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पंजाब के पूर्व डीजीपी से 50 लाख की ठगी में कांग्रेस के पूर्व युवा नेता को 1 साल की कैद

Thu, 14 Mar 2019 01:56 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:56 AM IST
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पंजाब के पूर्व डीजीपी से 50 लाख की ठगी में कांग्रेस के पूर्व युवा नेता को 1 साल की कैद
पंजाब के लिए महत्वपूर्ण
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पंजाब के पूर्व डीजीपी से ठगी में कांग्रेस के पूर्व युवा नेता को एक साल की कैद
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पूर्व डीजीपी एसएस विर्क को जमीन दिलाने के नाम पर ठग लिए थे 50 लाख रुपये

आईपीसी की धारा-406 के तहत दोषी करार देकर सुनाई गई सजा, कोर्ट ने बीते मंगलवार को ठहराया था दोषी

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क से 50 लाख रुपये की ठगी के मामले में दोषी ठहराए गए चंडीगढ़ कांग्रेस के पूर्व युवा नेता विजयपाल सिंह डिंपी को जिला अदालत ने एक साल की सजा सुनाई है। डिंपी को आईपीसी की धारा-406 (विश्वास के आपराधिक हनन) के तहत मंगलवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया था, जिसके बाद बुधवार को सजा सुनाई गई।
पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने यूटी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विजयपाल सिंह ने उन्हें जमीन दिलाने का झांसा देकर उनसे 50 लाख रुपये ले लिए लेकिन न तो विजयपाल ने उन्हें जमीन दिलवाई और न ही उनके पैसे वापस लौटाए। यूटी के तत्कालीन आईजी आरपी उपाध्याय से शिकायत करने पर विजयपाल के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। दर्ज केस के अनुसार साल 2007 में पंजाब के तत्कालीन एडीजीपी आरपी सिंह ने विजय को डीजीपी विर्क से मिलवाया था। डीजीपी की पत्नी जसविंदर विर्क की मनीमाजरा स्थित 4 एकड़ जमीन को प्रशासन ने डीटी मॉल के लिए 65 लाख रुपये देकर अधिकृत किया था।
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विर्क इस रकम का इस्तेमाल कृषि भूमि के लिए करना चाहते थे। विजयपाल सिंह ने उन्हें जमीन में निवेश का भरोसा दिलाकर उनसे 50 लाख रुपये ले लिए। विर्क ने यह रकम विजय को चेक के माध्यम से दी थी। लंबे समय तक डीजीपी विर्क इंतजार में रहे लेकिन न तो उन्हें जमीन दिलवाई गई और न ही उनके पैसे वापस मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का पता लगा। डीजीपी विर्क को भी आरोपी पर कार्रवाई के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। इस संबंध में वह दिसंबर 2012 में तत्कालीन गृह सचिव से मिले लेकिन विजय पाल पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। जनवरी 2014 में विर्क ने तत्कालीन आईजी यूटी, आरपी उपाध्याय को शिकायत की। तब जाकर आरोपी विजय के खिलाफ 4 जनवरी 2014 को धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को जिला अदालत ने डिंपी को दोषी करार दिया था और बुधवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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