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नियुक्ति नहीं मिलने पर पंचकूला में भूख हड़ताल पर बैठे हिंदी के सहायक प्रोफेसर

Tue, 18 Jun 2019 01:24 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 01:24 AM IST
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नियुक्ति नहीं मिलने पर पंचकूला में भूख हड़ताल पर बैठे हिंदी के सहायक प्रोफेसर
पंचकूला। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा 2017 में हिंदी सहायक प्रोफेसर चयन होने के बाद अपनी नियुक्ति को लेकर हड़ताल पर बैठ गए हैं। सेक्टर -5 हुड्डा ग्राउंड शिक्षा सदन के पीछे, पंचकूला में सहायक प्रोफेसर हिंदी नियुक्ति संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। भयंकर गर्मी में सभी की तबीयत नासाज है। वहीं भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं की गर्मी से तबीयत ज्यादा बिगड़ रही है। सुनील थुआ, सुमन शर्मा, डॉ. सुनीता, कुलदीप, जगबीर, दिनेश व धर्मवीर ने कहा कि जब तक हमारी ज्वाइनिंग नहीं होगी तब तक हम शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर रहकर सरकार से नियुक्ति की गुहार लगाएंगे। हम लगभग दो साल से दर-दर भटक रहे हैं। हमारी बात मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाई। सरकार बेखबर है। एक साल पहले सारी जांच रिपोर्ट, साइबर रिपोर्ट जमा हो चुकी है। सभी विषयों के सहायक प्रोफेसर ज्वाइनिंग ले चुके हैं। तो हमारे साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है। हमें भी पारदर्शी तरीके से भर्ती किया है तो फिर हमें नियुक्ति दी जानी चाहिए। हमारे भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। हम राष्ट्रभाषा हिंदी के लाल हैं। दो साल से नौकरी के लिए तरस रहे हैं। सरकार से गुजारिश है कि हमारी मजबूत पैरवी कर शीघ्र ही नियुक्ति देें।
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यह था मामला: लिखित परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी मोबाइल पर नकल करता पकड़ा गया। एचपीएससी ने उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की। लेकिन लिखित परीक्षा का परिणाम आने के बाद असफल अभ्यर्थियों ने उसे नकल व पेपर लीक का मुद्दा बनाकर स्टे करा दिया। सिंगल बेंच का स्टे हटा तो डबल बैंच में स्टे करा दिया। 9 अगस्त, 2017 को साक्षात्कार का परिणाम जारी हुआ। लगभग एक साल पहले पंचकूला पुलिस की ओर से नकल मामले की पूर्ण साइबर जांच व रिपोर्ट जमा हुई जिसमें पेपर लीक मामला निराधार पाया गया। बावजूद इसके हिंदी के रखवालों को नियुक्ति के लिए तरसाना अनुचित ही नहीं अन्यायपूर्ण है। इस दौरान सुमन खटक, दीपा, रितू, डॉ. रमेश, मनोज, राजेश, योगेश त्यागी, प्रवीण सहित सभी चयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।
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