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सर्व कर्मचारी संघ का राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन 16 से
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पंचकूला। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का तीन दिवसीय राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन 16 से 18 अगस्त तक सर छोटूराम जाट भवन पंचकूला में आयोजित होगा। पहले यह सम्मेलन 10-11-12 अगस्त को होना था। यह जानकारी सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने दी। उन्होंने बताया कि तिथियों में यह बदलाव कुछ अपरिहार्य कारणों के चलते किया गया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 17 जून को स्वागत समिति का गठन करने के बाद पंचकूला, यमुनानगर व अंबाला जिलों में राज्य स्तरीय स्वागत समिति की सब कमेटियां भी गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि स्वागत समिति की ओर से आम जनता से सम्मेलन को तन, मन, धन से सफल बनाने की अपील और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की केंद्रीय कमेटी की ओर से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों के नाम खुली अपील जारी कर दी गई है। मंगलवार को कर्मचारियों से सीधा संपर्क करने के लिए तीनों जिलों में जन संपर्क अभियान शुरू किया जा रहा है।
लांबा ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
लांबा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को सत्ता का इतना नशा है कि 29 मार्च, 2017 के बाद सरकार ने कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं पर बातचीत तक नहीं की। उन्होंने बताया कि जब दो साल कोई बातचीत ही नहीं होगी तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रकार के घोर निंदनीय रवैये से साफ है कि सरकारी कर्मचारी एवं उनकी समस्याएं सरकार के एजेंडे में शामिल ही नहीं हैं। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के समय भाजपा द्वारा जारी धोषणा पत्र में किए पंजाब के समान वेतनमान देने, सफाई कर्मचारियों व गेस्ट टीचरों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा को समाप्त करने, 15 हजार रुपए न्यूनतम वेतन देने, छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करने, शिशु शिक्षा भत्ता दोगुना करने के एक भी वादे को सरकार ने पूरा नही किया।
मकान भत्ते में बढ़ोत्तरी करने को सरकार तैयार नहीं
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार मकान किराए भत्तें में बढ़ोत्तरी करने को भी सरकार तैयार नहीं है। सरकार ने सचिवालय में कार्यरत ड्राइवर को साल में 13 महीने का वेतन देने का निर्णय किया। लेकिन फिल्ड के ड्राइवर को यह लाभ नहीं दिया। जबकि फिल्ड के ड्राइवर भी निश्चित समय से ज्यादा ड्यूटी कर रहे हैं। इसी प्रकार सरकारी कॉलेज में कार्यरत अनुबंध एक्सटेंशन लेक्चरर को समान काम समान वेतन दिया है। लेकिन यूनिवर्सिटी में अनुबंध पर लगे असिस्टेंट प्रोफेसर, टीचिंग असिस्टेंट को इस लाभ से वंचित कर दिया है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उपरोक्त तमाम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में आंदोलन की
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लांबा ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
लांबा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को सत्ता का इतना नशा है कि 29 मार्च, 2017 के बाद सरकार ने कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं पर बातचीत तक नहीं की। उन्होंने बताया कि जब दो साल कोई बातचीत ही नहीं होगी तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रकार के घोर निंदनीय रवैये से साफ है कि सरकारी कर्मचारी एवं उनकी समस्याएं सरकार के एजेंडे में शामिल ही नहीं हैं। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के समय भाजपा द्वारा जारी धोषणा पत्र में किए पंजाब के समान वेतनमान देने, सफाई कर्मचारियों व गेस्ट टीचरों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा को समाप्त करने, 15 हजार रुपए न्यूनतम वेतन देने, छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करने, शिशु शिक्षा भत्ता दोगुना करने के एक भी वादे को सरकार ने पूरा नही किया।
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मकान भत्ते में बढ़ोत्तरी करने को सरकार तैयार नहीं
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार मकान किराए भत्तें में बढ़ोत्तरी करने को भी सरकार तैयार नहीं है। सरकार ने सचिवालय में कार्यरत ड्राइवर को साल में 13 महीने का वेतन देने का निर्णय किया। लेकिन फिल्ड के ड्राइवर को यह लाभ नहीं दिया। जबकि फिल्ड के ड्राइवर भी निश्चित समय से ज्यादा ड्यूटी कर रहे हैं। इसी प्रकार सरकारी कॉलेज में कार्यरत अनुबंध एक्सटेंशन लेक्चरर को समान काम समान वेतन दिया है। लेकिन यूनिवर्सिटी में अनुबंध पर लगे असिस्टेंट प्रोफेसर, टीचिंग असिस्टेंट को इस लाभ से वंचित कर दिया है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उपरोक्त तमाम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में आंदोलन की
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