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इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए हुआ फाइनल राउंड
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:16 AM IST
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पीयू ने टॉप 10 के लिए दिल्ली में दिया प्रेजेंटेशन
इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए हुआ फाइनल राउंड
- देश के टॉप 10 शिक्षण संस्थानों में नाम आने पर मिलेगा विशेष दर्जा
- सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और मेडिकल स्कूल में दिखाई मजबूती
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। पीयू देश के टॉप 30 शिक्षण संस्थानों में शुमार हो गई है, जिनमें से अब 10 को चुना जाएगा, जिन्हें विशेष दर्जे के साथ पैकेज मिलेगा। मंगलवार को दिल्ली में पीयू को एमिनेंस दर्जा दिलाने के लिए वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर व अन्य पदाधिकारियों ने प्रोजेक्ट की प्रेजेंटेशन दी। देश के जितने भी संस्थान शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, उनका प्रेजेंटेशन का दौर शुरू है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अगले माह तक इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस की सूची जारी हो सकती है।
साइंस और समाज पर आधारित शोध को आधार बनाकर पंजाब यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने की दौड़ में शामिल हुई थी। इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने वाली देश की 10 यूनिवर्सिटी वर्ल्ड क्लास कैटेगरी में शामिल होंगी। मानव संसाधन मंत्रालय ने इसके लिए आवेदन पिछले साल मांगे थे। मानव संसाधन मंत्रालय को देश केऐसे 10 सरकारी संस्थान चुनने हैं, जो सभी मापदंड पर खरे उतरते हों। चुने गए इन संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिलेगा, जोकि वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनने का एक आयाम होगा। इन संस्थानों को पांच साल केलिए एक हजार करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी। इस ग्रांट का इस्तेमाल संस्थान के विकास में होगा। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने वाले संस्थान विदेशी शिक्षण संस्थानों केसाथ भी बड़े स्तर पर एक्सचेंज प्रोग्राम चला सकेंगे। इसमें आवेदन करने के लिए देश में रैंकिंग, शोध और वातावरण प्रमुख पहलू थे। देश के बड़े आईआईटी और अन्य बड़े संस्थान भी इस रेस में शामिल हैं। आवेदन करने केलिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने साइंस और समाज को आधार बनाया था।
सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में दिखाई मजबूती
इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस में शामिल होने के लिए पीयू ने सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और मेडिकल स्कूल चलाने का प्रस्ताव बनाकर मजबूती दिखाई। सात साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम ऐसा होगा, जिसमें 12वीं के बाद स्टूडेंट दाखिला लेंगे और पीएचडी कर कोर्स पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा मेडिकल स्कूल भी छह साल का ऐसा प्रोग्राम होगा, जिसमें बगैर मास्टर डिग्री करेे कोई एग्जिट प्वाइंट नहीं होगा।
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बॉक्स
पीयू ने बताए ऐसे मजबूत पक्ष
- रिसर्च केक्षेत्र में पीयू का बड़ा नाम है।
- विश्व के कई शिक्षण संस्थानों के साथ पीयू की सांझेदारी है।
- पीयू में एसोसिएशन कल्चर है।
- यहां का एलुमनाई प्रोग्राम काफी मजबूत है।
- पंजाब यूनिवर्सिटी का अपना गौरवशाली इतिहास है।
- यह स्मार्ट सिटी, खासतौर से ट्राइसिटी का हिस्सा है।
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इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए हुआ फाइनल राउंड
- देश के टॉप 10 शिक्षण संस्थानों में नाम आने पर मिलेगा विशेष दर्जा
- सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और मेडिकल स्कूल में दिखाई मजबूती
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। पीयू देश के टॉप 30 शिक्षण संस्थानों में शुमार हो गई है, जिनमें से अब 10 को चुना जाएगा, जिन्हें विशेष दर्जे के साथ पैकेज मिलेगा। मंगलवार को दिल्ली में पीयू को एमिनेंस दर्जा दिलाने के लिए वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर व अन्य पदाधिकारियों ने प्रोजेक्ट की प्रेजेंटेशन दी। देश के जितने भी संस्थान शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, उनका प्रेजेंटेशन का दौर शुरू है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अगले माह तक इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस की सूची जारी हो सकती है।
साइंस और समाज पर आधारित शोध को आधार बनाकर पंजाब यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने की दौड़ में शामिल हुई थी। इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने वाली देश की 10 यूनिवर्सिटी वर्ल्ड क्लास कैटेगरी में शामिल होंगी। मानव संसाधन मंत्रालय ने इसके लिए आवेदन पिछले साल मांगे थे। मानव संसाधन मंत्रालय को देश केऐसे 10 सरकारी संस्थान चुनने हैं, जो सभी मापदंड पर खरे उतरते हों। चुने गए इन संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिलेगा, जोकि वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनने का एक आयाम होगा। इन संस्थानों को पांच साल केलिए एक हजार करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी। इस ग्रांट का इस्तेमाल संस्थान के विकास में होगा। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने वाले संस्थान विदेशी शिक्षण संस्थानों केसाथ भी बड़े स्तर पर एक्सचेंज प्रोग्राम चला सकेंगे। इसमें आवेदन करने के लिए देश में रैंकिंग, शोध और वातावरण प्रमुख पहलू थे। देश के बड़े आईआईटी और अन्य बड़े संस्थान भी इस रेस में शामिल हैं। आवेदन करने केलिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने साइंस और समाज को आधार बनाया था।
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सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में दिखाई मजबूती
इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस में शामिल होने के लिए पीयू ने सात साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और मेडिकल स्कूल चलाने का प्रस्ताव बनाकर मजबूती दिखाई। सात साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम ऐसा होगा, जिसमें 12वीं के बाद स्टूडेंट दाखिला लेंगे और पीएचडी कर कोर्स पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा मेडिकल स्कूल भी छह साल का ऐसा प्रोग्राम होगा, जिसमें बगैर मास्टर डिग्री करेे कोई एग्जिट प्वाइंट नहीं होगा।
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पीयू ने बताए ऐसे मजबूत पक्ष
- रिसर्च केक्षेत्र में पीयू का बड़ा नाम है।
- विश्व के कई शिक्षण संस्थानों के साथ पीयू की सांझेदारी है।
- पीयू में एसोसिएशन कल्चर है।
- यहां का एलुमनाई प्रोग्राम काफी मजबूत है।
- पंजाब यूनिवर्सिटी का अपना गौरवशाली इतिहास है।
- यह स्मार्ट सिटी, खासतौर से ट्राइसिटी का हिस्सा है।