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इराक में मारे गए नवांशहर जिले के दोनों युवकों का मंगलवार को होगा संस्कार
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:17 PM IST
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देर शाम बलाचौर पहुंचे परविंदर और जसबीर के अवशेष
नवांशहर। जिले में मारे गए दोनों युवकों के अवशेष देर शाम बलाचौर पहुंच गए। दोनों को बलाचौर के मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा। बता दें कि बलाचौर के गांव जगतपुर निवासी मृतक परविंदर सिंह 2012 में इराक गए थे। 15 जून 2014 को परविंदर के अगवा होने की खबर आई। इसके बाद परविंदर के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता। मृतक के पिता जीत राम कहते हैं कि जब कुछ महीने पहले उनके परिवार का डीएनए लिया गया, तभी उन्हें परविंदर की मौत का आभास हो गया था। इसी तरह बलाचौर के ही गांव मैहंदपुर का जसबीर 31 अगस्त 2013 को ईराक गया था। जसबीर वहां पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था और उसकी भी परिवार के साथ आखिरी बात 15 जून 2014 को ही हुई थी। उसके बाद से उनका भी कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को दोनों मृतकों के शवों के अवशेष लेने के लिए जिला प्रशासन की दो टीमें परिवार सदस्यों के साथ अमृतसर एयरपोर्ट पहुंची। जहां पर दोनों के अवशेष प्राप्त कर लिए गए। दोनों मृतकों के अवशेष रात करीब 10 बजे बलाचौर पहुंचे। एसडीएम जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों के अवशेष बलाचौर मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा।
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नवांशहर। जिले में मारे गए दोनों युवकों के अवशेष देर शाम बलाचौर पहुंच गए। दोनों को बलाचौर के मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा। बता दें कि बलाचौर के गांव जगतपुर निवासी मृतक परविंदर सिंह 2012 में इराक गए थे। 15 जून 2014 को परविंदर के अगवा होने की खबर आई। इसके बाद परविंदर के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता। मृतक के पिता जीत राम कहते हैं कि जब कुछ महीने पहले उनके परिवार का डीएनए लिया गया, तभी उन्हें परविंदर की मौत का आभास हो गया था। इसी तरह बलाचौर के ही गांव मैहंदपुर का जसबीर 31 अगस्त 2013 को ईराक गया था। जसबीर वहां पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था और उसकी भी परिवार के साथ आखिरी बात 15 जून 2014 को ही हुई थी। उसके बाद से उनका भी कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को दोनों मृतकों के शवों के अवशेष लेने के लिए जिला प्रशासन की दो टीमें परिवार सदस्यों के साथ अमृतसर एयरपोर्ट पहुंची। जहां पर दोनों के अवशेष प्राप्त कर लिए गए। दोनों मृतकों के अवशेष रात करीब 10 बजे बलाचौर पहुंचे। एसडीएम जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों के अवशेष बलाचौर मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा।