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मृदंग वादक जया भास्कर ने खूबसूरत प्रस्तुति से जीता दिल
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चंडीगढ़। प्राचीन कला केंद्र के गुरु एमएल कौसर सभागार में सोमवार को ताल वाद्य कचहरी का आयोजन किया गया। इसमें प्रसिद्ध मृदंग वादक जया भास्कर ने अपने समूह के साथ खूबसूरत प्रस्तुति से सभी को अपना दीवाना बना लिया। यह कार्यक्रम आईसीसीआर एवं प्राचीन कला केंद्र के संयुक्त प्रयास से आईसीसीआर की मासिक श्रृंखला होरीजोन के अंतर्गत किया गया।
इस मौके पर आईसीसीआर की निदेशक नलिनी सिंघल के साथ केंद्र के सचिव सजल कौसर और रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसमें जया भास्कर के साथ उनके समूह ने कार्यक्रम की शुरुआत राग नटा में निबद्ध एक ताल से सजी गणेश वंदना से की। इसके बाद भगवान राम की वंदना पर आधारित रचना जो कि राग हिंडोलम से निबद्ध थी को सुनाय गया। एकल प्रस्तुति में जया भास्कर ने चतुरासा त्रिस्त्र एवं खांडा गति पर आधारित रचना प्रस्तुत करके खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर रघुपति राघव राजा राम राम भजन प्रस्तुत किया गया। जया भास्कर के साथ उनके समूह ने कार्यक्रम के अंतिम भाग में तिल्लाना एवं मंगलम की खूबसूरत प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। मृदंग वादक जया भास्कर के साथ उनके समूह में विग्नेश जयरामन, जानकी रवि किरण, राघवेंद्र प्रसाथ ने बखूबी संगत की। नलिनी सिंघल के साथ केंद्र के सचिव सजल कौसर एवं रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया।
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इस मौके पर आईसीसीआर की निदेशक नलिनी सिंघल के साथ केंद्र के सचिव सजल कौसर और रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसमें जया भास्कर के साथ उनके समूह ने कार्यक्रम की शुरुआत राग नटा में निबद्ध एक ताल से सजी गणेश वंदना से की। इसके बाद भगवान राम की वंदना पर आधारित रचना जो कि राग हिंडोलम से निबद्ध थी को सुनाय गया। एकल प्रस्तुति में जया भास्कर ने चतुरासा त्रिस्त्र एवं खांडा गति पर आधारित रचना प्रस्तुत करके खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर रघुपति राघव राजा राम राम भजन प्रस्तुत किया गया। जया भास्कर के साथ उनके समूह ने कार्यक्रम के अंतिम भाग में तिल्लाना एवं मंगलम की खूबसूरत प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। मृदंग वादक जया भास्कर के साथ उनके समूह में विग्नेश जयरामन, जानकी रवि किरण, राघवेंद्र प्रसाथ ने बखूबी संगत की। नलिनी सिंघल के साथ केंद्र के सचिव सजल कौसर एवं रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया।
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