{"_id":"5c3ced59bdec22733d44cc45","slug":"15474969172-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते सडक हादसों में बढोतरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते सडक हादसों में बढोतरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करोड़ों रुपये की सड़कों पर रेलिंग लगाना भूल गया लोनिवि
- सड़क पर रेलिंग न होने से कई लोग गवां चुके है अपनी जान
- कुछ माह पूर्व खानापूर्ति के लिए कुछेक जगहों पर लगाई थी रेलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी। अगर आप मोरनी की सड़कों पर घूमने का विचार कर रहे हैं तो आपको पूरी सतर्कता दिखानी पड़ेगी, जरा सी चूक आपकी जान पर भारी पड़ सकती है। ये बात हम नहीं बल्कि पिछले तीन सालों के दौरान मोरनी की सड़कों पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे बोल रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में खतरनाक मोड़ों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से सुरक्षा के उपाय शून्य होने के चलते आधा दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके है। इसके अलावा इलाके की सड़कों पर रेलिंग इत्यादि न होने की वजह से दर्जनों दुर्घटनाओं में कार सवार घायल हो चुके हैं। लेकिन लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। लोनिवि के अधिकारियों की कार्यशैली महज खानापूर्ति वाली होती है इसी के मद्देनजर कुछ मोड़ पर स्टील की रेलिंग लगवाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी काम पूरा नहीं हो सका और न ही भविष्य में विभाग के पास इस समस्या को लेकर कोई योजना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब नए टेंडरों में लोकनिर्माण विभाग के सड़क सुरक्षा नियमों में रेलिंग लगाने के लिए प्रावधान रखा गया है। इसकी एस्टीमेट लागत तीन हजार रुपये प्रति मीटर है। लेकिन पुरानी सड़कों पर रेलिंग लगाने को लेकर विभाग के पास कोई योजना नहीं है। पंचकूला की ओर से मोरनी की ओर आने वाले दोनों मुख्य रास्तों के अलावा में मोरनी से रायपुररानी और बड़ीशेर की तरफ जाने वाले मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में खतरनाक मोड़ है।
सुरक्षा के इंतजामों के अभाव में सड़कों पर कब, कहां गई जानें
तीन साल पहले थापली में मल्लाह मोड़ पर स्कूटर सवार तीन युवकों की मौत सड़क का ढलान खाई की ओर होने के कारण हुई थी। ढलान को ठीक करने के लिए मौजूदा सरपंच से लेकर अन्य ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों व सड़क बनाने वाले ठेकेदारों से सुरक्षा के इंतजाम को पुख्ता करने की अपील की लेकिन किसी के कानों पर आज तक जूं नहीं रेंगी। इसके अलावा मोरनी पंचकूला मार्ग पर सिलयों गांव के पास नवंबर 2015 में भी एक कार 200 फुट गहरी खाई में गिर गई थी। जिसमें कार सवार चार युवकों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी और बाकी को गहरी चोटें आई थी।
विज्ञापन
- सड़क पर रेलिंग न होने से कई लोग गवां चुके है अपनी जान
- कुछ माह पूर्व खानापूर्ति के लिए कुछेक जगहों पर लगाई थी रेलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी। अगर आप मोरनी की सड़कों पर घूमने का विचार कर रहे हैं तो आपको पूरी सतर्कता दिखानी पड़ेगी, जरा सी चूक आपकी जान पर भारी पड़ सकती है। ये बात हम नहीं बल्कि पिछले तीन सालों के दौरान मोरनी की सड़कों पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे बोल रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में खतरनाक मोड़ों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से सुरक्षा के उपाय शून्य होने के चलते आधा दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके है। इसके अलावा इलाके की सड़कों पर रेलिंग इत्यादि न होने की वजह से दर्जनों दुर्घटनाओं में कार सवार घायल हो चुके हैं। लेकिन लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। लोनिवि के अधिकारियों की कार्यशैली महज खानापूर्ति वाली होती है इसी के मद्देनजर कुछ मोड़ पर स्टील की रेलिंग लगवाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी काम पूरा नहीं हो सका और न ही भविष्य में विभाग के पास इस समस्या को लेकर कोई योजना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब नए टेंडरों में लोकनिर्माण विभाग के सड़क सुरक्षा नियमों में रेलिंग लगाने के लिए प्रावधान रखा गया है। इसकी एस्टीमेट लागत तीन हजार रुपये प्रति मीटर है। लेकिन पुरानी सड़कों पर रेलिंग लगाने को लेकर विभाग के पास कोई योजना नहीं है। पंचकूला की ओर से मोरनी की ओर आने वाले दोनों मुख्य रास्तों के अलावा में मोरनी से रायपुररानी और बड़ीशेर की तरफ जाने वाले मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में खतरनाक मोड़ है।
सुरक्षा के इंतजामों के अभाव में सड़कों पर कब, कहां गई जानें
तीन साल पहले थापली में मल्लाह मोड़ पर स्कूटर सवार तीन युवकों की मौत सड़क का ढलान खाई की ओर होने के कारण हुई थी। ढलान को ठीक करने के लिए मौजूदा सरपंच से लेकर अन्य ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों व सड़क बनाने वाले ठेकेदारों से सुरक्षा के इंतजाम को पुख्ता करने की अपील की लेकिन किसी के कानों पर आज तक जूं नहीं रेंगी। इसके अलावा मोरनी पंचकूला मार्ग पर सिलयों गांव के पास नवंबर 2015 में भी एक कार 200 फुट गहरी खाई में गिर गई थी। जिसमें कार सवार चार युवकों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी और बाकी को गहरी चोटें आई थी।
विज्ञापन