{"_id":"5d13d31a8ebc3e3ce9645f70","slug":"156158029517-panchkula-news114","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक कचरे का ढेर उठाया, दस कदम पर लगा दूसरा ढेर नहीं दिखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक कचरे का ढेर उठाया, दस कदम पर लगा दूसरा ढेर नहीं दिखा
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चंडीगढ़। नगर निगम के सफाई कर्मचारी रोज नए खेल पर खेल कर रहे हैं। मंगलवार को अधिकारियों से मिली फटकार के बाद बुधवार को सेक्टर 9 में लगे कचरे का ढेर सफाई कर्मियों ने उठा लिया, लेकिन उसके 10 कदम पर लगा बड़ा कचरे का ढेर जस का तस छोड़ दिया। इसकेअलावा उठाए गए कचरे को भी थोड़ी दूर पर लगे कचरे के ढेर पर ही फेंक दिया।
बीते शनिवार को स्वच्छता ऐप पर कचरे केढेर की एक फोटो अपलोड की गई थी। दो दिनों बाद ऐप पर दूसरी जगह की साफ स्थान की फोटो ऐप पर डालकर समस्या का हल दिख दिया। अमर उजाला ने समस्या हल करने का स्क्रीन शॉट व कचरे के ढेर की फोटो के साथ बुधवार के अंक में ‘पोल खुली, स्वच्छता के नाम पर निगम गुमराह कर रहा’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। साथ ही कमिश्नर केके यादव को जानकारी दी। कमिश्नर की फटकार केबाद सफाई कर्मचारियों ने कचरे का ढेर साफ कर 10 कदम दूर लगे दूसरे कचरे के ढेर पर फेंक दिया और साफ स्थान का फोटो ऐप पर अपलोड कर दिया। उसी कचरे केढेर के साथ लगभग 5 से 10 अन्य पत्ते और कचरे के ढेर लगे थे, लेकिन कर्मचारियों को वह ढेर नहीं दिखे और एक स्थान से कचरा हटाकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
हाउसिंग बोर्ड ऑफिस के सामने लगा कचरे का ढेर
सेक्टर 9 में स्थित हाउसिंग बोर्ड ऑफिस के सामने विशाल कचरे व पत्ते का ढेर लगा हुआ है। यह ढेर लगभग 20 दिनों से लगा हुआ है। इसके अलावा बुधवार को साफ किए गए कचरे को कर्मचारियों ने वहीं फेंक दिया। इसके अलावा उसी लाइन में कई सारे कचरे के ढेर लगे हैं, लेकिन कर्मचारियों ने न पत्तों को उठाने की जहमत उठाई और न कचरे का ढेर हटाने की मशक्कत की। इसके अलावा सामने पार्किंग में कई कचरे के ढेर लगे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
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इस तरह तो लबालब हो जाएंगी शहर की सड़कें
यह हाल केवल सेक्टर 9 की ही नहीं बल्कि शहर के कई क्षेत्रों का है। कर्मचारी सफाई कर कचरे का ढेर तो लगा दे रहे हैं, लेकिन उसे उठाने वाला कोई नहीं है। इससे कचरा वहीं की वहीं पहुंच जाता है। बारिश का मौसम आने वाला है। पत्तों व कचरे से जब नाले चोक हो जाएंगे तो पानी नहीं निकलेगा और सड़कें फिर लबालब हो जाएंगी। बारिश के लिए निगम की तैयारियों को सफाई कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं।
दो-तीन दिन में भी समाधान नहीं
नगर निगम के अफसर दावा कर रहे हैं कि ऐप पर आई शिकायतों का तुरंत समाधान हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि ऐप पर डाली जा रही शिकायतों का 24 घंटे में समाधान होना तो दूर 2-3 दिन में भी नहीं हो पा रहा है। शनिवार को डाली गई शिकायत का भी मंगलवार को हल दिखा रहा था। नगर निगम की तरफ से ऐप पर आई शिकायतों का निपटारा होने का दावा तो किया जाता है, लेकिन मौके पर जाकर देखने पर कचरा जस का तस मिलता है।
कोट
सुपरवाइजर व सफाई कर्मचारियों को सफाई केलिए कहा गया था। बावजूद इसके लापरवाही हुई है तो इस बार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केके यादव, कमिश्नर नगर निगम चंडीगढ़
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बीते शनिवार को स्वच्छता ऐप पर कचरे केढेर की एक फोटो अपलोड की गई थी। दो दिनों बाद ऐप पर दूसरी जगह की साफ स्थान की फोटो ऐप पर डालकर समस्या का हल दिख दिया। अमर उजाला ने समस्या हल करने का स्क्रीन शॉट व कचरे के ढेर की फोटो के साथ बुधवार के अंक में ‘पोल खुली, स्वच्छता के नाम पर निगम गुमराह कर रहा’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। साथ ही कमिश्नर केके यादव को जानकारी दी। कमिश्नर की फटकार केबाद सफाई कर्मचारियों ने कचरे का ढेर साफ कर 10 कदम दूर लगे दूसरे कचरे के ढेर पर फेंक दिया और साफ स्थान का फोटो ऐप पर अपलोड कर दिया। उसी कचरे केढेर के साथ लगभग 5 से 10 अन्य पत्ते और कचरे के ढेर लगे थे, लेकिन कर्मचारियों को वह ढेर नहीं दिखे और एक स्थान से कचरा हटाकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
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हाउसिंग बोर्ड ऑफिस के सामने लगा कचरे का ढेर
सेक्टर 9 में स्थित हाउसिंग बोर्ड ऑफिस के सामने विशाल कचरे व पत्ते का ढेर लगा हुआ है। यह ढेर लगभग 20 दिनों से लगा हुआ है। इसके अलावा बुधवार को साफ किए गए कचरे को कर्मचारियों ने वहीं फेंक दिया। इसके अलावा उसी लाइन में कई सारे कचरे के ढेर लगे हैं, लेकिन कर्मचारियों ने न पत्तों को उठाने की जहमत उठाई और न कचरे का ढेर हटाने की मशक्कत की। इसके अलावा सामने पार्किंग में कई कचरे के ढेर लगे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
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इस तरह तो लबालब हो जाएंगी शहर की सड़कें
यह हाल केवल सेक्टर 9 की ही नहीं बल्कि शहर के कई क्षेत्रों का है। कर्मचारी सफाई कर कचरे का ढेर तो लगा दे रहे हैं, लेकिन उसे उठाने वाला कोई नहीं है। इससे कचरा वहीं की वहीं पहुंच जाता है। बारिश का मौसम आने वाला है। पत्तों व कचरे से जब नाले चोक हो जाएंगे तो पानी नहीं निकलेगा और सड़कें फिर लबालब हो जाएंगी। बारिश के लिए निगम की तैयारियों को सफाई कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं।
दो-तीन दिन में भी समाधान नहीं
नगर निगम के अफसर दावा कर रहे हैं कि ऐप पर आई शिकायतों का तुरंत समाधान हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि ऐप पर डाली जा रही शिकायतों का 24 घंटे में समाधान होना तो दूर 2-3 दिन में भी नहीं हो पा रहा है। शनिवार को डाली गई शिकायत का भी मंगलवार को हल दिखा रहा था। नगर निगम की तरफ से ऐप पर आई शिकायतों का निपटारा होने का दावा तो किया जाता है, लेकिन मौके पर जाकर देखने पर कचरा जस का तस मिलता है।
कोट
सुपरवाइजर व सफाई कर्मचारियों को सफाई केलिए कहा गया था। बावजूद इसके लापरवाही हुई है तो इस बार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केके यादव, कमिश्नर नगर निगम चंडीगढ़