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पीयू को टाइम्स रैंकिंग में उम्मीद, एशिया में टॉप 100 में आएंगे
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी निरफ, एनटीयू व क्यूएस रैंकिंग में बाजी नहीं मार पाया। अब उम्मीद है कि टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में बाजी मार लेगा। पीयू का लक्ष्य इस बार एशिया में टॉप 100 विश्वविद्यालयों में शामिल होना है। दावा किया जा रहा है कि पीयू ने एक साल में अपने रिसर्च को बेहतर किया है। साथ ही इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को जोड़ा है। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
आंकड़ों पर गौर करें कि वर्ष 2019 में टाइम्स रैंकिंग में पीयू को 601-800 स्लैब हासिल हुआ था। पिछले वर्षों में भी आंकड़ा यही रहा था। एशिया में पीयू को 136 वीं रैंक ओवरऑल हासिल हुई थी। पीयू ने 18360 विद्यार्थी रैंकिंग फार्म भरने के दौरान दिखाए थे। आंकड़ों के आधार पर पीयू को मेल व फीमेल रेश्यो में 47.53 अंक मिले थे। इसी तरह टीचिंग में 26.9 फीसदी, रिसर्च में 11, परसेप्शन में 54.5, स्टूडेेंट्स एंड स्टाफ अनुपात में 21.5 अंक मिले थे। परसेप्शन के आधार पर पीयू को सर्वाधिक अंक मिले थे। माना जा रहा है कि इस बार भी एशिया में पीयू की छवि ठीक है। इसके कारण अंकों में और बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा पीयू के रिसर्च पेपर विदेशी जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं। इसमें यूआईपीएस, फिजिक्स, रसायन विज्ञान, बॉटनी, जूलॉजी, यूआईईटी व कई विभागों के शिक्षकों के शामिल हैं। इनका इंपैक्ट फैक्टर भी काफी अच्छा रहा है। कुछ लेख नेचर जर्नल मेें भी प्रकाशित हुए हैं।
इसी तरह पीयू ने अपनी गेस्ट फैकल्टी में बढ़ोत्तरी की है। साथ ही बिना पीएचडी वाले शिक्षक रिसर्च करने लगे हैं। इसके कारण अंकों में यहां भी सुधार हो सकता है। स्टूडेंट्स व शिक्षकों का अनुपात कुछ ठीक हो रहा है। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता भी ठीक हुई है। विदेशी छात्रों को आकर्षित करने में भी पीयू इस बार कामयाब रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं बिंदुओं के आधार पर पीयू इस रैंकिंग में बाजी मार सकता है।
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इनसेट---
अटल रैंकिंग में पाया था पहला स्थान
पीयू ने भारत सरकार की अटल रैंकिंग में यूनिवर्सिटी लेवल में पहला स्थान पाया था। रिसर्च, शिक्षक व छात्र अनुपात, परसेप्शन, संसाधन आदि बिंदुओं पर ग्रेडिंग की गई थी। इस बार भी इस रैंकिंग में पीयू आगे निकले की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आईक्यूएसी ने भी हर विभागों को आदेश जारी किए हैं। हर माह में कार्यों की मॉनीटरिंग हो रही है।
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आंकड़ों पर गौर करें कि वर्ष 2019 में टाइम्स रैंकिंग में पीयू को 601-800 स्लैब हासिल हुआ था। पिछले वर्षों में भी आंकड़ा यही रहा था। एशिया में पीयू को 136 वीं रैंक ओवरऑल हासिल हुई थी। पीयू ने 18360 विद्यार्थी रैंकिंग फार्म भरने के दौरान दिखाए थे। आंकड़ों के आधार पर पीयू को मेल व फीमेल रेश्यो में 47.53 अंक मिले थे। इसी तरह टीचिंग में 26.9 फीसदी, रिसर्च में 11, परसेप्शन में 54.5, स्टूडेेंट्स एंड स्टाफ अनुपात में 21.5 अंक मिले थे। परसेप्शन के आधार पर पीयू को सर्वाधिक अंक मिले थे। माना जा रहा है कि इस बार भी एशिया में पीयू की छवि ठीक है। इसके कारण अंकों में और बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा पीयू के रिसर्च पेपर विदेशी जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं। इसमें यूआईपीएस, फिजिक्स, रसायन विज्ञान, बॉटनी, जूलॉजी, यूआईईटी व कई विभागों के शिक्षकों के शामिल हैं। इनका इंपैक्ट फैक्टर भी काफी अच्छा रहा है। कुछ लेख नेचर जर्नल मेें भी प्रकाशित हुए हैं।
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इसी तरह पीयू ने अपनी गेस्ट फैकल्टी में बढ़ोत्तरी की है। साथ ही बिना पीएचडी वाले शिक्षक रिसर्च करने लगे हैं। इसके कारण अंकों में यहां भी सुधार हो सकता है। स्टूडेंट्स व शिक्षकों का अनुपात कुछ ठीक हो रहा है। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता भी ठीक हुई है। विदेशी छात्रों को आकर्षित करने में भी पीयू इस बार कामयाब रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं बिंदुओं के आधार पर पीयू इस रैंकिंग में बाजी मार सकता है।
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अटल रैंकिंग में पाया था पहला स्थान
पीयू ने भारत सरकार की अटल रैंकिंग में यूनिवर्सिटी लेवल में पहला स्थान पाया था। रिसर्च, शिक्षक व छात्र अनुपात, परसेप्शन, संसाधन आदि बिंदुओं पर ग्रेडिंग की गई थी। इस बार भी इस रैंकिंग में पीयू आगे निकले की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आईक्यूएसी ने भी हर विभागों को आदेश जारी किए हैं। हर माह में कार्यों की मॉनीटरिंग हो रही है।