{"_id":"5cafa97abdec2213e54bba3a","slug":"141555016058-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या मामले में दोषी बाप बेटे को चार-चार साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या मामले में दोषी बाप बेटे को चार-चार साल कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। 14 जुलाई 2015 की सुबह कार (सीएच01एडी-1676) चालक रोहताश की गैर इरादतन हत्या में दोषी पिता-पुत्र को जिला अदालत एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज विजय सिंह की कोर्ट ने 4-4 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बीते 9 अप्रैल को दोनों दोषियों को गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत दोषी करार दिया था।
दोषियों में पंचकूला के सेक्टर-8 निवासी रोनी शर्मा और संजीव शर्मा हैं। दर्ज केस के अनुसार पंचकूला के सेक्टर-15 में लकड़ी की खरीद-फरोख्त करने वाले विजय कुमार अपनी कार से चंडीगढ़ के सेक्टर-33 जा रहे थे। कार को रोहताश चला रहा था। निरंकारी भवन के समीप पहुंचने पर उक्त कार नंबर में सवार रोनी शर्मा और संजीव शर्मा ने उनकी कार को ओवरटेक कर घेर लिया। दोनों ने कार चालक रोहताश से गाली-गलौज किया। फिर उन्होंने कार से नीचे उतरकर रोहताश की लात घूंसों से पिटाई कर डाली। वारदात को अंजाम देकर दोनों मौके से फरार हो गए थे। फिर रोहताश ने विजय को बताया कि उसकी छाती में तेज दर्द हो रहा है। यह सुनकर विजय रोहताश को घर छोड़ आया, लेकिन तकलीफ अधिक बढ़ने पर रोहताश के परिजन उसे अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में मौत हो गई थी। थाना मनीमाजरा पुलिस ने विजय की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या व एससी, एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था। एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो सके थे।
विज्ञापन
दोषियों में पंचकूला के सेक्टर-8 निवासी रोनी शर्मा और संजीव शर्मा हैं। दर्ज केस के अनुसार पंचकूला के सेक्टर-15 में लकड़ी की खरीद-फरोख्त करने वाले विजय कुमार अपनी कार से चंडीगढ़ के सेक्टर-33 जा रहे थे। कार को रोहताश चला रहा था। निरंकारी भवन के समीप पहुंचने पर उक्त कार नंबर में सवार रोनी शर्मा और संजीव शर्मा ने उनकी कार को ओवरटेक कर घेर लिया। दोनों ने कार चालक रोहताश से गाली-गलौज किया। फिर उन्होंने कार से नीचे उतरकर रोहताश की लात घूंसों से पिटाई कर डाली। वारदात को अंजाम देकर दोनों मौके से फरार हो गए थे। फिर रोहताश ने विजय को बताया कि उसकी छाती में तेज दर्द हो रहा है। यह सुनकर विजय रोहताश को घर छोड़ आया, लेकिन तकलीफ अधिक बढ़ने पर रोहताश के परिजन उसे अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में मौत हो गई थी। थाना मनीमाजरा पुलिस ने विजय की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या व एससी, एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था। एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो सके थे।
विज्ञापन