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Panchkula News: सिविल अस्पताल में रोज भर्ती हो रहे डायरिया के 15 मरीज
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सिविल अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
सोमवार को वायरल बुखार के भी करीब 600 मरीज इलाज के लिए पहुंचे
गर्मी बढ़ने के साथ ही चंडीगढ़ बार्डर एरिया और पंचकूला के गांवों में बढ़ी मरीजों की संख्या
डायरिया के मरीजों को इमरजेंसी में करना पड़ रहा है भर्ती
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में तापमान बढ़ते ही वायरल बुखार सहित डायरिया के मामलों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। पिछले एक सप्ताह से डायरिया के रोजाना 15 मरीज अस्पताल में भर्ती किए जा रहे हैं। यही नहीं सोमवार को वायरल बुखार के भी करीब 600 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। अधिकतर मरीज चंडीगढ़ बार्डर एरिया और पंचकूला के गांवों से थे। इनमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक थी।
शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना साढ़े चार हजार मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें बच्चों को मिलाकर वायरल बुखार की ओपीडी में ही करीब 600 मरीज पहुंच रहे हैं। 15 से अधिक मरीज डायरिया के रोजाना इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। इसमें चंडीगढ़ के बार्डर एरिया मौलीजागरां के अलावा पंचकूला की इंदिरा कॉलोनी, बुढ़नपुर और अभयपुर के मरीजों की संख्या अधिक है। इन मरीजों में अधिकतर बच्चे और बुजुर्गों हैं। हालात में सुधार होने के बाद डॉक्टरों की ओर से सलाह के साथ-साथ छुट्टी भी दी जा रही है।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 के एमडी मेडिसिन अश्वनी भटनागर ने बताया कि तेज धूप के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन रही है। इस समय दिन का पारा 29 डिग्री पहुंच गया है। शरीर में सॉल्ट और पानी की कमी होने पर लोग डायरिया के चपेट में आ रहे हैं। वहीं मौलीजागरां, बुढ़नपुर में गंदे पानी के कारण भी डायरिया के मामले बढ़े हैं। लोगों में उल्टी, दस्त व पेट दर्द की समस्या हो रही है। शनिवार को ओपीडी और पीडियाट्रिक वार्ड में कुल करीब 600 मरीज पहुंचे। इसमें 50 लोगों में डायरिया के लक्षण सामने आए। गंभीर हालात में पाए गए 15 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया। मरीजों को ग्लूकोज व ओआरएस के घोल उपलब्ध कराए गए।
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पेय पदार्थों, फल व सब्जियों का अधिक सेवन करें
जिला सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ श्रुति सरीन ने बताया कि मौसम के अनुसार दिनचर्या व खानपान बदलना चाहिए। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में पेय पदार्थों, फल व सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए। ज्यादा वसा वाला भोजन नहीं करना चाहिए। इन दिनों डायरिया के मरीज आने लगे हैं। गंभीर हालत होने पर वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उपचार के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।
डायरिया से बचाव के लिए बरते सावधानी
डॉ. श्रुति सरीन ने बताया कि लोगों को ताजा भोजन करना चाहिए। डायरिया, उल्टी-दस्त के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएस का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। बच्चों व बड़ों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बीमार होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके बाद ही दवा का सेवन करें।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही चंडीगढ़ बार्डर एरिया और पंचकूला के गांवों में बढ़ी मरीजों की संख्या
डायरिया के मरीजों को इमरजेंसी में करना पड़ रहा है भर्ती
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में तापमान बढ़ते ही वायरल बुखार सहित डायरिया के मामलों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। पिछले एक सप्ताह से डायरिया के रोजाना 15 मरीज अस्पताल में भर्ती किए जा रहे हैं। यही नहीं सोमवार को वायरल बुखार के भी करीब 600 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। अधिकतर मरीज चंडीगढ़ बार्डर एरिया और पंचकूला के गांवों से थे। इनमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक थी।
शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना साढ़े चार हजार मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें बच्चों को मिलाकर वायरल बुखार की ओपीडी में ही करीब 600 मरीज पहुंच रहे हैं। 15 से अधिक मरीज डायरिया के रोजाना इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। इसमें चंडीगढ़ के बार्डर एरिया मौलीजागरां के अलावा पंचकूला की इंदिरा कॉलोनी, बुढ़नपुर और अभयपुर के मरीजों की संख्या अधिक है। इन मरीजों में अधिकतर बच्चे और बुजुर्गों हैं। हालात में सुधार होने के बाद डॉक्टरों की ओर से सलाह के साथ-साथ छुट्टी भी दी जा रही है।
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पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 के एमडी मेडिसिन अश्वनी भटनागर ने बताया कि तेज धूप के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन रही है। इस समय दिन का पारा 29 डिग्री पहुंच गया है। शरीर में सॉल्ट और पानी की कमी होने पर लोग डायरिया के चपेट में आ रहे हैं। वहीं मौलीजागरां, बुढ़नपुर में गंदे पानी के कारण भी डायरिया के मामले बढ़े हैं। लोगों में उल्टी, दस्त व पेट दर्द की समस्या हो रही है। शनिवार को ओपीडी और पीडियाट्रिक वार्ड में कुल करीब 600 मरीज पहुंचे। इसमें 50 लोगों में डायरिया के लक्षण सामने आए। गंभीर हालात में पाए गए 15 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया। मरीजों को ग्लूकोज व ओआरएस के घोल उपलब्ध कराए गए।
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पेय पदार्थों, फल व सब्जियों का अधिक सेवन करें
जिला सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ श्रुति सरीन ने बताया कि मौसम के अनुसार दिनचर्या व खानपान बदलना चाहिए। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में पेय पदार्थों, फल व सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए। ज्यादा वसा वाला भोजन नहीं करना चाहिए। इन दिनों डायरिया के मरीज आने लगे हैं। गंभीर हालत होने पर वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उपचार के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।
डायरिया से बचाव के लिए बरते सावधानी
डॉ. श्रुति सरीन ने बताया कि लोगों को ताजा भोजन करना चाहिए। डायरिया, उल्टी-दस्त के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएस का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। बच्चों व बड़ों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बीमार होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके बाद ही दवा का सेवन करें।