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Panchkula News: प्री-जीएसटी बकायों की वसूली के लिए 91.10 करोड़ की 136 संपत्तियां अटैच
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चंडीगढ़। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि कर विभाग ने जीएसटी व्यवस्था से पहले के कर बकायों की वसूली के लिए अभियान शुरू किया है। बकाया राशि न जमा करवाने वालों की 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच की गई हैं।
सरकार ने व्यापारियों को पुराने बकाये चुकाने में मदद करने के लिए वन टाइम स्कीम (ओटीसी) की अवधि बढ़ाई है बावजूद इसके राशि जमा न करवाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास ओटीसी के तहत जीएसटी व्यवस्था से पहले के उनके बकायों का आसानी से निपटान करने का अवसर है।
उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी बकाया राशि का जल्द निपटान करें और अपनी संपत्तियों की आगे नीलामी से बचाने के लिए योजना का लाभ उठाएं। 18 फरवरी तक कुछ संपत्तियों की पहले ही नीलामी की जा चुकी है जिसके परिणामस्वरूप 15.27 करोड़ की वसूली की गई है। इसके अलावा 33.77 करोड़ की 35 संपत्तियों को बेचने की अनुमति दे दी है। इनमें से 13.68 करोड़ की 21 संपत्तियों की नीलामी की तारीख भी फाइनल हो गई है।
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वहीं जिला अधिकारियों ने अपने स्तर पर 15 संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई शुरू की गई है जिनकी बिक्री के लिए औपचारिक अनुमति फिलहाल प्रक्रिया अधीन है। उन्होंने कहा कि वसूली सुनिश्चित करने के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं जो 10.61 करोड़ की 24 संपत्तियों के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के स्तर पर लंबित हैं।
चीमा ने चेतावनी दी कि कर विभाग वसूली प्रक्रिया की निकट निगरानी कर रहा है और अगर संबंधित करदाता अपना बकाया जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी अंतिम नीलामी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी।
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सरकार ने व्यापारियों को पुराने बकाये चुकाने में मदद करने के लिए वन टाइम स्कीम (ओटीसी) की अवधि बढ़ाई है बावजूद इसके राशि जमा न करवाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास ओटीसी के तहत जीएसटी व्यवस्था से पहले के उनके बकायों का आसानी से निपटान करने का अवसर है।
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उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी बकाया राशि का जल्द निपटान करें और अपनी संपत्तियों की आगे नीलामी से बचाने के लिए योजना का लाभ उठाएं। 18 फरवरी तक कुछ संपत्तियों की पहले ही नीलामी की जा चुकी है जिसके परिणामस्वरूप 15.27 करोड़ की वसूली की गई है। इसके अलावा 33.77 करोड़ की 35 संपत्तियों को बेचने की अनुमति दे दी है। इनमें से 13.68 करोड़ की 21 संपत्तियों की नीलामी की तारीख भी फाइनल हो गई है।
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वहीं जिला अधिकारियों ने अपने स्तर पर 15 संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई शुरू की गई है जिनकी बिक्री के लिए औपचारिक अनुमति फिलहाल प्रक्रिया अधीन है। उन्होंने कहा कि वसूली सुनिश्चित करने के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं जो 10.61 करोड़ की 24 संपत्तियों के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के स्तर पर लंबित हैं।
चीमा ने चेतावनी दी कि कर विभाग वसूली प्रक्रिया की निकट निगरानी कर रहा है और अगर संबंधित करदाता अपना बकाया जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी अंतिम नीलामी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी।