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स्मार्टसिटी के ट्रैक पर दौड़ेगी एंबुलेंस
Updated Fri, 14 Dec 2018 02:02 AM IST
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स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम से ट्रैक पर दौड़ेगी एंबुलेंस
- साल 2019 के मार्च माह के अंत तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद
- बाहरी प्रदेशों से आने वाली एंबुलेंस में भी अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम लगाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन एंबुलेंस यातायात को सुगम बनाने के लिए नई पहल करने जा रहा है। अब एंबुलेंस में अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इनको आगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। इससे जहां भी ट्रैफिक में कोई भी एंबुलेंस फंसेगी तो उसे तुरंत ट्रैक कर जाम में से निकाला जा सकेगा। इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी यूटी प्रशासन को आवश्यक को निर्देश दिए गए हैं। आगामी साल के मार्च माह तक इस प्रोजेक्ट कार्य को पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
हॉल में संपन्न रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। एंबुलेंस के अंदर डैशबोर्ड कैमरा लगाना भी अनिवार्य होगा। इस डैशबोर्ड से इमरजेंसी में बेड की उपलब्धता और स्पेशलिटी बेड, क्षमता और ओक्यूपेंसी टेबल दिखेगी, जिससे ड्राइवर यह अंदाजा लगा सकता है कि मरीज को किस अस्पताल में पहुंचाना उचित होगा। अधिकतर एंबुलेंस का आना-जाना मध्य और दक्षिण मार्ग से रहता है। सुबह और शाम को पीक ऑवर्स में तो स्थिति और भी खराब रहती है। जिस कारण रोजाना एंबुलेंस भी जाम में फंसती रहती है।
दूसरे राज्यों के मरीज भी आते हैं एंबुलेंस
शहर में पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 जैसे बड़े अस्पताल होने से यहां ट्राइसिटी ही नहीं दूर दराज के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। पंजाब और हरियाणा सहित आसपास के राज्यों से एंबुलेंस चंडीगढ़ में दाखिल होती हैं। चंडीगढ़ में दूसरे राज्यों से आने वाली एंबुलेंस में भी नई टेक्नोलॉजी होनी जरूरी होगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर भी काम कर रहा है, जिसमें कंट्रोल रूम से सारी एक्टीविटी कंट्रोल होगी। इसी से इन एंबुलेंस को ट्रैक किया जा सकेगा।
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कोट
आगामी मार्च माह तक स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट शुरू होने के साथ ही एंबुलेंस में अत्याधुनिक जीपीएस की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। -केके यादव, नगर निगम कमिश्नर चंडीगढ़
- साल 2019 के मार्च माह के अंत तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद
- बाहरी प्रदेशों से आने वाली एंबुलेंस में भी अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम लगाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन एंबुलेंस यातायात को सुगम बनाने के लिए नई पहल करने जा रहा है। अब एंबुलेंस में अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इनको आगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। इससे जहां भी ट्रैफिक में कोई भी एंबुलेंस फंसेगी तो उसे तुरंत ट्रैक कर जाम में से निकाला जा सकेगा। इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी यूटी प्रशासन को आवश्यक को निर्देश दिए गए हैं। आगामी साल के मार्च माह तक इस प्रोजेक्ट कार्य को पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
हॉल में संपन्न रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। एंबुलेंस के अंदर डैशबोर्ड कैमरा लगाना भी अनिवार्य होगा। इस डैशबोर्ड से इमरजेंसी में बेड की उपलब्धता और स्पेशलिटी बेड, क्षमता और ओक्यूपेंसी टेबल दिखेगी, जिससे ड्राइवर यह अंदाजा लगा सकता है कि मरीज को किस अस्पताल में पहुंचाना उचित होगा। अधिकतर एंबुलेंस का आना-जाना मध्य और दक्षिण मार्ग से रहता है। सुबह और शाम को पीक ऑवर्स में तो स्थिति और भी खराब रहती है। जिस कारण रोजाना एंबुलेंस भी जाम में फंसती रहती है।
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दूसरे राज्यों के मरीज भी आते हैं एंबुलेंस
शहर में पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 जैसे बड़े अस्पताल होने से यहां ट्राइसिटी ही नहीं दूर दराज के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। पंजाब और हरियाणा सहित आसपास के राज्यों से एंबुलेंस चंडीगढ़ में दाखिल होती हैं। चंडीगढ़ में दूसरे राज्यों से आने वाली एंबुलेंस में भी नई टेक्नोलॉजी होनी जरूरी होगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर भी काम कर रहा है, जिसमें कंट्रोल रूम से सारी एक्टीविटी कंट्रोल होगी। इसी से इन एंबुलेंस को ट्रैक किया जा सकेगा।
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कोट
आगामी मार्च माह तक स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट शुरू होने के साथ ही एंबुलेंस में अत्याधुनिक जीपीएस की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। -केके यादव, नगर निगम कमिश्नर चंडीगढ़