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इंसान का विनाश करता है अहंकार और लालच : फौजा सिंह
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:44 PM IST
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इंसान का विनाश करता है अहंकार और लालच : फौजा सिंह
बोले- सादा जीवन और भोजन खाकर तंदरुस्त रहें
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
फौजा सिंह मंगलवार को गांव ढिल्लवां स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे हुई खास बातचीत में अमर उजाला की ओर से कुछ सवाल किए गए..
प्रश्न: बरनाला आकर आप क्या संदेश देना चाहोगे?
जवाब : हर इंसान को अच्छी सोच अपनाकर मानवतावादी बनना चाहिए। अच्छी सोच ही मनुष्य को आसमान तक पहुंचा सकती है। प्रश्न : आप की तंदरुस्ती का क्या राज है?
जवाब : अहंकार और लालच इंसान को मारता है, जो इंसान की बुद्धि भ्रष्ट कर देता है और शारीरिक तंदरुस्ती को नाश करता है, अगर इंसान इच्छाओं का त्याग कर सादा जीवन और सादा भोजन खाए तो वह हमेशा तंदरुस्त रहता है।
प्रश्न : मैराथन में कब भाग लिया था और अब आपकी आयु कितनी है ?
जवाब : मेरी आयु करीब 106 साल है। मैंने पहली बार 80 साल की आयु में मैराथन दौड़ में भाग लिया था। अपनी जिंदगी में कभी कोई नशा नहीं किया और सादा पहरावा, सादी दाल रोटी ही उनकी खुराक रही है।
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प्रश्न : अपनी तंदरुस्ती का राज बताएं?
जवाब : मैं हमेशा खुश रहता हूं और बेसहारा बच्चों के लिए चैरिटी भी करता हूं। मैं हमेशा अकालपुरख को याद करता हूं। यही मेरी तंदरुस्ती का राज है।
प्रश्न: अपनी दौड़ों का सफर बताएं?
जवाब : मैं अब तक 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर, तीन किलोमीटर और पांच किलोमीटर की दौड़ के दौरान रिकॉर्ड बना चुका हूं। मैंने मुक्केबाज मोहम्मद अली के साथ भी काम किया। मोहम्मद अली के साथ मिलकर मैंने एडीडास कंपनी के ब्रांड के तौर पर मैट कंपेनिंग की। मैं अपनी अब तक की आयु में कई रिकॉर्ड बना चुका हूं।
प्रश्न: नौजवानों के लिए कोई संदेश?
जवाब : नई नौजवान पीढ़ी को नशे से दूर रहकर अच्छी सेहत के लिए अच्छी सोच अपनानी चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की तरफ भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
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बोले- सादा जीवन और भोजन खाकर तंदरुस्त रहें
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
फौजा सिंह मंगलवार को गांव ढिल्लवां स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे हुई खास बातचीत में अमर उजाला की ओर से कुछ सवाल किए गए..
प्रश्न: बरनाला आकर आप क्या संदेश देना चाहोगे?
जवाब : हर इंसान को अच्छी सोच अपनाकर मानवतावादी बनना चाहिए। अच्छी सोच ही मनुष्य को आसमान तक पहुंचा सकती है। प्रश्न : आप की तंदरुस्ती का क्या राज है?
जवाब : अहंकार और लालच इंसान को मारता है, जो इंसान की बुद्धि भ्रष्ट कर देता है और शारीरिक तंदरुस्ती को नाश करता है, अगर इंसान इच्छाओं का त्याग कर सादा जीवन और सादा भोजन खाए तो वह हमेशा तंदरुस्त रहता है।
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प्रश्न : मैराथन में कब भाग लिया था और अब आपकी आयु कितनी है ?
जवाब : मेरी आयु करीब 106 साल है। मैंने पहली बार 80 साल की आयु में मैराथन दौड़ में भाग लिया था। अपनी जिंदगी में कभी कोई नशा नहीं किया और सादा पहरावा, सादी दाल रोटी ही उनकी खुराक रही है।
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प्रश्न : अपनी तंदरुस्ती का राज बताएं?
जवाब : मैं हमेशा खुश रहता हूं और बेसहारा बच्चों के लिए चैरिटी भी करता हूं। मैं हमेशा अकालपुरख को याद करता हूं। यही मेरी तंदरुस्ती का राज है।
प्रश्न: अपनी दौड़ों का सफर बताएं?
जवाब : मैं अब तक 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर, तीन किलोमीटर और पांच किलोमीटर की दौड़ के दौरान रिकॉर्ड बना चुका हूं। मैंने मुक्केबाज मोहम्मद अली के साथ भी काम किया। मोहम्मद अली के साथ मिलकर मैंने एडीडास कंपनी के ब्रांड के तौर पर मैट कंपेनिंग की। मैं अपनी अब तक की आयु में कई रिकॉर्ड बना चुका हूं।
प्रश्न: नौजवानों के लिए कोई संदेश?
जवाब : नई नौजवान पीढ़ी को नशे से दूर रहकर अच्छी सेहत के लिए अच्छी सोच अपनानी चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की तरफ भी विशेष ध्यान देना चाहिए।