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अबोहर में रहा भारत बंद का मिलाजुला असर 16-11-18
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:04 PM IST
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अबोहर में बंद का मिलाजुला असर
सुबह दुकानदारों ने खोली दुकानें, अपील पर बंद कर दीं
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
सवर्णों के मंगलवार को भारत बंद का यहां मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद का आह्वान करने वाले लोगों ने एक दिन पहले तक दुकानदारों को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी। इस पर सुबह होते ही लोगों ने अपनी दुकानें खोल ली। बाद में कुछ लोगों ने जाकर उनसे दुकानें बंद करने की अपील की।
सोमवार को देर सांय तक शहर के दुकानदार और व्यापारी एक-दूसरे से बंद के बारे में जानकारी हासिल करते रहे।किसी भी संगठन या व्यक्ति विशेष ने उन्हें बंद का समर्थन करने की अपील नहीं की। एसडीएम पूनम सिंह ने बताया उनके पास किसी भी संगठन ने बंद के बारे में कोई सूचना नहीं दी। इसके चलते मंगलवार सुबह रोज की तरह दुकानें खुल गई। करीब 11 बजे कुछ संगठनों ने दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील की। इल पप कुछ समय के लिए बाजार नंबर 9,11, 12 आदि बंद रहे। अधिकतर दुकानदारों का कहना था कि अगर एक दिन पहले बाजार में मुनादी करवाकर बंद में सहयोग की अपील की जाती तो वह पूरा समर्थन देने को तैयार थे। दोपहर करीब 12 बजे निजी स्कूल संचालकों ने भी छुट्टी कर दी। कई दुकानदार दुकानें बंद कर बाहर बैठे रहे।
बंद के दौरान सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर घूमते हुए शांतिपूर्वक सहयोग की अपील करते रहे। वही पुलिस प्रशासन ने भी सुबह से ही सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। शहर के हर चौक चौराहे पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। दोपहर करीब एक बजे सब्जी मंडी के नजदीक बाल्मीकि चौक पर दलितों और सवर्णों में मामलू झड़प होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति पर काबू किया। शहर के अलावा आसपास क्षेत्रों में पूरा दिन दुकानें खुली रहीं।
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सुबह दुकानदारों ने खोली दुकानें, अपील पर बंद कर दीं
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
सवर्णों के मंगलवार को भारत बंद का यहां मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद का आह्वान करने वाले लोगों ने एक दिन पहले तक दुकानदारों को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी। इस पर सुबह होते ही लोगों ने अपनी दुकानें खोल ली। बाद में कुछ लोगों ने जाकर उनसे दुकानें बंद करने की अपील की।
सोमवार को देर सांय तक शहर के दुकानदार और व्यापारी एक-दूसरे से बंद के बारे में जानकारी हासिल करते रहे।किसी भी संगठन या व्यक्ति विशेष ने उन्हें बंद का समर्थन करने की अपील नहीं की। एसडीएम पूनम सिंह ने बताया उनके पास किसी भी संगठन ने बंद के बारे में कोई सूचना नहीं दी। इसके चलते मंगलवार सुबह रोज की तरह दुकानें खुल गई। करीब 11 बजे कुछ संगठनों ने दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील की। इल पप कुछ समय के लिए बाजार नंबर 9,11, 12 आदि बंद रहे। अधिकतर दुकानदारों का कहना था कि अगर एक दिन पहले बाजार में मुनादी करवाकर बंद में सहयोग की अपील की जाती तो वह पूरा समर्थन देने को तैयार थे। दोपहर करीब 12 बजे निजी स्कूल संचालकों ने भी छुट्टी कर दी। कई दुकानदार दुकानें बंद कर बाहर बैठे रहे।
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बंद के दौरान सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर घूमते हुए शांतिपूर्वक सहयोग की अपील करते रहे। वही पुलिस प्रशासन ने भी सुबह से ही सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। शहर के हर चौक चौराहे पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। दोपहर करीब एक बजे सब्जी मंडी के नजदीक बाल्मीकि चौक पर दलितों और सवर्णों में मामलू झड़प होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति पर काबू किया। शहर के अलावा आसपास क्षेत्रों में पूरा दिन दुकानें खुली रहीं।
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