{"_id":"5adf64014f1c1b5f098b642d","slug":"15245895706125-40-khanna-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकेदार ी कार्यशैली के चलतें लगें गेंहू के अंबार,मंडी में लिफ्ट के लिए 125 ट्रकों की जरूरत 40 ट्रकों से चलाया जा रहा है काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदार ी कार्यशैली के चलतें लगें गेंहू के अंबार,मंडी में लिफ्ट के लिए 125 ट्रकों की जरूरत 40 ट्रकों से चलाया जा रहा है काम
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारदाना खत्म, गेहूं की बोली रुकी, किसान निराश
एशिया की सबसे बड़ी मंडी खन्ना में लिफ्टिंग न होने के कारण गेहूं की लाखों बोरी डंप
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना।
एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में लिफ्टिंग धीमी होने के कारण गेहूूं की बोरियों के अंबार बढ़ता जा रहा है।वहीं बारदाना खत्म होने पर गेहूं की बोली रुक गई है। इससे किसान निराश हैं। वहीं बारिश होने पर खुले में पड़ी गेहूं की बोरियां भीगने का डर भी किसानों का सता रहा है।
मंगलवार को जब अनाज मंडियों में कुछ एजेंसियां बोली लगाने नहीं आईं तो आढ़तियों ने फोन किया। इस पर पता चला कि बारदाना न होने कारण मार्कफेड, पनसप और वेयर हाउस ने खरीद बंद कर दी है। एफसीआई का टारगेट कम है, इसलिए वह ज्यादा खरीद नहीं कर सकते। इसके बाद आढ़ती एसोसिएशन का एक वफद प्रधान संजय घई की अगुवाई में मार्केट कमेटी सेक्रेटरी दलविंदर सिंह से मिला। सेक्रेटरी ने तुरंत दूसरी एजेंसियों को आदेश जारी किए हैं कि जिनके पास अतिरिक्त बारदाना है, वह एक दूसरी एजेंसी को दें, ताकि खरीद प्रभावित न हो। उधर, अनाज मंडी में ज्यादातर आढ़ती कांग्रेसी होने के कारण सरकार के खिलाफ बोलने से कतरा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ आढ़तियों ने कहा कि इस बार के जो हालात हैं, वह पिछले 10 सालों में नहीं थे। उनकी मजबूरी है कि पार्टी लेवल पर उन्हें चुप रहकर सब कुछ सहना पड़ रहा है।
उधर, ठेकेदार की लापरवाही के चलते मंडी में लिफ्टिंग का काम तेज गति से नहीं चल रहा है। मंडी में से गेहूं की बोरियों को लिफ्टिंग करने के लिए जिस ठेकेदार ने ट्रांसपोर्ट का ठेका लिया था वह वाहन पूरे नही कर पा रहा है। दरअसल वर्ष छह खरीद एजेंसियों का लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका एक ही ठेकेदार को दे दिया गया। लिफ्टिंग के लिए सैकड़ों ट्रकों की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार के पास सिर्फ 40 ट्रक हैं।
विज्ञापन
इससे पहले हर साल मार्केट कमेटी की ओर से लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका अलग-अलग दिया जाता था। खरीद एजेंसियां छह हैं तो इतने ही ठेकेदार काम करेंगे। इस संबंध में ठेकेदार राज कुमार राजू का कहना है ऐसी कोई बात नही है. जितने वाहन लिफ्टिंग के लिए चाहिए, हमारे पास हैं। लिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। मार्केट कमेटी खन्ना के सचिव दलविंदर सिंह का कहना है कि जल्द ही बारदाने का हल निकाला जाएगा।
विज्ञापन
एशिया की सबसे बड़ी मंडी खन्ना में लिफ्टिंग न होने के कारण गेहूं की लाखों बोरी डंप
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना।
एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में लिफ्टिंग धीमी होने के कारण गेहूूं की बोरियों के अंबार बढ़ता जा रहा है।वहीं बारदाना खत्म होने पर गेहूं की बोली रुक गई है। इससे किसान निराश हैं। वहीं बारिश होने पर खुले में पड़ी गेहूं की बोरियां भीगने का डर भी किसानों का सता रहा है।
मंगलवार को जब अनाज मंडियों में कुछ एजेंसियां बोली लगाने नहीं आईं तो आढ़तियों ने फोन किया। इस पर पता चला कि बारदाना न होने कारण मार्कफेड, पनसप और वेयर हाउस ने खरीद बंद कर दी है। एफसीआई का टारगेट कम है, इसलिए वह ज्यादा खरीद नहीं कर सकते। इसके बाद आढ़ती एसोसिएशन का एक वफद प्रधान संजय घई की अगुवाई में मार्केट कमेटी सेक्रेटरी दलविंदर सिंह से मिला। सेक्रेटरी ने तुरंत दूसरी एजेंसियों को आदेश जारी किए हैं कि जिनके पास अतिरिक्त बारदाना है, वह एक दूसरी एजेंसी को दें, ताकि खरीद प्रभावित न हो। उधर, अनाज मंडी में ज्यादातर आढ़ती कांग्रेसी होने के कारण सरकार के खिलाफ बोलने से कतरा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ आढ़तियों ने कहा कि इस बार के जो हालात हैं, वह पिछले 10 सालों में नहीं थे। उनकी मजबूरी है कि पार्टी लेवल पर उन्हें चुप रहकर सब कुछ सहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उधर, ठेकेदार की लापरवाही के चलते मंडी में लिफ्टिंग का काम तेज गति से नहीं चल रहा है। मंडी में से गेहूं की बोरियों को लिफ्टिंग करने के लिए जिस ठेकेदार ने ट्रांसपोर्ट का ठेका लिया था वह वाहन पूरे नही कर पा रहा है। दरअसल वर्ष छह खरीद एजेंसियों का लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका एक ही ठेकेदार को दे दिया गया। लिफ्टिंग के लिए सैकड़ों ट्रकों की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार के पास सिर्फ 40 ट्रक हैं।
विज्ञापन
इससे पहले हर साल मार्केट कमेटी की ओर से लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका अलग-अलग दिया जाता था। खरीद एजेंसियां छह हैं तो इतने ही ठेकेदार काम करेंगे। इस संबंध में ठेकेदार राज कुमार राजू का कहना है ऐसी कोई बात नही है. जितने वाहन लिफ्टिंग के लिए चाहिए, हमारे पास हैं। लिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। मार्केट कमेटी खन्ना के सचिव दलविंदर सिंह का कहना है कि जल्द ही बारदाने का हल निकाला जाएगा।