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लेक में लीजिए अब दुर्लभ प्रजातियों की मछलियों के साथ आनंद
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:44 AM IST
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सुखना में बोटिंग के साथ लीजिए
दुर्लभ मछलियों का आनंद
- प्रशासन ने वर्ल्ड फिशर डे पर लेक में छोड़ी तीन हजार मछलियां
- लेक में छोड़ी जानी हैं कुल 10 हजार फिश सीड्स, 5 हजार पहले जा चुकी हैं छोड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि आप मृगल, रोहू, कार्प और कटला जैसी दुर्लभ प्रजातियों की मछलियों को करीब देखना चाहते हैं तो सुखना लेक पर पहुुंच जाइए...। यहां आने वाले 15 दिनों के बाद में लेक की बोटिंग के साथ ही देशी और विदेशी प्रजाति की मछलियों का सुखद आनंद ले सकते हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से वर्ल्ड फिशर डे पर लेक में 3 हजार फिश सीड्स को छोड़ा गया है। इससे पूर्व साल 2016 में कुल 10 हजार सीड्स लेक में छोड़े जाने का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसमें 5 हजार सीड्स उस दौरान लेक में छोड़ी गई थी। अब अगले साल 2 हजार सीड्स लेक में छोड़ी जाएगी।
सुखना लेक में मछलियों की घटती तादाद को पूरा करने के लिए वर्ष 2016 में नई मछलियां उत्पन्न करने की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए सुखना लेक में 10 हजार फिश सीड्स डालने की योजना बनाई गई थी, जिसमें एनिमल हसबैंडरी एंड फिशरीज डिपार्टमेंट ने 5 हजार सीड्स लेक उसी दौरान छोड़ दिया था। बाकी 5 हजार सीड्स आने वाले सालों में फेज वाइस डालने का प्रावधान किया गया था। इसी के तहत बुधवार को वर्ल्ड फिशर डे पर एनिमल हसबैंडरी एंड फिशरीज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी डॉ. बीएल शर्मा, वाइस डायरेक्टर डॉ कंवरजीत सिंह ने लेक में मृगल, रोहू और कटला आदि फिश सीड्स डाली हैं। बीएल शर्मा ने कहा कि लेक में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
दरअसल, माइग्रेट्री बर्ड्स के लिए लेक में फिश सीड्स डाली जा रही हैं। इसकी वजह यह कि वर्ष 2015 में मछलियां अधिक होने जाने के चलते प्रशासन ने लेक से मछलियां निकलवाई थीं। इसके बाद से इकोलॉजिकल बैलेंस के लिए फिश सीड्स डाली जा रही हैं। वाइस डायरेक्टर ने कहा कि इस साल साल सुखना लेक में बड़ी मछलियों की संख्या कम गई थी, इसके तहत ही फिश सीड्स डाली जा रही है। बताया जाता है कि लेक में फिश सीड्स आगामी 15 दिनों के अंदर देखने के लायक हो जाएगा।
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दुर्लभ मछलियों का आनंद
- प्रशासन ने वर्ल्ड फिशर डे पर लेक में छोड़ी तीन हजार मछलियां
- लेक में छोड़ी जानी हैं कुल 10 हजार फिश सीड्स, 5 हजार पहले जा चुकी हैं छोड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि आप मृगल, रोहू, कार्प और कटला जैसी दुर्लभ प्रजातियों की मछलियों को करीब देखना चाहते हैं तो सुखना लेक पर पहुुंच जाइए...। यहां आने वाले 15 दिनों के बाद में लेक की बोटिंग के साथ ही देशी और विदेशी प्रजाति की मछलियों का सुखद आनंद ले सकते हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से वर्ल्ड फिशर डे पर लेक में 3 हजार फिश सीड्स को छोड़ा गया है। इससे पूर्व साल 2016 में कुल 10 हजार सीड्स लेक में छोड़े जाने का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसमें 5 हजार सीड्स उस दौरान लेक में छोड़ी गई थी। अब अगले साल 2 हजार सीड्स लेक में छोड़ी जाएगी।
सुखना लेक में मछलियों की घटती तादाद को पूरा करने के लिए वर्ष 2016 में नई मछलियां उत्पन्न करने की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए सुखना लेक में 10 हजार फिश सीड्स डालने की योजना बनाई गई थी, जिसमें एनिमल हसबैंडरी एंड फिशरीज डिपार्टमेंट ने 5 हजार सीड्स लेक उसी दौरान छोड़ दिया था। बाकी 5 हजार सीड्स आने वाले सालों में फेज वाइस डालने का प्रावधान किया गया था। इसी के तहत बुधवार को वर्ल्ड फिशर डे पर एनिमल हसबैंडरी एंड फिशरीज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी डॉ. बीएल शर्मा, वाइस डायरेक्टर डॉ कंवरजीत सिंह ने लेक में मृगल, रोहू और कटला आदि फिश सीड्स डाली हैं। बीएल शर्मा ने कहा कि लेक में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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दरअसल, माइग्रेट्री बर्ड्स के लिए लेक में फिश सीड्स डाली जा रही हैं। इसकी वजह यह कि वर्ष 2015 में मछलियां अधिक होने जाने के चलते प्रशासन ने लेक से मछलियां निकलवाई थीं। इसके बाद से इकोलॉजिकल बैलेंस के लिए फिश सीड्स डाली जा रही हैं। वाइस डायरेक्टर ने कहा कि इस साल साल सुखना लेक में बड़ी मछलियों की संख्या कम गई थी, इसके तहत ही फिश सीड्स डाली जा रही है। बताया जाता है कि लेक में फिश सीड्स आगामी 15 दिनों के अंदर देखने के लायक हो जाएगा।
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