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बॉयो नेस्ट बनाने के लिए पीयू को मिले साढ़े तीन करोड़ रूपये
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:59 AM IST
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बॉयो नेस्ट के लिए पीयू को मिले साढ़े तीन करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में बॉयो नेस्ट बनाया जाएगा। इससे उभरते युवा वैज्ञानिकों को अपनी रिसर्च में लाभ मिलेगा। साथ ही पीयू में चल रहे रिसर्च अभियान पर भी एक नया तमगा लगेगा। बॉयो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बॉयरेक) की ओर से साढ़े तीन करोड़ रुपये पंजाब यूनिवर्सिटी को जारी किए गए हैं। इस रकम से पीयू बॉयो इक्यूबेटर्स नयूट्रीशिंग एंटरप्रिनियोरशिप फॉर स्केलिंग टेक्नोलॉजी (बॉयोनेस्ट) बनाएगा।
बॉयो नेस्ट इनोवेटिव तकनीक और नए आइडिया को जीवंत रूप देने में मददगार साबित होगा। करीब 10 हजार वर्ग फुट के एरिया में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में फार्मा, फूड और एग्रीकल्चर की रिसर्च पर खास ध्यान रहेगा। इसमें कई तरह की लैब स्थापित की जाएंगी। पीयू के वीसी प्रो. अरूण कुमार ग्रोवर के मुताबिक पीयू को सिर्फ एकेडमिक स्तर पर ही नहीं समेटा जा सकता। तकनीक के निर्माता के तौर पर पीयू को विकसित करने की कोशिश है। बॉयो नेस्ट के प्रोजेक्ट प्रमुख और डिर्पाटमेंट ऑफ बॉयो टेक्नोलॉजी के चेयरमैन डॉ. रोहित शर्मा ने बताया कि बॉयरेक भारत सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह नॉर्थ इंडिया का पहला एंटरप्रिनियोर होगा जिसमें उभरते वैज्ञानिक अपने अविष्कारों को लैब में तैयार कर सकेंगे।
- युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा लाभ, रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
- बॉयो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल ने जारी की राशि
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीयू में बॉयो नेस्ट बनाया जाएगा। इससे उभरते युवा वैज्ञानिकों को अपनी रिसर्च में लाभ मिलेगा। साथ ही पीयू में चल रहे रिसर्च अभियान पर भी एक नया तमगा लगेगा। बॉयो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बॉयरेक) की ओर से साढ़े तीन करोड़ रुपये पंजाब यूनिवर्सिटी को जारी किए गए हैं। इस रकम से पीयू बॉयो इक्यूबेटर्स नयूट्रीशिंग एंटरप्रिनियोरशिप फॉर स्केलिंग टेक्नोलॉजी (बॉयोनेस्ट) बनाएगा।
बॉयो नेस्ट इनोवेटिव तकनीक और नए आइडिया को जीवंत रूप देने में मददगार साबित होगा। करीब 10 हजार वर्ग फुट के एरिया में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में फार्मा, फूड और एग्रीकल्चर की रिसर्च पर खास ध्यान रहेगा। इसमें कई तरह की लैब स्थापित की जाएंगी। पीयू के वीसी प्रो. अरूण कुमार ग्रोवर के मुताबिक पीयू को सिर्फ एकेडमिक स्तर पर ही नहीं समेटा जा सकता। तकनीक के निर्माता के तौर पर पीयू को विकसित करने की कोशिश है। बॉयो नेस्ट के प्रोजेक्ट प्रमुख और डिर्पाटमेंट ऑफ बॉयो टेक्नोलॉजी के चेयरमैन डॉ. रोहित शर्मा ने बताया कि बॉयरेक भारत सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह नॉर्थ इंडिया का पहला एंटरप्रिनियोर होगा जिसमें उभरते वैज्ञानिक अपने अविष्कारों को लैब में तैयार कर सकेंगे।
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- युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा लाभ, रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
- बॉयो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल ने जारी की राशि