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नहर टूटने से सौ एकड़ फसल जलमग्न
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:14 PM IST
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नहर टूटने से सौ एकड़ फसल जलमग्न
खालसा कॉलेज और कई ढाणियों तक पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
गांव काला टिब्बा के पास रविवार सुबह मलूकपुरा माइनर टूटने से सौ एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। इससे नहरी पानी भाग सिंह हेयर खालसा कॉलेज के आसपास और इलाके की कई ढाणियों तक पहुंच गया। अब नरमा और गेहूं उत्पादक किसानों की फसलें लेट होने से उन्हें लाखों का नुकसान होगा। सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी का बहाव बंद करवाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।
काला टिब्बा स्थित भाग सिंह कॉलेज के पीछे गोबिंदगढ़ निवासी बलजीत सिंह के खेत के पास सुबह 7 बजे नहर में करीब 20 फुट का कटाव आ गया। करीब 100 एकड़ कृषि भूमि में पानी भरने से नरमे की फसल और हाल में बीजी गई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। नहर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुख्यतयार सिंह राणा, एसडीओ और जेई अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने टूटी हुई नहर का जायजा लेते हेड से पानी का बहाव रुकवाया। एक्सईएन ने बताया कि नहर में पानी कम होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले अस्थाई व्यवस्था कर कटाव से गुजरने वाले पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र हेयर ने बताया कि बीते साल सरकार ने गेहूं कटाई के बाद नहर के मोघे ऊंचे करवा दिए थे। इस वजह से मोघों में पानी आना कम हो गया और नहर में पानी का दबाव अधिक बढ़ने से किनारों में कटाव आ रहा है। एक्सईएन मुख्तयार सिंह राणा ने बताया कि किसान नहर के किनारे लगे पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जो नहर टूटने का कारण बना है।
इस समाचार की फोटो एबीआर 1 भेजी जा रही है।
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खालसा कॉलेज और कई ढाणियों तक पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
गांव काला टिब्बा के पास रविवार सुबह मलूकपुरा माइनर टूटने से सौ एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। इससे नहरी पानी भाग सिंह हेयर खालसा कॉलेज के आसपास और इलाके की कई ढाणियों तक पहुंच गया। अब नरमा और गेहूं उत्पादक किसानों की फसलें लेट होने से उन्हें लाखों का नुकसान होगा। सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी का बहाव बंद करवाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।
काला टिब्बा स्थित भाग सिंह कॉलेज के पीछे गोबिंदगढ़ निवासी बलजीत सिंह के खेत के पास सुबह 7 बजे नहर में करीब 20 फुट का कटाव आ गया। करीब 100 एकड़ कृषि भूमि में पानी भरने से नरमे की फसल और हाल में बीजी गई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। नहर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुख्यतयार सिंह राणा, एसडीओ और जेई अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने टूटी हुई नहर का जायजा लेते हेड से पानी का बहाव रुकवाया। एक्सईएन ने बताया कि नहर में पानी कम होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले अस्थाई व्यवस्था कर कटाव से गुजरने वाले पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र हेयर ने बताया कि बीते साल सरकार ने गेहूं कटाई के बाद नहर के मोघे ऊंचे करवा दिए थे। इस वजह से मोघों में पानी आना कम हो गया और नहर में पानी का दबाव अधिक बढ़ने से किनारों में कटाव आ रहा है। एक्सईएन मुख्तयार सिंह राणा ने बताया कि किसान नहर के किनारे लगे पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जो नहर टूटने का कारण बना है।
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