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मोगा अदालत द्वारा डिप्टी कमिशनर एवं एसडीएम की गाड़ी कुर्क करने का आदेश
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:19 PM IST
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मोगा के डीसी और एसडीएम की गाड़ी होगी कुर्क
- बुजुर्ग का मकान ध्वस्त होने के केस में देना होगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा ।
शहर में पटवार भवन का निर्माण प्रशासन को महंगा पड़ा है। जिला अदालत ने 12 जनवरी 2016 को पीड़ित के पक्ष में फैसला देते मुआवजा देने का आदेश दिया गया। फैसले के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन ने जिला अदालत में अपील की तो वह भी खारिज हो गई। सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत ने 3 मई को कुर्की का आदेश जारी किया था। इसके बाद नगर निगम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की। वह भी 3 जुलाई को खारिज हो गई। अब स्थानीय अदालत ने कुर्की आदेश के खिलाफ दिए ऐतराज को रद्द करते हुए सात जुलाई को दोबारा डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम की गाड़ी कुर्क करने का आदेश दिया है।
इमारत के निर्माण के बाद पानी लीकेज से पड़ोसी सीनियर सिटिजन का मकान धंस गया था। वह 10 सालों से मुआवजे के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। स्थानीय सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला देते हुए डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम की सरकारी गाड़ी को कुर्क करने का आदेश जारी किया था, ताकि मुआवजे की रकम की भरपाई की जा सके। पीड़ित के वकील सुनील जैसवाल मुताबिक यदि इन दोनों अधिकारियों की गाड़ी से रकम पूरी नहीं होती तो नगर निगम मेयर की गाड़ी की कुर्की कर पीड़ित के लिए मुआवजे की भरपाई होगी।
यहां राजस्व पटवारियों ने 12 वर्ष पहले मोगा महिला सिंह पटवार भवन की खस्ता इमारत को बनाने के लिए लोगों से लाखों रुपये एकत्र कर निर्माण करवाया था। पटवार भवन की इमारत में पानी की अंदरूनी पाइपें लीक होने से पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग जसवंत सिंह पुत्र केहर सिंह का मकान धराशाई हो गया था। जसवंत सिंह ने 9 अप्रैल 2008 को मकान के नुकसान का मुआवजा 5,51,847 रुपये लेने के लिए सिविल अदालत में डिप्टी कमिश्नर, एसडीएम व नगर निगम एवं राज्य सरकार खिलाफ केस दायर कर दिया।
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फोटो कैप्शन - मोगा में लोगों से माया इकट्ठी करके बनाए मोगा महिला सिंह पटवार भवन की फोटो
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- बुजुर्ग का मकान ध्वस्त होने के केस में देना होगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा ।
शहर में पटवार भवन का निर्माण प्रशासन को महंगा पड़ा है। जिला अदालत ने 12 जनवरी 2016 को पीड़ित के पक्ष में फैसला देते मुआवजा देने का आदेश दिया गया। फैसले के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन ने जिला अदालत में अपील की तो वह भी खारिज हो गई। सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत ने 3 मई को कुर्की का आदेश जारी किया था। इसके बाद नगर निगम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की। वह भी 3 जुलाई को खारिज हो गई। अब स्थानीय अदालत ने कुर्की आदेश के खिलाफ दिए ऐतराज को रद्द करते हुए सात जुलाई को दोबारा डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम की गाड़ी कुर्क करने का आदेश दिया है।
इमारत के निर्माण के बाद पानी लीकेज से पड़ोसी सीनियर सिटिजन का मकान धंस गया था। वह 10 सालों से मुआवजे के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। स्थानीय सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला देते हुए डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम की सरकारी गाड़ी को कुर्क करने का आदेश जारी किया था, ताकि मुआवजे की रकम की भरपाई की जा सके। पीड़ित के वकील सुनील जैसवाल मुताबिक यदि इन दोनों अधिकारियों की गाड़ी से रकम पूरी नहीं होती तो नगर निगम मेयर की गाड़ी की कुर्की कर पीड़ित के लिए मुआवजे की भरपाई होगी।
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यहां राजस्व पटवारियों ने 12 वर्ष पहले मोगा महिला सिंह पटवार भवन की खस्ता इमारत को बनाने के लिए लोगों से लाखों रुपये एकत्र कर निर्माण करवाया था। पटवार भवन की इमारत में पानी की अंदरूनी पाइपें लीक होने से पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग जसवंत सिंह पुत्र केहर सिंह का मकान धराशाई हो गया था। जसवंत सिंह ने 9 अप्रैल 2008 को मकान के नुकसान का मुआवजा 5,51,847 रुपये लेने के लिए सिविल अदालत में डिप्टी कमिश्नर, एसडीएम व नगर निगम एवं राज्य सरकार खिलाफ केस दायर कर दिया।
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फोटो कैप्शन - मोगा में लोगों से माया इकट्ठी करके बनाए मोगा महिला सिंह पटवार भवन की फोटो