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भारत बंद का असर : अबोहर में दलितों ने निकाला रोष मार्च

Mon, 02 Apr 2018 11:13 PM IST
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:13 PM IST
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भारत बंद का असर : अबोहर में दलितों ने निकाला रोष मार्च
भारत बंद का असर : अबोहर में पसरा रहा सन्नाटा
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दुकानें व कार्यालय बंद सिर्फ मेडिकल स्टोर ही खुले रहे
दलितों ने निकाला रोष मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
उच्चतम न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में दिए गए फैसले को लेकर सोमवार को दलित समुदाय के भारत बंद के आह्वान पर अबोहर भी पूर्ण तौर पर बंद रहा। इसके तहत सोमवार सुबह 9 बजे दलित समुदाय के लोग घंटाघर के पास भीमराव अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और रोष मार्च निकाला।
यह रोष मार्च अंबेडकर चौक से होते हुए सरकुलर रोड, भगत सिंह चौक, बस स्टैंड, जैन नगरी रोड, हनुमानगढ़ रोड, नई सड़क से होते हुए एसडीएम निवास स्थान पर पहुंचा। वहां पर एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मांगपत्र सौंपा। इस दौरान एसपी अमरजीत मटवाणी, डीएसपी गुरविंद्र सिंह संघा, नगर थाना प्रभारी परमजीत सिंह, एक्सईएन मलकीत सिंह, फायर अफसर गुरजंट सिंह बराड़, तहसीलदार जैत कंवर व नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे। उधर, एसएसपी केतन बलिराम पाटिल ने अपनी टीम समेत शहर का दौरा का स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बंद और दलितों के रोष प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात था। रोष रैली के साथ-साथ दमकल विभाग की गाड़ियां, व एंबुलेंस भी मौजूद रहीं। वहीं सरकारी अस्पताल में भी डॉक्टरी टीमों का गठन कर पूरे प्रबंध किए गए।
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दलित समुदाय के नेताओं ने कहा कि 20 मार्च को उच्चतम न्यायालय ने अनुचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण एक्ट 1989 के विषय में एससी एसटी जातियों के हितों को प्रभावित करने का फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से करोड़ों दलितों की जिंदगी प्रभावित होगी और उन पर अत्याचार बढ़ जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले में उन्हें दखल देना चाहिए। बंद की वजह से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें, बैंक, शिक्षण संस्थान व अन्य कार्यालय बंद रहे। वहीं कुछ मेडिकल स्टोर खुले रहे। सुबह 9 बजे के बाद रेलवे ट्रैक सूने रहे, जबकि यात्री रेलवे प्लेटफार्म पर गाड़ियों का इंतजार करते रहे। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ी। शहर के बस स्टैंड में बसों के आवागमन बंद होने से सन्नाटा छाया रहा। सीतो गुन्नों चौक और गांव खुब्बन के बस स्टैंड पर दलित समाज ने अपना रोष जताया। इस दौरान ओम प्रकाश, अशोक कुमार टांक, प्रवीण लंकेश, मानक शाह, गोपीराम, रवि भट्टी, अंग्रेज सिंह, रछपाल कौर, सोनू लंकेश, अरुण सारसर, राज कुमार, विनोद कुमार पप्पू, संजय कुमार, इकबाल सिंह, महेंद्र चंदौलिया, धर्मवीर मलकट, छिंदी कुमार, ठाकर दास सिवान, अरुण सुरलिया, पंकज पीहवाल, व अन्य लोग मौजूद थे।
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