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चंडीगढ़ः कोठी बेचने के नाम पर प्रॉपर्टी डीलर ने महिला से ठगे ढाई करोड़, दर्ज किया गया केस
Mon, 08 Jul 2019 11:15 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 11:15 AM IST
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फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर बंगलूरू निवासी एक महिला से कोठी बेचने के नाम पर 2.59 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि देव एसोसिएट्स प्रापर्टी डीलर के लोकेश कुमार व अन्य ने धोखाधड़ी की है। महिला की शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने सेक्टर-8 के देव एसोसिएट्स के लोकेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता गुरमीत कौर ने बताया कि वह बंगलूरू के इंदिरा नगर में रहती हैं। उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। ऐसे में वह बंगलूरू में अकेली हो गई थीं। ऐसे में उन्होंने वहां की प्रापर्टी जुलाई वर्ष 2017 में बेच दी और चंडीगढ़ में अपने भाई और भतीजे के साथ रहने के लिए आ गईं। वह चंडीगढ़ में प्रापर्टी खरीदना चाहती थीं। उनके जानकार ने बताया कि सेक्टर-8 स्थित देव एसोसिएट्स के लोकेश कुमार प्रापर्टी डीलर हैं।
आरोप है कि लोकेश से संपर्क किया तो उसने बताया कि सेक्टर-18 में एक कोठी बिक रही है। कोठी मालिक आरएल पुरी ने कोठी बेचने का एग्रीमेंट उसके साथ कर रखा है। इसके बाद लोकेश कुमार ने गुरमीत कौर और उसके भतीजे को कोठी दिखाई जो उन्हें पंसद आ गई। इसके बाद सौदा 5.85 करोड़ रुपये में तय हुआ। इसके बाद 15 अक्तूबर वर्ष 2017 में लोकेश कुमार ने एग्रीमेंट करवाया। आरोप है कि गुरमीत कौर ने एक करोड़ रुपये लोकेश कुमार को बैंक के जरिए दे दिए।
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इसके बाद 15 मार्च 2018 को लोकेश और अशोक कुमार ने उनसे संपर्क किया और कहा कि कोठी मालिक आरएल पुरी को दिक्कत हो गई है इसलिए वह मार्च महीने में सेल डीड नहीं बना सके और सेल डीड बनाने की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही। जून महीने में सेल डीड की तारीख पर लोकेश ने 1.59 करोड़ रुपये और गुरमीत कौर से ले लिए। फिर जुलाई महीने में गुरमीत कौर से संपर्क कर सेल डीड की तारीख को फिर से आगे बढ़ाने की बात कही। इस पर गुरमीत और उनके भतीजे नवदीप को लोकेश पर शक हुआ।
इस दौरान नवदीप ने कोठी मालिक आरएल पुरी के बेटे नवीन पूरी से खुद संपर्क किया तो पता चला कि कोठी बेचने का उनका कोई एग्रीमेंट लोकेश से नहीं हुआ है। इसके बाद गुरमीत कौर ने लोकेश से अपने रुपये वापस मांगे तो लोकेश ने उन्हें दो चेक दिए जो बाउंस हो गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता गुरमीत कौर ने बताया कि वह बंगलूरू के इंदिरा नगर में रहती हैं। उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। ऐसे में वह बंगलूरू में अकेली हो गई थीं। ऐसे में उन्होंने वहां की प्रापर्टी जुलाई वर्ष 2017 में बेच दी और चंडीगढ़ में अपने भाई और भतीजे के साथ रहने के लिए आ गईं। वह चंडीगढ़ में प्रापर्टी खरीदना चाहती थीं। उनके जानकार ने बताया कि सेक्टर-8 स्थित देव एसोसिएट्स के लोकेश कुमार प्रापर्टी डीलर हैं।
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आरोप है कि लोकेश से संपर्क किया तो उसने बताया कि सेक्टर-18 में एक कोठी बिक रही है। कोठी मालिक आरएल पुरी ने कोठी बेचने का एग्रीमेंट उसके साथ कर रखा है। इसके बाद लोकेश कुमार ने गुरमीत कौर और उसके भतीजे को कोठी दिखाई जो उन्हें पंसद आ गई। इसके बाद सौदा 5.85 करोड़ रुपये में तय हुआ। इसके बाद 15 अक्तूबर वर्ष 2017 में लोकेश कुमार ने एग्रीमेंट करवाया। आरोप है कि गुरमीत कौर ने एक करोड़ रुपये लोकेश कुमार को बैंक के जरिए दे दिए।
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इसके बाद 15 मार्च 2018 को लोकेश और अशोक कुमार ने उनसे संपर्क किया और कहा कि कोठी मालिक आरएल पुरी को दिक्कत हो गई है इसलिए वह मार्च महीने में सेल डीड नहीं बना सके और सेल डीड बनाने की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही। जून महीने में सेल डीड की तारीख पर लोकेश ने 1.59 करोड़ रुपये और गुरमीत कौर से ले लिए। फिर जुलाई महीने में गुरमीत कौर से संपर्क कर सेल डीड की तारीख को फिर से आगे बढ़ाने की बात कही। इस पर गुरमीत और उनके भतीजे नवदीप को लोकेश पर शक हुआ।
इस दौरान नवदीप ने कोठी मालिक आरएल पुरी के बेटे नवीन पूरी से खुद संपर्क किया तो पता चला कि कोठी बेचने का उनका कोई एग्रीमेंट लोकेश से नहीं हुआ है। इसके बाद गुरमीत कौर ने लोकेश से अपने रुपये वापस मांगे तो लोकेश ने उन्हें दो चेक दिए जो बाउंस हो गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।