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Panchkula News: सामुदायिक केंद्र में 14 गाड़ियां डंप, लोग मैरिज पैलेस में खा रहे धक्के
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम का भवन नहीं बनने से सेक्टर-21 के लोग भी परेशान हैं। यहां का मामला ही निराला है। यहां के कम्युनिटी सेंटर में नगर निगम ने करीब तीन करोड़ की अग्निशमन विभाग की 14 गाड़ियां डंप कर रखी हैं। इस कारण सेक्टर के लोग जहां अपने कामों के लिए नगर निगम के विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, वहीं अपने कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हॉल या गेस्ट हाउस के लिए चंडीगढ़, जीरकपुर या अन्य जगह का रुख करना पड़ता है।
मैरिज पैलेस बुक कर लुटने को मजबूर होते हैं। इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों समेत अन्य नेताओं को बताया गया है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अपने कामों के लिए कई-कई दिन तक चक्कर लगाने के बाद भी अधिकारी नहीं मिलते हैं। समय और पेट्रोल खर्च करने के बाद भी काम नहीं होने से व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश पैदा होता है।
बैठक में भी उठाया था मुद्दा
करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम सदन की बैठक में भी सेक्टर-21 सामुदायिक केंद्र में डंप गाड़ियों का मुद्दा उठाया था। विभाग ने आज तक डंप गाड़ियों को नहीं हटवाया है। इसके चलते सामुदायिक केंद्र की बुकिंग नहीं हो पा रही है। अपना भवन नहीं होने के चलते नगर निगम एक छत के नीचे लोगों को सुविधाएं नहीं दे पा रहा है। वहीं सामुदायिक केंद्र पर कब्जा होने के चलते छोटे आयोजनों के लिए महंगे दरों पर होटल बुक करने पड़ते हैं। - सुनीत सिंगला, पार्षद, वार्ड नंबर-13
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2015 में जगह की चिह्नित
नगर निगम का भवन बनाने के लिए साल 2015 और 2016 जगह चिह्नित की गई थी। आठ साल बाद भी नगर निगम अपना भवन का काम पूरा नहीं कर पाया है। लोग अपने काम के लिए एक से दूसरे सामुदायिक केंद्रों में भटक रहे हैं। सेक्टर-21 के कम्युनिटी सेंटर में अग्निशमन शाखा की 14 गाड़ियां डंप कर दी गई हैं। ये गाड़िया यहां पांच साल से खड़ी हैं। इन सभी चेसिस की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। एक तो नगर निगम ने गाड़ियों को डंप कर करीब तीन करोड़ रुपये बर्बाद कर दिया। दूसरी तरफ सामुदायिक भवन में अतिक्रमण के चलते उसकी बुकिंग नहीं हो पा रही है। - ओपी सिहाग, पूर्व कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
लगाने पड़ते हैं चक्कर
एक काम के लिए नगर निगम के कई कार्यालयों में चक्कर लगाने पड़ते है। विभाग का अपना भवन होता तो लोगों को अपने काम के लिए एक से दूसरे जगह भटकना नहीं पड़ता। साथ ही सामुदायिक केंद्र खाली होने के बाद लोगों को छोटे आयोजनों के लिए काफी सहूलियत मिलती। - जगदीश भगत सिंह, निवासी महेशपुर, सेक्टर-21 पंचकूला
आयोजनों के लिए जगह नहीं मिलती
नगर निगम का अपना कार्यालय नहीं होने के चलते लोगों का काम एक छत के नीचे नहीं हो पा रहा है। लोग एक काम के लिए दो से तीन कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। सेक्टरों के सामुदायिक केंद्रों पर नगर निगम का कब्जा होने के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। उन्हें छोटे आयोजन के लिए भी एक से दूसरी जगह भटकना पड़ता है। - सीबी गोयल, पूर्व पार्षद पंचकूला
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते नगर निगम की बिल्डिंग का काम रुका है। अगले सप्ताह फाइल की मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय मंत्री से मिलूंगा। रहा सवाल पंचकूला सेक्टर-21 सामुदायिक केंद्र में खड़े वाहनों का। यह केस प्रॉपर्टी है। इस संबंध में कई नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दे चुका हूं। जल्द इस पर निर्णय लेकर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
- कुलभूषण गोयल, महापौर, नगर निगम पंचकूला
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पंचकूला। नगर निगम का भवन नहीं बनने से सेक्टर-21 के लोग भी परेशान हैं। यहां का मामला ही निराला है। यहां के कम्युनिटी सेंटर में नगर निगम ने करीब तीन करोड़ की अग्निशमन विभाग की 14 गाड़ियां डंप कर रखी हैं। इस कारण सेक्टर के लोग जहां अपने कामों के लिए नगर निगम के विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, वहीं अपने कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हॉल या गेस्ट हाउस के लिए चंडीगढ़, जीरकपुर या अन्य जगह का रुख करना पड़ता है।
मैरिज पैलेस बुक कर लुटने को मजबूर होते हैं। इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों समेत अन्य नेताओं को बताया गया है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अपने कामों के लिए कई-कई दिन तक चक्कर लगाने के बाद भी अधिकारी नहीं मिलते हैं। समय और पेट्रोल खर्च करने के बाद भी काम नहीं होने से व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश पैदा होता है।
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बैठक में भी उठाया था मुद्दा
करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम सदन की बैठक में भी सेक्टर-21 सामुदायिक केंद्र में डंप गाड़ियों का मुद्दा उठाया था। विभाग ने आज तक डंप गाड़ियों को नहीं हटवाया है। इसके चलते सामुदायिक केंद्र की बुकिंग नहीं हो पा रही है। अपना भवन नहीं होने के चलते नगर निगम एक छत के नीचे लोगों को सुविधाएं नहीं दे पा रहा है। वहीं सामुदायिक केंद्र पर कब्जा होने के चलते छोटे आयोजनों के लिए महंगे दरों पर होटल बुक करने पड़ते हैं। - सुनीत सिंगला, पार्षद, वार्ड नंबर-13
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2015 में जगह की चिह्नित
नगर निगम का भवन बनाने के लिए साल 2015 और 2016 जगह चिह्नित की गई थी। आठ साल बाद भी नगर निगम अपना भवन का काम पूरा नहीं कर पाया है। लोग अपने काम के लिए एक से दूसरे सामुदायिक केंद्रों में भटक रहे हैं। सेक्टर-21 के कम्युनिटी सेंटर में अग्निशमन शाखा की 14 गाड़ियां डंप कर दी गई हैं। ये गाड़िया यहां पांच साल से खड़ी हैं। इन सभी चेसिस की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। एक तो नगर निगम ने गाड़ियों को डंप कर करीब तीन करोड़ रुपये बर्बाद कर दिया। दूसरी तरफ सामुदायिक भवन में अतिक्रमण के चलते उसकी बुकिंग नहीं हो पा रही है। - ओपी सिहाग, पूर्व कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
लगाने पड़ते हैं चक्कर
एक काम के लिए नगर निगम के कई कार्यालयों में चक्कर लगाने पड़ते है। विभाग का अपना भवन होता तो लोगों को अपने काम के लिए एक से दूसरे जगह भटकना नहीं पड़ता। साथ ही सामुदायिक केंद्र खाली होने के बाद लोगों को छोटे आयोजनों के लिए काफी सहूलियत मिलती। - जगदीश भगत सिंह, निवासी महेशपुर, सेक्टर-21 पंचकूला
आयोजनों के लिए जगह नहीं मिलती
नगर निगम का अपना कार्यालय नहीं होने के चलते लोगों का काम एक छत के नीचे नहीं हो पा रहा है। लोग एक काम के लिए दो से तीन कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। सेक्टरों के सामुदायिक केंद्रों पर नगर निगम का कब्जा होने के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। उन्हें छोटे आयोजन के लिए भी एक से दूसरी जगह भटकना पड़ता है। - सीबी गोयल, पूर्व पार्षद पंचकूला
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते नगर निगम की बिल्डिंग का काम रुका है। अगले सप्ताह फाइल की मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय मंत्री से मिलूंगा। रहा सवाल पंचकूला सेक्टर-21 सामुदायिक केंद्र में खड़े वाहनों का। यह केस प्रॉपर्टी है। इस संबंध में कई नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दे चुका हूं। जल्द इस पर निर्णय लेकर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
- कुलभूषण गोयल, महापौर, नगर निगम पंचकूला