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बंद नहीं होगी इंटर डिपार्टमेंट ट्रांसफर पॉलिसी

Thu, 20 Jun 2019 02:06 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2019 02:06 AM IST
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बंद नहीं होगी इंटर डिपार्टमेंट ट्रांसफर पॉलिसी
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने इंप्लाइज के विरोध के बावजूद इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के लागू रखने का फैसला ले लिया है। यूटी में 22 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यूटी के विभिन्न डिपार्टमेंट में कर्मचारियों की प्रमोशन और कमी को पूरा करने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि, प्रशासन ने इंप्लाइज की मांग पर पॉलिसी में कुछ बदलाव जरूर किए हैं। सोमवार को इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 37 कर्मचारियों के तबादले होने के बाद कर्मचारियों के विरोध का स्वर तेज हो गया है। बुधवार को ट्रांसफर के विरोध में इंप्लाइज का एक प्रतिनिधिमंडल कार्यवाहक एडवाइजर और प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम अरुण कुमार गुप्ता से मिला। सूत्रों की मानें तो प्रशासन इस मसले पर कोई समझौते के मूड में नहीं है। हालांकि, पॉलिसी में कुछ बदलाव की बात कही जा रही है।
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एक ही डिपार्टमेंट में कई साल से जमे कर्मचारियों को एक विभाग से दूसरे डिपार्टमेंट में भेजने के लिए इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई थी। इसके तहत प्रशासन ने पहली बार 2016 में दशकों से जमे कर्मचारियों को दूसरे डिपार्टमेंट में ट्रांसफर किया था। इसके बाद कर्मचारियों ने इसका खुलकर विरोध किया था। प्रशासन के निर्णय के विरोध में इंप्लाइज पहले कैट और फिर हाईकोर्ट चले गए थे। दोनों ही जगह इंप्लाइज के पक्ष में फैसला आया था। हाईकोर्ट ने इस पॉलिसी को खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बाद में मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी को अप्रूवल दे दी थी।
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कर्मचारियोें को मिलेगा प्रमोशन का लाभ
इस पॉलिसी को केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद इंप्लाइज को ऐतराज है। इसे देखते हुए हॉल ही में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच मीटिंग हुई, जिसमें कुछ बदलाव कर पॉलिसी को लागू करने की बात कही गई। इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के पर्सोनल सेक्रेटरी बीएल शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों की मांग पर कुछ चेंजेज कर दिए गए हैं। जहां तक पॉलिसी का सवाल है तो वह इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के तहत ही किए जाने हैं। बीएल शर्मा का कहना है कि इसकी वजह यह है कि कई विभागों में प्रमोशन हो जाने के बाद भी विभाग में उस ग्रेड पर जगह नहीं होने के चलते अपनी पुरानी सीट पर ही कार्यरत हैं। वहीं, कुछ विभागों में कर्मचारियों की कमी रहती है। इसे देखते हुए यह पॉलिसी लागू करना जरूरी है।
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रिटायरमेंट से एक साल पहले कर्मचारियों को भेजा जाएगा उनके मूल डिपार्टमेंट
यूटी प्रशासन की ओर से बीते सोमवार को 37 कर्मचारियों का तबादला किया गया है, जिसमें कई कर्मचारियों को प्रमोशन देकर एक विभाग से दूसरे विभाग में तैनात कर दिया गया है। इस तबादले के बाद कर्मचारियों में उबाल आ गया है। विरोध में कई इंप्लाइज ने प्रिंसिपल होम सेेक्रेटरी से मिलकर अपनी शिकायत से अवगत कराया। कर्मचारियों का कहना है कि जो भी ट्रांसफर हुए हैं, उसमें नियमों को दरकिनार किया गया है। इसलिए पॉलिसी का विरोध जारी रहेगा। इस मसले में पर्सोनल सेक्रेटरी का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को मानते हुए रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेज दिया गया है। ऐसे में विरोध का कोई औचित्य नहीं है।
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