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मोगा की सुरिंदर अमृता प्रीतम अवॉर्ड से सम्मानित
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:06 PM IST
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मोगा की सुरिंदर अमृता प्रीतम’ अवॉर्ड से सम्मानित
मोगा। गांव बीर-राउके की सुरिंदर गीत को चंडीगढ़ में 17वीं आल इंडिया पोएट्स कांफ्रेंस के दौरान ‘अमृता प्रीतम’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर ‘गीत’ की पंजाबी कविताओं की किताब ‘रुख ते पंछी’ को जारी किया गया। यह ‘गीत’ की छठी किताब है। वह विशेष तौर पर कनाडा से कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए आई हैं।
इस किताब में उन्होंने अपनी मातृभूमि को याद रखने के लिए कविताएं लिखी। उन्होंने ‘चांद सितारे मेरे भी हैं’, ‘मोह दीया छल्लां’, ‘कान्ने दिया कलमां’ भी लिखीं। सुरिंदर गीत प्रगतिशील कविता को पसंद करती हैं और एक सामान्य व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने वाले सामाजिक सुधारों और घटनाओं पर लिखना पसंद करती हैं।
फोटो कैप्शन - एनआरआई सुरिंदर गीत अमृता प्रीतम अवार्ड के साथ
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मोगा। गांव बीर-राउके की सुरिंदर गीत को चंडीगढ़ में 17वीं आल इंडिया पोएट्स कांफ्रेंस के दौरान ‘अमृता प्रीतम’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर ‘गीत’ की पंजाबी कविताओं की किताब ‘रुख ते पंछी’ को जारी किया गया। यह ‘गीत’ की छठी किताब है। वह विशेष तौर पर कनाडा से कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए आई हैं।
इस किताब में उन्होंने अपनी मातृभूमि को याद रखने के लिए कविताएं लिखी। उन्होंने ‘चांद सितारे मेरे भी हैं’, ‘मोह दीया छल्लां’, ‘कान्ने दिया कलमां’ भी लिखीं। सुरिंदर गीत प्रगतिशील कविता को पसंद करती हैं और एक सामान्य व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने वाले सामाजिक सुधारों और घटनाओं पर लिखना पसंद करती हैं।
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फोटो कैप्शन - एनआरआई सुरिंदर गीत अमृता प्रीतम अवार्ड के साथ