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पराली के मुद्दे पर अनाज मंडी में गरजे हजारों किसान
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:29 PM IST
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‘सुविधाएं दिए बिना पराली जलाने रोका तो होगी आरपार की लड़ाई’
भारतीय किसान यू नियन एकता उगराहा की अगुवाई में हजारों किसानों ने विशाल कान्फ्रेंस
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। शनिवार को अनाज मंडी में पराली के मुद्दे पर भारतीय किसान यू नियन एकता उगराहा की अगुवाई में हजारों किसानों ने विशाल कान्फ्रेंस की। कान्फ्रेंस में शामिल होने वाले किसानों ने पराली न जलाने के आदेशों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समूह किसान नेताओं ने कहा कि अगर किसानों को बिना मुआवजा या सहूलियतें दिए बिना पराली जलाने से रोका तो सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस अवसर पर किसानों के विशाल जनसमूह को संबोधित करते यूनियन के स्टेट प्रधान जगिंदर सिंह उगराहां, सीनियर उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके व महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि सरकार पराली के निपटान का समाधान स्वयं करे या फिर धान पर 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस फसल के मूल्य के साथ दिया जाए। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि अगर किसानों को सहूलियत व मुआवजा दिए बिना पराली जलाने से रोका तो किसान जेलों से नहीं डरेंगे और हर हाल में पराली जलाएंगे। किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं व धान के फसली चक्कर से निकले के लिए किसान तैयार हैं, लेकिन सरकार फसलें, दालें, तेल, बीज इत्यादि का लाभदायक मूल्य और खरीद की गारंटी दे। किसान नेताओं ने मांग की कि किसान, मजदूरों के परिवारों के बच्चों को शिक्षा व इलाज मुफ्त देकर उन्हें साथ साथ स्थायी रोजगार भी दिया जाए।
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भारतीय किसान यू नियन एकता उगराहा की अगुवाई में हजारों किसानों ने विशाल कान्फ्रेंस
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। शनिवार को अनाज मंडी में पराली के मुद्दे पर भारतीय किसान यू नियन एकता उगराहा की अगुवाई में हजारों किसानों ने विशाल कान्फ्रेंस की। कान्फ्रेंस में शामिल होने वाले किसानों ने पराली न जलाने के आदेशों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समूह किसान नेताओं ने कहा कि अगर किसानों को बिना मुआवजा या सहूलियतें दिए बिना पराली जलाने से रोका तो सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस अवसर पर किसानों के विशाल जनसमूह को संबोधित करते यूनियन के स्टेट प्रधान जगिंदर सिंह उगराहां, सीनियर उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके व महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि सरकार पराली के निपटान का समाधान स्वयं करे या फिर धान पर 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस फसल के मूल्य के साथ दिया जाए। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि अगर किसानों को सहूलियत व मुआवजा दिए बिना पराली जलाने से रोका तो किसान जेलों से नहीं डरेंगे और हर हाल में पराली जलाएंगे। किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं व धान के फसली चक्कर से निकले के लिए किसान तैयार हैं, लेकिन सरकार फसलें, दालें, तेल, बीज इत्यादि का लाभदायक मूल्य और खरीद की गारंटी दे। किसान नेताओं ने मांग की कि किसान, मजदूरों के परिवारों के बच्चों को शिक्षा व इलाज मुफ्त देकर उन्हें साथ साथ स्थायी रोजगार भी दिया जाए।