी दफ्तर घेरकर की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएफएस, पीएसयू ने वीसी दफ्तर घेरकर की नारेबाजी
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो सहित
एसएफएस, पीएसयू ने वीसी दफ्तर पर की नारेबाजी
- पांच दिन से कर रहे थे प्रदर्शन, कुछ मांगों पर बनी सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में वीसी दफ्तर के बाहर अपनी मांगों को लेकर एसएफएस और पीएसयू ललकार के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नारेबाजी की। पांच दिनों से धरने पर बैठे छात्र संगठनों के नेताओं के साथ बैठक के बाद कुछ मांगें मान ली गईं, जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। छात्र संगठनों की मांग थी कि हॉस्टल टाइमिंग में जो बदलाव हुआ है, उसे तुरंत लागू किया जाए, जिसे मान लिया गया, जबकि हॉस्टलों में को-ऑपरेटिव मेस चलाने पर पीयू प्रबंधन ने कहा कि ऐसे छात्रों को आगे लाएं, जो इसमें रुचि रखते हैं। इसके अलावा मांग थी कि स्टूडेंट काउंसिल की ओर से विभिन्न आयोजनों में खर्च हुए पैसे की जांच कराई जाए। इस मांग पर प्रबंधन ने कहा कि पहले से ही कमेटी बनी हुई है, जो जांच कर रही है। इसके बाद दोनों संगठनों के संयुक्त धरने को विराम दे दिया गया।
विज्ञापन
एसएफएस, पीएसयू ने वीसी दफ्तर पर की नारेबाजी
- पांच दिन से कर रहे थे प्रदर्शन, कुछ मांगों पर बनी सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में वीसी दफ्तर के बाहर अपनी मांगों को लेकर एसएफएस और पीएसयू ललकार के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नारेबाजी की। पांच दिनों से धरने पर बैठे छात्र संगठनों के नेताओं के साथ बैठक के बाद कुछ मांगें मान ली गईं, जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। छात्र संगठनों की मांग थी कि हॉस्टल टाइमिंग में जो बदलाव हुआ है, उसे तुरंत लागू किया जाए, जिसे मान लिया गया, जबकि हॉस्टलों में को-ऑपरेटिव मेस चलाने पर पीयू प्रबंधन ने कहा कि ऐसे छात्रों को आगे लाएं, जो इसमें रुचि रखते हैं। इसके अलावा मांग थी कि स्टूडेंट काउंसिल की ओर से विभिन्न आयोजनों में खर्च हुए पैसे की जांच कराई जाए। इस मांग पर प्रबंधन ने कहा कि पहले से ही कमेटी बनी हुई है, जो जांच कर रही है। इसके बाद दोनों संगठनों के संयुक्त धरने को विराम दे दिया गया।