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एचएसवीपी ईओ के पत्र से किसान मंडियों पर मंडाया खतरा
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एचएसवीपी के ईओ के पत्र से किसान मंडियों पर मंडराया खतरा
- मार्केट कमेटी के सचिव-कार्यकारी अधिकारी को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक पत्र से शहर में लगने वाली किसान मंडियों को खतरा पैदा हो गया है। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी आशुतोष राजन ने मार्केट कमेटी के सचिव/कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर प्राधिकरण का बकाया पैसा जमा करवाने के लिए कहा है, वरना शहर में कहीं पर भी प्राधिकरण की जमीन पर किसान मंडी नहीं लगने दी जाएगी। इस पत्र के बाद जिले के किसानों एवं सब्जी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। ईओ आशुतोष राजन ने बताया कि एक सितंबर 2014 को मार्केट कमेटी को पत्र लिखा गया था, उसके बाद 25 जनवरी 2018 को पत्र लिखा गया था। जिसमें कहा गया था कि एचएसवीपी की जमीन पर किसान मंडियां लग रही है। जिसमें रोजाना हर मंडी का 30 हजार रुपये किराया सुनिश्चित किया गया था। दिसंबर 2018 तक का किराया मार्केट कमेटी की ओर से जमा नहीं करवाया गया था। जोकि लगभग चार करोड़ 26 हजार 60 रुपये से अधिक है। इसके अलावा सर्विस टैक्स भी जमा किया जाना है। राजन ने मार्केट कमेटी सचिव को चेतावनी दे दी है कि यदि नोटिस देने के बाद भी फीस जमा नहीं करवाई गई तो वे प्राधिकरण की जमीन पर मंडी नहीं लगने देंगे।
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- मार्केट कमेटी के सचिव-कार्यकारी अधिकारी को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक पत्र से शहर में लगने वाली किसान मंडियों को खतरा पैदा हो गया है। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी आशुतोष राजन ने मार्केट कमेटी के सचिव/कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर प्राधिकरण का बकाया पैसा जमा करवाने के लिए कहा है, वरना शहर में कहीं पर भी प्राधिकरण की जमीन पर किसान मंडी नहीं लगने दी जाएगी। इस पत्र के बाद जिले के किसानों एवं सब्जी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। ईओ आशुतोष राजन ने बताया कि एक सितंबर 2014 को मार्केट कमेटी को पत्र लिखा गया था, उसके बाद 25 जनवरी 2018 को पत्र लिखा गया था। जिसमें कहा गया था कि एचएसवीपी की जमीन पर किसान मंडियां लग रही है। जिसमें रोजाना हर मंडी का 30 हजार रुपये किराया सुनिश्चित किया गया था। दिसंबर 2018 तक का किराया मार्केट कमेटी की ओर से जमा नहीं करवाया गया था। जोकि लगभग चार करोड़ 26 हजार 60 रुपये से अधिक है। इसके अलावा सर्विस टैक्स भी जमा किया जाना है। राजन ने मार्केट कमेटी सचिव को चेतावनी दे दी है कि यदि नोटिस देने के बाद भी फीस जमा नहीं करवाई गई तो वे प्राधिकरण की जमीन पर मंडी नहीं लगने देंगे।